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यमुना एक्सप्रेसवे टॉय पार्क में रफ्तार: 143 भूखंड आवंटित, 76 निवेशकों को पजेशन

On: February 7, 2026
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यमुना एक्सप्रेसवे टॉय पार्क में रफ्तार
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लखनऊ (Sat, 07 Feb 2026)। यमुना एक्सप्रेसवे टॉय पार्क अब कागज़ी योजना से आगे बढ़कर ज़मीन पर आकार लेता दिख रहा है। औद्योगिक सेक्टर-33 में 100 एकड़ पर विकसित इस पार्क में निवेश और निर्माण—दोनों मोर्चों पर उल्लेखनीय प्रगति दर्ज हुई है। कुल 154 नियोजित औद्योगिक भूखंडों में से 143 का आवंटन पूरा हो चुका है, जो बताता है कि खिलौना विनिर्माण के लिए यह क्लस्टर निवेशकों के भरोसे का केंद्र बन रहा है।

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की ताज़ा प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, 143 आवंटित भूखंडों में से 124 निवेशकों ने लीज प्लान जमा कर दिए हैं, जबकि 19 मामलों में दस्तावेज़ लंबित हैं। प्राधिकरण ने इन निवेशकों को एक माह के भीतर आवश्यक कागज़ात उपलब्ध कराने को कहा है। अब तक 120 आवंटियों को चेकलिस्ट जारी की जा चुकी है और 4 मामलों में यह प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

76 निवेशकों को पजेशन, 108 लीज डीड निष्पादित

जमीनी प्रगति का सबसे ठोस संकेत पजेशन और लीज डीड के आँकड़ों से मिलता है। 108 निवेशकों के पक्ष में लीज डीड का निष्पादन पूरा हो चुका है, जबकि 76 निवेशकों को विधिवत पजेशन भी दे दिया गया है। निर्माण गतिविधियों में भी हलचल दिख रही है—15 इकाइयों के भवन मानचित्र स्वीकृत हो चुके हैं और 4 औद्योगिक इकाइयों में निर्माण कार्य शुरू हो गया है।

दूसरे चरण की तैयारी: 11 में से 4 भूखंड उपलब्ध

द्वितीय चरण में प्रस्तावित 11 भूखंडों में से 4 की भूमि उपलब्ध कराकर नई योजना के तहत प्रकाशित किया गया है। शेष 7 भूखंड (कुल 6.71 एकड़) अभी आवंटन से शेष हैं। इनके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज़ की गई है, ताकि इन्हें भी शीघ्र निवेशकों के लिए खोला जा सके।

आधुनिक औद्योगिक इकोसिस्टम: CFC से लॉजिस्टिक्स तक

यमुना एक्सप्रेसवे टॉय पार्क का खाका सिर्फ प्लॉट आवंटन तक सीमित नहीं है। योजना में कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC), डिजाइन सपोर्ट, पैकेजिंग, टेस्टिंग लैब, वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स जैसी बुनियादी सुविधाओं का विकास शामिल है। प्रस्तावित इकाइयों में प्लास्टिक, लकड़ी, फैब्रिक, धातु और इलेक्ट्रॉनिक खिलौनों के निर्माण से जुड़ी गतिविधियाँ होंगी।

इसके साथ ही एमएसएमई और स्टार्टअप्स को जोड़ने, कौशल विकास को बढ़ावा देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन की स्पष्ट परिकल्पना की गई है। उद्देश्य यह है कि यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र एक संगठित, तकनीक-सक्षम खिलौना औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरे—जहाँ उत्पादन, परीक्षण, पैकेजिंग और वितरण एक ही इकोसिस्टम में संभव हो।

निवेशकों का भरोसा, क्षेत्र की नई पहचान

तेज़ आवंटन, समयबद्ध लीज प्रक्रियाएँ और शुरुआती निर्माण—ये संकेत बताते हैं कि यमुना एक्सप्रेसवे टॉय पार्क निवेशकों के लिए सिर्फ अवसर नहीं, भरोसे का पता बन रहा है। यदि वर्तमान रफ्तार बनी रहती है, तो निकट भविष्य में यह क्लस्टर उत्तर भारत में खिलौना उद्योग का प्रमुख हब बन सकता है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था, कौशल और रोजगार—तीनों को समान गति मिलेगी।

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