लखनऊ (08 फ़रवरी 2026)। भर्ती प्रक्रियाओं में सबसे थकाऊ चरण माना जाने वाला डॉक्यूमेंट वैरिफिकेशन अब आसान होने जा रहा है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने निर्णय लिया है कि मुख्य परीक्षा के बाद शॉर्टलिस्ट अभ्यर्थियों को अभिलेख परीक्षण के लिए आयोग कार्यालय नहीं बुलाया जाएगा। इसके बजाय अभ्यर्थी अपने प्रमाण-पत्र आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर सकेंगे।
इस सुविधा के लिए एनआईसी के सहयोग से एक नया ऑनलाइन मॉड्यूल विकसित किया जा रहा है। विस्तृत दिशा-निर्देश जल्द जारी होंगे।
कैसे बदलेगी डॉक्यूमेंट वैरिफिकेशन की प्रक्रिया
अब तक की व्यवस्था में शॉर्टलिस्ट अभ्यर्थियों को सभी मूल प्रमाण-पत्र, अभिलेख और उनकी स्वहस्ताक्षरित प्रतियां लेकर लखनऊ स्थित आयोग कार्यालय पहुंचना पड़ता था। दूरदराज जिलों से आने वाले उम्मीदवारों के लिए यह समय, खर्च और असुविधा—तीनों का कारण बनता था।
नई व्यवस्था के तहत:
- अभ्यर्थी प्रमाण-पत्र ऑनलाइन अपलोड करेंगे
- अर्हता, आरक्षण और अन्य दावों से जुड़े दस्तावेज पोर्टल पर जमा होंगे
- इन्हीं अपलोड अभिलेखों के आधार पर आगे की चयन प्रक्रिया चलेगी
अपलोड केवल आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ही स्वीकार होंगे:
https://upsssc.gov.in
शॉर्टलिस्टिंग के बाद क्या होगा
आयोग सचिव अवनीश सक्सेना के अनुसार, प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) के स्कोर के आधार पर अभ्यर्थियों को मुख्य लिखित परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाता है। मुख्य परीक्षा के बाद अर्हता-अभिलेख परीक्षण के लिए फिर शॉर्टलिस्टिंग होती है। अब यही चरण पूरी तरह ऑनलाइन होने जा रहा है।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि:
- परिणाम में शामिल होना,
- दस्तावेज अपलोड कर देना,
- या किसी चरण में शामिल होना
इनमें से कोई भी बात अंतिम चयन का दावा नहीं बनेगी।
अपलोड किए गए दस्तावेजों की स्वीकृति या अस्वीकृति पर आयोग का निर्णय अंतिम होगा।
अभ्यर्थियों के लिए क्या फायदे
- यात्रा और ठहरने का खर्च बचेगा
- समय की बचत होगी
- दस्तावेज प्रबंधन अधिक पारदर्शी होगा
- प्रक्रिया तेज और सुव्यवस्थित बनेगी
ग्रामीण और दूरस्थ जिलों के अभ्यर्थियों के लिए यह बदलाव विशेष राहत लेकर आएगा।
क्या करें अभ्यर्थी
- अपने सभी प्रमाण-पत्रों की स्पष्ट स्कैन कॉपी तैयार रखें
- आरक्षण, निवास, शैक्षिक योग्यता से जुड़े दस्तावेज व्यवस्थित करें
- आयोग की वेबसाइट पर जारी होने वाले निर्देशों पर नजर रखें
यह बदलाव भर्ती प्रक्रिया को डिजिटल और सरल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।








