लखनऊ/24 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश में प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET)-2026 को निष्पक्ष, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रदेश सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा की शुचिता, पारदर्शिता और अभ्यर्थियों की सुविधा के मामले में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने महिला अभ्यर्थियों की सुरक्षा, सुगम यातायात, परीक्षा केंद्रों की निगरानी और सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर विशेष सतर्कता बरतने को कहा।
UPSSSC PET 2026: 60 जिलों में 1,372 परीक्षा केंद्र
समीक्षा बैठक में दी गई जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की PET-2026 परीक्षा 25 अक्टूबर, 30 अक्टूबर और 1 नवंबर को आयोजित की जानी है। परीक्षा छह पालियों में संपन्न कराने की योजना है।
परीक्षा से जुड़े प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं:
- परीक्षा केंद्र: प्रदेश के 60 जनपदों में 1,372 केंद्र।
- कुल पंजीकृत अभ्यर्थी: 35,41,297।
- परीक्षा की पालियां: कुल छह।
- प्रति पाली की व्यवस्था: लगभग 5.90 लाख अभ्यर्थियों के लिए।
- निगरानी व्यवस्था: आयोग मुख्यालय में कमांड कंट्रोल रूम।
आयोग के कमांड कंट्रोल रूम से परीक्षा केंद्रों की कैमरों के जरिए लाइव निगरानी की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य परीक्षा के दौरान व्यवस्थाओं पर नजर रखना और किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
महिला अभ्यर्थियों की सुरक्षा पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परीक्षा देने आने वाली महिला अभ्यर्थियों की सुरक्षा और सुविधा पर विशेष ध्यान दिया जाए। रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, प्रमुख मार्गों, होटलों, धर्मशालाओं और रैन बसेरों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया है।
परीक्षा के दौरान बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के एक साथ आवागमन को देखते हुए भीड़ नियंत्रण और यातायात प्रबंधन को भी महत्वपूर्ण बताया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में अनावश्यक परेशानी न हो।
इसके लिए अतिरिक्त बसों और ट्रेनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। परिवहन विभाग और रेलवे से समन्वय बनाकर परीक्षा की तारीखों पर यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने की तैयारी की जा रही है।
परीक्षा केंद्रों पर मजिस्ट्रेट और पुलिस की रहेगी निगरानी
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों पर सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती समय से सुनिश्चित की जाए। परीक्षा से जुड़े सभी कार्मिकों को उनकी जिम्मेदारियों के संबंध में समुचित प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया गया।
परीक्षा सामग्री और गोपनीय अभिलेखों की सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम करने को कहा गया है। अधिकारियों को पूरी प्रक्रिया के दौरान सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री का जोर इस बात पर रहा कि परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के साथ प्रशासनिक स्तर पर भी ऐसी व्यवस्था हो, जिससे अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की अव्यवस्था का सामना न करना पड़े।
सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई
PET-2026 को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली भ्रामक सूचनाओं और अफवाहों पर भी मुख्यमंत्री ने चिंता जताई। उन्होंने पुलिस तंत्र को सक्रिय रखते हुए ऐसी सामग्री पर सतर्क निगरानी रखने और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान पेपर लीक, परीक्षा तिथि में बदलाव या फर्जी प्रवेश पत्र जैसी अपुष्ट खबरें अभ्यर्थियों के बीच भ्रम पैदा कर सकती हैं। ऐसे में अभ्यर्थियों को भी सलाह है कि परीक्षा से संबंधित किसी सूचना पर भरोसा करने से पहले आयोग की आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत घोषणाओं से उसकी पुष्टि करें।
बिजली, सफाई और खान-पान की व्यवस्था पर भी निर्देश
मुख्यमंत्री ने परीक्षा केंद्रों पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों के आसपास, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और टेंपो स्टैंड पर साफ-सफाई बनाए रखने के लिए विशेष टीमें तैनात करने के निर्देश दिए गए।
अभ्यर्थियों को खान-पान की वस्तुएं निर्धारित दरों पर उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों से कहा गया कि परीक्षा देने आए युवाओं से किसी तरह की अनुचित या अधिक वसूली न होने पाए।
इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य केवल परीक्षा का संचालन करना नहीं, बल्कि दूर-दराज के जिलों से आने वाले अभ्यर्थियों को भी सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल उपलब्ध कराना है।
नौ जिलों में हर पाली में 15 हजार से अधिक अभ्यर्थी
बैठक में बताया गया कि आगरा, अलीगढ़, झांसी, गोरखपुर, गाजियाबाद, लखनऊ, मेरठ, मुरादाबाद और प्रयागराज में प्रत्येक पाली के दौरान 15 हजार से अधिक अभ्यर्थियों के परीक्षा देने की व्यवस्था है।
इन जिलों में अभ्यर्थियों की अधिक संख्या को देखते हुए यातायात, भीड़ प्रबंधन और परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने की सुविधाओं पर विशेष ध्यान देना होगा। मुख्यमंत्री ने अधिक परीक्षार्थियों वाले जिलों के जिलाधिकारियों से तैयारियों की जानकारी भी ली और व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करने को कहा।
अभ्यर्थियों से अपील: समय से पहुंचें और आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें
PET-2026 में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा केंद्र तक समय से पहुंचने, प्रवेश पत्र पर दिए गए निर्देशों का पालन करने और आवश्यक दस्तावेज साथ रखने की तैयारी करना महत्वपूर्ण है। परीक्षा तिथि, पाली, केंद्र और प्रवेश संबंधी नियमों में किसी बदलाव की जानकारी केवल आधिकारिक स्रोत से ही प्राप्त करें।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि PET-2026 का आयोजन सुरक्षित, शांतिपूर्ण, पारदर्शी और सुव्यवस्थित तरीके से होना चाहिए। अब परीक्षा की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि आयोग, जिला प्रशासन, पुलिस और परिवहन विभाग मिलकर तैयारियों को जमीन पर कितनी प्रभावी ढंग से लागू करते हैं।










