लखनऊ (Thu, 23 Oct 2025) — उत्तर प्रदेश में अब हर एक्सप्रेस-वे पर 100 किलोमीटर की दूरी पर यात्रियों को त्वरित राहत देने वाली फायर चौकियां दिखाई देंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में Fire Safety Infrastructure को मज़बूत करने के लिए यह बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने सभी एक्सप्रेस-वे पर छोटी लेकिन अत्याधुनिक फायर यूनिट्स स्थापित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी दुर्घटना की स्थिति में गोल्डन आवर के भीतर राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
🔥 फायर सर्विस का होगा पुनर्गठन, 1020 नए पदों की सृजना
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या, औद्योगिक विकास और तेज़ी से बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए अग्निशमन एवं आपात सेवा विभाग का पुनर्गठन आवश्यक है।
नई संरचना के तहत 1020 नए पद सृजित किए जाएंगे — जिनमें 98 राजपत्रित और 922 अराजपत्रित संवर्ग के पद शामिल हैं। इससे न केवल जनशक्ति बढ़ेगी बल्कि आपदा के समय प्रतिक्रिया क्षमता भी दोगुनी हो जाएगी।
🚒 आठ जोनों में विशेष फायर यूनिट्स, हर आपदा से निपटने को तैयार
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश के सभी आठ जोनों में विशेष फायर यूनिट्स गठित की जाएंगी। ये यूनिट्स केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल दुर्घटनाओं के साथ-साथ सुपर हाईराइज बिल्डिंग्स में आग लगने की स्थिति से निपटने में सक्षम होंगी।
इन टीमों को अत्याधुनिक उपकरणों और विशेष प्रशिक्षण से लैस किया जाएगा, ताकि राज्य में एक मजबूत Fire Safety Infrastructure खड़ा हो सके जो अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरे।
🏢 हर जिले में अकाउंट काडर और बेहतर प्रशिक्षण व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने वित्तीय पारदर्शिता और प्रशासनिक क्षमता को बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि हर जिले में अकाउंट काडर की स्थापना की जाए। साथ ही, राज्य अग्निशमन प्रशिक्षण महाविद्यालय में अतिरिक्त पद सृजित कर प्रशिक्षण व अनुसंधान की गुणवत्ता को और बेहतर बनाया जाए।
उन्होंने कहा, “फायर सर्विस को सिर्फ आग बुझाने तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इसे आपदा प्रबंधन, रेस्क्यू ऑपरेशन और आपात सेवा के रूप में विकसित किया जाए।”
✈️ एयरपोर्ट्स पर पहले से तैनात हैं फायर कर्मी
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि कुशीनगर, आजमगढ़, श्रावस्ती, कानपुर नगर, अयोध्या, अलीगढ़, मुरादाबाद, चित्रकूट और सोनभद्र एयरपोर्ट पर पहले ही फायर सर्विस कार्मिकों की तैनाती की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि फायर सर्विस विभाग सीधे जनता की जीवन और संपत्ति की सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए इसकी संरचना ऐसी होनी चाहिए जो “हर परिस्थिति में तत्काल सेवा देने में सक्षम हो।”








