लखनऊ, 29 जनवरी 2026: उत्तर प्रदेश सरकार ने आज युवा प्रतियोगी परीक्षार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा और समयोचित निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सीएम फेलो लाभ (CM Fellow Benefit) के तहत अब UPPSC (उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग) तथा UPSSSC (उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग) की आगामी भर्तियों में अभ्यर्थियों को आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट के साथ-साथ उनके प्रासंगिक अनुभव के आधार पर अतिरिक्त भारांक भी दिया जाएगा।
यह कदम गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में पारित किया गया और इसे युवाओं के हित में एक ऐतिहासिक निर्णय बताया जा रहा है।
सीएम फेलो लाभ का उद्देश्य और असर
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि सीएम फेलो लाभ का मुख्य लक्ष्य उन युवा प्रतिभाओं को प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में मजबूती प्रदान करना है, जिनके पास प्रशासनिक क्षेत्र में अनुभव है या जो पहले आयु-सीमा की बाधा के कारण परीक्षा नहीं दे पा रहे थे।
मुख्यमंत्री के प्रवक्ता ने कहा,
“यह निर्णय हमारी प्रतियोगी युवाओं को एक नई दिशा और विश्वस्तरीय अवसर देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब अनुभव धारकों को भी उचित मान्यता मिल सकेगी।”
इस बदलाव के साथ अब:
- आयु सीमा में 3 वर्ष की छूट — उन युवाओं को मिलेगा जो पूर्व में निर्धारित अधिकतम आयु के करीब हैं और उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता उच्च है।
- अनुभव के आधार पर भारांक (वेटेज) — प्रशासनिक या सार्वजनिक सेवा के क्षेत्र में अनुभव रखने वाले अभ्यर्थियों को अतिरिक्त अंक मिलेंगे, जिससे उनकी रैंकिंग में सुधार संभव हो पाएगा।
इन संशोधनों के तहत पात्र उम्मीदवार अब बेहतर आत्मविश्वास के साथ परीक्षाओं में बैठ सकेंगे, और राज्य प्रशासन में अपनी भूमिका निभाने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।
युवा सशक्तिकरण की ओर बड़ा प्रयास
विश्लेषकों का मानना है कि यह पहल अकेले भर्तियों में छूट देने तक सीमित नहीं रहेगी। इससे प्रतियोगिता के परिदृश्य में सकारात्मक बदलाव आएंगे — खासकर ऐसे युवाओं में, जो अनुभव के कारण अपनी योग्यता साबित नहीं कर पाते थे।
एक सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा,
“सीएम फेलो लाभ जैसी योजनाएँ युवा शक्ति को सशक्त करेंगी और प्रतियोगी परीक्षाओं में अवसरों की समानता लाएंगी। यह कदम न्यायपूर्ण और भविष्य-उन्मुख है।”
प्रदेश के विभिन्न छात्र संघों और युवा मंचों ने भी इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका मानना है कि इससे आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश प्रशासन में ऐसे युवा अधिक सक्रिय रूप से शामिल होंगे, जिनके पास विविध अनुभव और क्षमता है।
क्या मिलता है उम्मीदवार को?
| फ़ायदा | विवरण |
|---|---|
| आयु सीमा छूट | मानक अधिकतम आयु में 3 वर्ष की अतिरिक्त सीमा |
| अनुभव वेटेज | प्रशासनिक/सार्वजनिक सेवा के अनुभव पर अतिरिक्त अंक |
| प्रतियोगिता में बेहतर अवसर | अनुभवी एवं आयु-सीमा के कारण अर्ह उम्मीदवारों का सशक्त प्रतियोगी खड़ा होना |
इस निर्णय से स्पष्ट संकेत मिलता है कि उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं के शैक्षिक, प्रशासनिक और व्यावसायिक विकास को प्राथमिकता दे रही है। सीएम फेलो लाभ अब एक प्रमुख चर्चा का विषय बन चुका है, और इसे युवा-हितैषी प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण घोषणा के रूप में देखा जा रहा है।











