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गोरखपुर में बोले योगी आदित्यनाथ- समाज को बांटने वाले रावण से प्रेरित, कहा- सनातन ही सबकी सुरक्षा का आधार

On: October 20, 2026
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गोरखपुर में बोले योगी आदित्यनाथ- समाज को बांटने वाले रावण से प्रेरित
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गोरखपुर/20 अक्टूबर 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में विजयादशमी के अवसर पर सामाजिक एकता, सनातन धर्म और देश की मजबूती को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज को बांटने वाले लोग रावण की विचारधारा से प्रेरित हैं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भारत की एकता और मजबूती से परेशान ताकतें देश के भीतर और बाहर से दुष्प्रचार कर रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत की सुरक्षा, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं।

योगी आदित्यनाथ मंगलवार शाम मानसरोवर रामलीला मैदान में श्री श्री रामलीला समिति, आर्यनगर की ओर से आयोजित भगवान श्रीराम के राजतिलक समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं और भगवान श्रीराम के आदर्शों के माध्यम से सामाजिक एकता का संदेश दिया।

योगी आदित्यनाथ का गोरखपुर में बयान, समाज को बांटने वालों पर निशाना

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज की एकता को खंडित करके भारत को कमजोर करना चाहते हैं, वे रावण की विचारधारा से प्रेरित हैं। उन्होंने रावण का उदाहरण देते हुए कहा कि समाज को बांटने वाली प्रवृत्तियां देश की एकजुटता के लिए नुकसानदेह हैं।

योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि भारत की एकता और मजबूती से परेशानी महसूस करने वाली ताकतें देश के बारे में दुष्प्रचार कर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि ऐसी ताकतें देश के भीतर भी मौजूद हैं और विदेश से भी उन्हें प्रायोजित किया जाता है।

मुख्यमंत्री ने लोगों से ऐसी गतिविधियों के प्रति सतर्क रहने और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की अपील की। उनके संबोधन में राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा प्रमुख विषय रहे।

भारत कमजोर होता है तो धार्मिक विरासत पर पड़ता है असर: सीएम योगी

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने अयोध्या की श्रीराम जन्मभूमि, कृष्ण जन्मभूमि, काशी विश्वनाथ मंदिर और सोमनाथ मंदिर का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जब भारत कमजोर होता है, तब उसकी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नुकसान पहुंचता है।

योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि देश की कमजोरी का असर नारी गरिमा पर पड़ता है। इसके विपरीत, मजबूत भारत अपनी ऐतिहासिक पहचान और सांस्कृतिक गौरव को पुनर्स्थापित करने में सक्षम होता है।

उन्होंने अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर के निर्माण का जिक्र करते हुए इसे 500 वर्ष पहले आहत हुई गरिमा की पुनर्स्थापना से जोड़ा। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मंदिर निर्माण को भारत की सांस्कृतिक विरासत के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

राम मंदिर को लेकर दुष्प्रचार करने वालों पर लगाए आरोप

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कुछ लोग अयोध्या और श्रीराम मंदिर के बारे में भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर के विरोध और राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान रामभक्तों पर हुई कार्रवाई से जुड़े लोग भी अब राम नाम का उद्घोष कर रहे हैं।

इस संदर्भ में उन्होंने पौराणिक पात्र कालनेमि का उदाहरण दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कालनेमि भी राम का नाम लेता था और लोगों को ऐसे व्यक्तियों को पहचानने के लिए सजग रहना चाहिए। उन्होंने इसके लिए बजरंगबली के आदर्श का उल्लेख किया।

सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या में दीपोत्सव और श्रीराम मंदिर के निर्माण जैसी गतिविधियां भारत की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी हैं। उनके अनुसार, इन्हीं विषयों को लेकर कुछ लोग दुष्प्रचार करते हैं। ये आरोप मुख्यमंत्री के भाषण का हिस्सा हैं; संबंधित दावों का स्वतंत्र सत्यापन अलग से किया जाना चाहिए।

‘देश है तो धर्म है’, सनातन परंपरा को बताया सुरक्षा का आधार

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि देश की सुरक्षा और धर्म की रक्षा एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा, ‘देश है तो धर्म भी है। धर्म है तो हम सब भी हैं।’

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोई व्यक्ति, समाज या जाति तब तक पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो सकती, जब तक भारत सुरक्षित नहीं है। उन्होंने सनातन परंपरा को सामाजिक सुरक्षा और सांस्कृतिक निरंतरता का आधार बताया।

मुख्यमंत्री के अनुसार, भारत की सांस्कृतिक परंपरा विभिन्न जातियों, संप्रदायों, मतों और मजहबों को सुरक्षा देने तथा बिना भेदभाव समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश देती है।

दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में संघर्ष का दिया उदाहरण

अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने दुनिया के विभिन्न हिस्सों में धार्मिक और वैचारिक मतभेदों से जुड़े संघर्षों का भी उल्लेख किया। उन्होंने शिया-सुन्नी विवाद, साम्यवादी विचारधारा से जुड़े मतभेदों और ईसाई समुदायों के बीच संघर्षों का हवाला देते हुए कहा कि भारत की विविधता और सामाजिक एकता महत्वपूर्ण हैं।

उन्होंने दावा किया कि भारत सनातन परंपरा के आधार पर विभिन्न समुदायों को सुरक्षा देने और उन्हें विकास के अवसर उपलब्ध कराने में सक्षम है।

हालांकि, दुनिया के अलग-अलग क्षेत्रों में संघर्षों के कारण अलग-अलग हैं। मुख्यमंत्री की इन टिप्पणियों को उनके राजनीतिक और वैचारिक संबोधन के संदर्भ में समझना चाहिए।

विजयादशमी पर सामाजिक एकता और राष्ट्र की मजबूती का संदेश

गोरखपुर के मानसरोवर रामलीला मैदान में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विजयादशमी के धार्मिक महत्व को सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों से जोड़कर प्रस्तुत किया। उन्होंने भगवान श्रीराम के आदर्शों, अयोध्या में श्रीराम मंदिर, सनातन परंपरा और भारत की एकता का उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री का संदेश था कि जाति, क्षेत्र और भाषा के आधार पर समाज को बांटने के बजाय आपसी एकता और राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। विजयादशमी के अवसर पर उन्होंने लोगों से सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान रखने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का आह्वान किया।

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