लखनऊ (Sun, 09 Nov 2025) — उत्तर प्रदेश में विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम SIR (Special Intensive Revision) पूरे ज़ोर-शोर से जारी है। प्रदेश भर में तैनात बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने अब तक 3.20 करोड़ से अधिक गणना फॉर्म घर-घर पहुंचाए हैं। इस प्रक्रिया का उद्देश्य है कि 15 नवंबर तक 100% फॉर्म वितरण सुनिश्चित हो जाए, ताकि हर पात्र नागरिक का नाम वोटर लिस्ट में शामिल हो सके।
अब तक का अभियान, रिकॉर्ड आंकड़े
रविवार के दिन बीएलओ ने एक ही दिन में रिकॉर्ड 1.70 करोड़ गणना प्रपत्र वितरित किए। इससे अभियान की रफ्तार में खासा इज़ाफा हुआ है। चुनाव आयोग की ओर से सभी 75 जिलों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि फॉर्म वितरण में किसी तरह की ढिलाई न बरती जाए। वितरण की प्रगति को रियल टाइम (Real-Time) में ऑनलाइन अपडेट किया जा रहा है।
प्रदेश में वर्तमान में 15.44 करोड़ पंजीकृत मतदाता हैं, लेकिन आयोग का लक्ष्य है कि योग्य और अनरजिस्टर्ड नागरिकों के नाम भी शामिल हों और अपात्र लोगों को समय रहते सूची से बाहर किया जा सके।
चुनाव आयोग का सख्त रुख
चुनाव आयोग ने पुन: स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने, पुराने नाम हटाने या सूची संशोधित करने के काम में पूरी तरह से निष्पक्षता और पारदर्शिता बरती जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही या गलत जानकारी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही आयोग ने सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं का तत्काल तथ्यपरक उत्तर देने की भी हिदायत दी है। उद्देश्य साफ है — जनता तक सही जानकारी पहुंचे और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी बढ़े।
BLO की भूमिका और चुनौती
राज्य के अधिकांश जिलों में गणना फॉर्म वितरण सुचारू रूप से चल रहा है। हालांकि कुछ स्थानों पर गति धीमी है, जिसके लिए अब विशेष निगरानी बैठकों का सहारा लिया जा रहा है।
इस अभियान में बीएलओ की भूमिका अहम है, क्योंकि वे सीधे तौर पर आम जनता से जुड़े हैं। जिसके मद्देनज़र अतिरिक्त BLO तैनात किए जा रहे हैं, ताकि किसी घर तक फॉर्म पहुंचने में देरी न हो।
आगे क्या?
अगर सब कुछ योजना के अनुरूप रहा तो 15 नवंबर तक SIR अभियान के अंतर्गत 100% गणना फॉर्म वितरण का लक्ष्य हासिल हो जाएगा। इसके बाद सभी फॉर्म की डिजिटली स्क्रूटनी होगी, और वोटर लिस्ट अपडेट कर 5 जनवरी 2026 को अंतिम संस्करण प्रकाशित कर दिया जाएगा।







