लखनऊ/8 अक्टूबर 2026: उत्तर प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को सरकारी सेवा से जोड़ने की दिशा में एक और कदम बढ़ाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2017 के बाद खेलों को लेकर सकारात्मक माहौल बना है। अब मैदान में प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मान के साथ-साथ राष्ट्र सेवा का अवसर भी मिल रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को उत्तर प्रदेश पुलिस में 470 खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट के जरिए प्रदेश की बदली खेल संस्कृति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रतिभा, उपलब्धि और मेहनत को प्राथमिकता देना ही ‘नए उत्तर प्रदेश’ की नई खेल संस्कृति की पहचान बन रही है।
उत्तर प्रदेश पुलिस में 470 खिलाड़ियों की होगी नियुक्ति
मुख्यमंत्री के अनुसार, कुशल खिलाड़ी कोटे के तहत चयनित 470 खिलाड़ियों को गुरुवार को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। इनमें 43 उप निरीक्षक (नागरिक पुलिस), 295 आरक्षी (नागरिक पुलिस) और 132 आरक्षी (पीएसी) शामिल हैं।
यह नियुक्तियां उन खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं, जिन्होंने खेल के मैदान में अपनी प्रतिभा और उपलब्धियों के दम पर पहचान बनाई है। सरकारी सेवा में अवसर मिलने से खिलाड़ियों को खेल के साथ एक स्थिर और सुरक्षित करियर का विकल्प भी मिलेगा।
2017 से पहले खेल कोटे को लेकर उठते थे सवाल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में वर्ष 2017 से पहले की स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस दौर में खेल कोटा उपेक्षित था और सरकारी भर्तियों में प्रतिभा की बजाय सिफारिश और पहुंच को लेकर चर्चा होती थी।
उनके मुताबिक, पिछले वर्षों में इस व्यवस्था में बदलाव आया है। अब खेल उपलब्धियों को सरकारी सेवा में अवसर से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। यही बदलाव प्रदेश की नई खेल नीति और खेल संस्कृति का हिस्सा बताया जा रहा है।
विभिन्न विभागों में 534 से अधिक खिलाड़ियों की सीधी भर्ती
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने खेल प्रतिभाओं को रोजगार और सुरक्षित भविष्य से जोड़ने का काम किया है। इसके तहत विभिन्न सरकारी विभागों में अब तक 534 से अधिक खिलाड़ियों की सीधी भर्ती हो चुकी है।
उन्होंने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस में 866 अन्य खिलाड़ियों की भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। ऐसे में आने वाले समय में और खिलाड़ियों को पुलिस सेवा में अवसर मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने चयनित खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सरकार का जोर अब खेल प्रतिभाओं को केवल प्रतियोगिताओं और पदकों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें रोजगार और राष्ट्र सेवा के अवसरों से जोड़ने पर है।








