वाराणसी/24 अक्टूबर 2026: नई दिल्ली और वाराणसी के बीच प्रस्तावित स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। ट्रेन की नई रैक शुक्रवार रात वाराणसी जंक्शन पहुंची, जहां इसे देखने के लिए यात्रियों और स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 31 अक्टूबर को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा ट्रेन का उद्घाटन प्रस्तावित है। हालांकि, उद्घाटन कार्यक्रम की आधिकारिक पुष्टि होने के बाद ही इसकी अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।
इस कार्यक्रम के दौरान दो मेमू ट्रेनों समेत तीन अन्य ट्रेनों को भी शुरू करने की तैयारी की चर्चा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना भी जताई जा रही है।
Vande Bharat Sleeper Train की नई रैक वाराणसी पहुंची
रायबरेली स्थित कोच फैक्ट्री से रवाना हुई स्लीपर वंदे भारत की नई रैक शुक्रवार रात करीब आठ बजे वाराणसी जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर चार पर पहुंची। ट्रेन के स्टेशन पर आते ही उसे देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई। रेलवे के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और रैक का जायजा लिया।
इस ट्रेन की खासियत यह है कि इसमें लंबी दूरी की यात्रा के लिए सोने की सुविधा उपलब्ध होगी। यही वजह है कि लोगों में इसके एसी प्रथम, एसी द्वितीय और एसी तृतीय श्रेणी के कोचों तथा बर्थ की व्यवस्था को लेकर खास दिलचस्पी दिखाई दी।
31 अक्टूबर को उद्घाटन की तैयारी, रेल मंत्री के आने की चर्चा
नई रैक के वाराणसी पहुंचने के बाद 31 अक्टूबर को प्रस्तावित उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर तैयारियों की चर्चा तेज हो गई है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के हाथों ट्रेन को हरी झंडी दिखाए जाने का कार्यक्रम प्रस्तावित बताया जा रहा है।
बनारस रेल मंडल के प्रबंधक आशीष जैन ने शुक्रवार को बनारस स्टेशन पहुंचकर काफी देर तक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उनके निरीक्षण को प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, निरीक्षण को लेकर रेलवे की ओर से आधिकारिक तौर पर कार्यक्रम की पुष्टि की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
Vande Bharat Sleeper Train में होंगे 16 कोच
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नई दिल्ली-वाराणसी स्लीपर वंदे भारत रैक में कुल 16 कोच होंगे। ट्रेन में अलग-अलग श्रेणियों के यात्रियों के लिए बर्थ की व्यवस्था दी गई है।
ट्रेन से जुड़ी प्रमुख जानकारियां:
- कुल कोच: 16
- एसी थ्री टियर: 611 सीटें
- एसी टू टियर: 188 सीटें
- अधिकतम डिजाइन गति: 160 किलोमीटर प्रति घंटा
- बताई गई परिचालन गति: 130 किलोमीटर प्रति घंटा
इन आंकड़ों के आधार पर ट्रेन में लंबी दूरी के यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाओं के साथ यात्रा का विकल्प उपलब्ध कराने की योजना है। हालांकि, सीटों की अंतिम संख्या, समय-सारिणी और नियमित परिचालन से संबंधित विवरण रेलवे की आधिकारिक अधिसूचना से सत्यापित किए जाने चाहिए।
प्रयागराज और कानपुर में भी होगा ठहराव
प्रस्तावित मार्ग के अनुसार, नई दिल्ली और वाराणसी के बीच ट्रेन का ठहराव प्रयागराज और कानपुर में होगा। इससे इन शहरों के यात्रियों को भी स्लीपर वंदे भारत से यात्रा करने का अवसर मिल सकता है।
प्रस्तावित ठहराव इस प्रकार हैं:
- वाराणसी
- प्रयागराज
- कानपुर
- नई दिल्ली
ट्रेन के नियमित संचालन की तारीख, आगमन-प्रस्थान का समय और टिकट बुकिंग की जानकारी रेलवे की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।
यात्रियों को क्या होगा फायदा?
नई दिल्ली और वाराणसी के बीच स्लीपर वंदे भारत शुरू होने से लंबी दूरी की रेल यात्रा के लिए आधुनिक विकल्प उपलब्ध हो सकता है। खासकर रात में यात्रा करने वाले यात्रियों को स्लीपर कोच की सुविधा से लाभ मिलने की उम्मीद है।
वाराणसी धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से देश के प्रमुख शहरों में शामिल है। दिल्ली से यहां आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या को देखते हुए इस तरह की ट्रेन की शुरुआत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, यात्रा में लगने वाला समय और वास्तविक सुविधा नियमित परिचालन तथा घोषित समय-सारिणी पर निर्भर करेगी।
फिलहाल वाराणसी पहुंची नई रैक ने प्रस्तावित सेवा को लेकर उत्सुकता बढ़ा दी है। अब यात्रियों की नजर 31 अक्टूबर को होने वाली संभावित उद्घाटन घोषणा और रेलवे की ओर से जारी होने वाली आधिकारिक जानकारी पर रहेगी।












