राष्ट्रीय उत्तर प्रदेश राज्य अंतरराष्ट्रीय खेल मनोरंजन एजुकेशन बिजनेस राशिफल

---Advertisement---

CM योगी का बड़ा बयान: 2017 से पहले यूपी में अराजकता और विपन्नता थी, राजनीतिक इच्छाशक्ति का अभाव रहा

On: October 23, 2026
Follow Us:
योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान, 2017 से पहले यूपी में अराजकता और विपन्नता थी
---Advertisement---

लखनऊ/23 अक्टूबर 2026: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की स्थिति को लेकर विपक्षी सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संसाधनों और संभावनाओं की कमी नहीं थी, लेकिन राजनीतिक इच्छाशक्ति के अभाव में उनका पूरा लाभ नहीं मिल सका। मुख्यमंत्री के मुताबिक, उस दौर में आम लोगों के बीच हताशा, निराशा और आक्रोश का माहौल था तथा शासन-प्रशासन से जनता का भरोसा कमजोर पड़ गया था।

शुक्रवार को लखनऊ स्थित लोकभवन में मिशन कर्मयोगी के तहत आयोजित ‘साधना श्रृंखला’ की उत्तर क्षेत्रीय कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश में वर्ष 2017 के बाद हुए बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बजट, प्रति व्यक्ति आय, एक्सप्रेसवे, कनेक्टिविटी और गरीब कल्याण की योजनाओं को सरकार की उपलब्धियों के रूप में प्रस्तुत किया।

योगी आदित्यनाथ का बयान: यूपी में संसाधनों की कमी नहीं, इच्छाशक्ति जरूरी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश आबादी के लिहाज से देश का सबसे बड़ा राज्य है। यहां उपजाऊ जमीन, पर्याप्त जल संसाधन और बड़ी युवा आबादी मौजूद है। इसके बावजूद लंबे समय तक प्रदेश अपनी क्षमताओं के अनुरूप विकास नहीं कर सका।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण प्रदेश में अराजकता की स्थिति बनी रही। उनके अनुसार, उत्सव और सांस्कृतिक परंपराओं के लिए पहचाने जाने वाले उत्तर प्रदेश को उपद्रवग्रस्त बनाने के पीछे भी यही परिस्थितियां जिम्मेदार थीं।

मुख्यमंत्री ने क्षमता निर्माण पर जोर देते हुए कहा कि उपलब्ध संसाधनों को वास्तविक उपलब्धियों में बदलने के लिए मजबूत नेतृत्व, बेहतर प्रशासन और स्पष्ट नीतिगत दिशा जरूरी है।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यूपी में विकास का दावा

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले वर्षों के दौरान विकास के कई क्षेत्रों में काम हुआ है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले नागरिकों के साथ-साथ प्रशासनिक मशीनरी के सामने भी पहचान का संकट था।

योगी आदित्यनाथ के मुताबिक, पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश के बजट और प्रति व्यक्ति आय में तीन गुना वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने एक्सप्रेसवे और परिवहन सुविधाओं के विस्तार को भी राज्य में हुए बदलावों का उदाहरण बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले प्रदेश में करीब डेढ़ एक्सप्रेसवे थे, जबकि अब देश के कुल एक्सप्रेसवे में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 60 प्रतिशत है। उन्होंने रेल, सड़क और हवाई संपर्क के क्षेत्र में भी प्रदेश की प्रगति का उल्लेख किया।

2017 से पहले जनता का सिस्टम पर भरोसा कमजोर था: सीएम योगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले आम नागरिकों के बीच हताशा, निराशा और आक्रोश था। लोगों का शासन-प्रशासन से भरोसा उठने लगा था और व्यवस्था नागरिकों की जरूरतों के बजाय सत्ता-केंद्रित दिखाई देती थी।

उन्होंने युवाओं की रोजगार संबंधी चिंताओं का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय सरकारी नौकरियों के विज्ञापन निकलने पर भी युवाओं के मन में आशंकाएं पैदा होती थीं।

मुख्यमंत्री के अनुसार, बड़ी संख्या में गरीब परिवारों को बुनियादी सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ता था और रोजगार तथा आजीविका की तलाश में पलायन करना उनकी मजबूरी बन गया था।

65 लाख आवास और तीन करोड़ शौचालयों का किया उल्लेख

योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में 65 लाख गरीबों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा तीन करोड़ से अधिक शौचालयों के निर्माण और 15 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त राशन योजना का लाभ मिलने की बात कही।

मुख्यमंत्री ने इन योजनाओं को गरीबों के जीवन में बदलाव लाने वाले कदमों के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का उद्देश्य नागरिकों तक सुविधाएं पहुंचाना और प्रशासन को अधिक जनोन्मुखी बनाना है।

मिशन कर्मयोगी में उत्तर प्रदेश को मिला पहला स्थान

कार्यशाला के दौरान मिशन कर्मयोगी में उत्तर प्रदेश को प्रथम, राजस्थान को द्वितीय और जम्मू-कश्मीर को तृतीय स्थान मिलने पर संबंधित राज्यों के अधिकारियों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, क्षमता विकास आयोग (सीबीसी) की अध्यक्ष एस. राधा चौहान, उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल, सीबीसी सदस्य डॉ. अलका मित्तल, सीबीसी सचिव जगदीप गुप्ता और डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (रूपाम) के महानिदेशक एम. देवराज सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

प्रशासनिक क्षमता और जनसेवा पर जोर

मिशन कर्मयोगी का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों की कार्यक्षमता, कौशल और जनसेवा की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है। इस संदर्भ में आयोजित कार्यशाला में प्रशासनिक क्षमता निर्माण और शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में वर्ष 2017 से पहले की परिस्थितियों और उसके बाद हुए बदलावों की तुलना करते हुए विकास, प्रशासनिक सुधार तथा जनकल्याणकारी योजनाओं को रेखांकित किया। उनके बयान का केंद्रीय संदेश यही रहा कि संसाधनों का लाभ जनता तक पहुंचाने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति और जवाबदेह प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now