गोरखपुर/20 अक्टूबर 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विजयादशमी के अवसर पर अयोध्या की श्रीराम जन्मभूमि का उल्लेख करते हुए कहा कि करीब 500 वर्ष पहले उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाई गई थी। उन्होंने कहा कि जब भारत कमजोर होता है, तब उसकी सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत पर आघात होता है। मुख्यमंत्री ने सामाजिक एकता, राष्ट्र की मजबूती और सनातन परंपरा के संरक्षण पर जोर देते हुए लोगों से जाति, क्षेत्र और भाषा के आधार पर समाज को बांटने वाली प्रवृत्तियों से सतर्क रहने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री मंगलवार शाम गोरखपुर के मानसरोवर रामलीला मैदान में श्री श्री रामलीला समिति, आर्यनगर की ओर से आयोजित भगवान श्रीराम के राजतिलक समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं और सत्य, धर्म तथा सामाजिक समरसता का संदेश दिया।
विजयादशमी पर सीएम योगी का बयान, सामाजिक एकता पर जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शारदीय नवरात्रि के बाद आने वाला विजयादशमी का पर्व सनातन धर्म का प्रमुख उत्सव है। उन्होंने भगवान श्रीराम के जीवन और उनके आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि श्रीहरि विष्णु ने अयोध्या में राजा दशरथ के ज्येष्ठ पुत्र के रूप में जन्म लेकर अन्याय और अधर्म के विरुद्ध संघर्ष का संदेश दिया।
सीएम योगी ने आरोप लगाया कि जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज को बांटने वाले लोग सामाजिक एकता को कमजोर करते हैं। उनके अनुसार, ऐसी विभाजनकारी प्रवृत्तियों का असर देश की एकजुटता और राष्ट्रीय शक्ति पर पड़ता है।
उन्होंने लोगों से आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को प्राथमिकता देने की अपील की। विजयादशमी के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीराम के आदर्शों को याद करते हुए सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
राम जन्मभूमि का उल्लेख कर बोले, भारत कमजोर होने पर विरासत पर पड़ता है असर
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने अयोध्या की श्रीराम जन्मभूमि का जिक्र करते हुए कहा कि लगभग 500 वर्ष पहले उसकी गरिमा को अपमानित किया गया था। उन्होंने कहा कि देश की राजनीतिक और सामाजिक कमजोरी का असर उसकी सांस्कृतिक विरासत पर भी पड़ता है।
सीएम योगी ने राम जन्मभूमि के साथ कृष्ण जन्मभूमि, काशी विश्वनाथ मंदिर और सोमनाथ मंदिर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत की मजबूती उसकी सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक गौरव को सुरक्षित रखने के लिए महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण को राम जन्मभूमि की गरिमा की पुनर्स्थापना से जोड़कर प्रस्तुत किया। उनके अनुसार, मंदिर निर्माण भारत की सांस्कृतिक पहचान और आस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।
राम मंदिर के विरोधियों पर सीएम योगी ने साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में उन लोगों की आलोचना की, जिन पर उन्होंने अयोध्या और श्रीराम मंदिर के बारे में दुष्प्रचार करने तथा भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।
उन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान रामभक्तों पर अत्याचार करने वालों और वर्तमान में राम नाम का उद्घोष करने वालों के बीच विरोधाभास का जिक्र किया। इसी संदर्भ में उन्होंने कालनेमि का उदाहरण देते हुए लोगों से ऐसे व्यक्तियों को पहचानने की अपील की।
सीएम योगी ने कहा कि बजरंगबली की तरह सजग रहकर समाज को भ्रम फैलाने वाली प्रवृत्तियों से सावधान रहना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारत की छवि और एकता को प्रभावित करने वाली ताकतें देश के भीतर और विदेश से भी सक्रिय हैं।
ये आरोप मुख्यमंत्री के संबोधन का हिस्सा थे। संबंधित व्यक्तियों या संगठनों के बारे में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए स्वतंत्र प्रमाण और संदर्भ का होना आवश्यक है।
धर्म, समाज और राष्ट्र की सुरक्षा को बताया एक-दूसरे से जुड़ा
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की सुरक्षा और मजबूती समाज के भविष्य से जुड़ी हुई है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, ‘देश है तो धर्म है और धर्म है तो हम सब हैं।’
उन्होंने सनातन परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत विभिन्न जातियों, संप्रदायों और मतों को सुरक्षा देने तथा बिना भेदभाव समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश देती है।
सीएम योगी के अनुसार, किसी व्यक्ति, समाज या समुदाय की सुरक्षा के लिए देश की एकता और स्थिरता महत्वपूर्ण है। उन्होंने सामाजिक विभाजन से बचने और राष्ट्रीय हितों के प्रति जिम्मेदारी निभाने की अपील की।
विजयादशमी का संदेश: सत्य, धर्म और एकता की राह पर चलें
गोरखपुर के मानसरोवर रामलीला मैदान में आयोजित भगवान श्रीराम के राजतिलक समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संबोधन धार्मिक आस्था, राम जन्मभूमि, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय एकता जैसे मुद्दों पर केंद्रित रहा।
विजयादशमी का पर्व परंपरागत रूप से असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक माना जाता है। मुख्यमंत्री ने इसी संदेश को आगे रखते हुए लोगों से भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाने, सामाजिक एकता बनाए रखने और राष्ट्र की मजबूती के लिए योगदान देने का आह्वान किया।









