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बैलेट पेपर से हो रहा चुनाव, न्याय के पक्ष में परिणाम देने की जिम्मेदारी जनता की: सीएम योगी आदित्यनाथ

On: October 17, 2026
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बैलेट पेपर से हो रहा चुनाव, न्याय के पक्ष में परिणाम देने की जिम्मेदारी जनता की
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लखनऊ/17 अक्टूबर 2026: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित शिक्षक-स्नातक सम्मेलन में समाजवादी पार्टी पर शिक्षा व्यवस्था की उपेक्षा करने और शिक्षकों का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश विधान परिषद के शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों का चुनाव बैलेट पेपर से हो रहा है और मतदाताओं को अपने मत के जरिए न्याय के पक्ष में परिणाम देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने शिक्षक और स्नातक मतदाताओं से परिवारवाद तथा वंशवाद की राजनीति को नकारते हुए योग्य और सक्षम प्रतिनिधियों को चुनने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने भाजपा सरकार की शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ युवाओं को रोजगार देने और विभिन्न वर्गों को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।

योगी आदित्यनाथ का शिक्षक-स्नातक सम्मेलन में सपा पर हमला

लखनऊ खंड स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव के मद्देनजर आयोजित शिक्षक-स्नातक सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। सम्मेलन का आयोजन स्नातक क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह और शिक्षक क्षेत्र से प्रत्याशी उमेश द्विवेदी के समर्थन में किया गया था।

कार्यक्रम में क्षेत्रीय अध्यक्ष अवधेश द्विवेदी, भाजपा प्रदेश महामंत्री दिलीप पटेल और दोनों प्रत्याशियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। उन्हें पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र और भगवान श्रीराम की प्रतिमा भेंट की गई।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने शिक्षकों, युवाओं और अधिवक्ताओं से जुड़े मुद्दों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चुनाव में प्रतिनिधि का चयन उसकी योग्यता, क्षमता और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।

‘समाजवादी पार्टी शिक्षा की घोषित दुश्मन’

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी की पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था की उपेक्षा और शिक्षकों का अपमान उसकी राजनीति का हिस्सा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में शिक्षण संस्थानों में पेशेवर गुंडों का दबदबा था और शिक्षकों के हितों की पर्याप्त रक्षा नहीं की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था केवल विद्यालयों और शिक्षकों तक सीमित विषय नहीं है। इसका सीधा संबंध समाज और देश के भविष्य से है। यदि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल और युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर नहीं मिलते, तो इसका असर आने वाली पीढ़ियों पर पड़ता है।

उन्होंने भाजपा सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, शिक्षकों के सम्मान और युवाओं के लिए अवसर पैदा करने की दिशा में काम किया गया है।

‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ के मुकाबले दिया ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’

मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर माफिया को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा, ”समाजवादी पार्टी ने ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ दिया, हमने ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ दिया, ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज’ दिया।”

उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश में जमीनों पर कब्जे और माफिया के प्रभाव की शिकायतें सामने आती थीं। मुख्यमंत्री के अनुसार, भाजपा सरकार ने कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ विकास, निवेश और रोजगार को प्राथमिकता दी है।

उन्होंने मेडिकल कॉलेजों के विस्तार और बेहतर कनेक्टिविटी का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इन प्रयासों से प्रदेश में निवेश का माहौल मजबूत हुआ है और रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।

परिवारवाद और वंशवाद के खिलाफ मतदान की अपील

मुख्यमंत्री ने शिक्षक एवं स्नातक मतदाताओं से भाजपा प्रत्याशी इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह और उमेश द्विवेदी के समर्थन में मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र का प्रतिनिधि ऐसा होना चाहिए, जिसमें लोगों की समस्याओं को उठाने का जज्बा हो और उन्हें प्रभावी ढंग से सामने रखने की क्षमता भी हो।

उन्होंने परिवारवाद और वंशवाद पर निशाना साधते हुए मतदाताओं से ऐसी राजनीति को बढ़ावा नहीं देने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने दोनों प्रत्याशियों को शिक्षकों और स्नातकों के हितों की आवाज उठाने में सक्षम बताया।

बैलेट पेपर से चुनाव, हर मतदाता का वोट महत्वपूर्ण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विधान परिषद का यह चुनाव ईवीएम से नहीं, बल्कि बैलेट पेपर से हो रहा है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे अपने मताधिकार का इस्तेमाल सोच-समझकर करें और न्याय के पक्ष में परिणाम देने की जिम्मेदारी निभाएं।

उन्होंने कहा कि चुनाव में प्रत्येक मत महत्वपूर्ण होता है। इसलिए कार्यकर्ताओं को अति-आत्मविश्वास से बचना चाहिए और मतदाताओं तक लगातार पहुंच बनानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने की प्रवृत्ति का जिक्र करते हुए कहा कि इस चुनाव में मतदाताओं की भूमिका महत्वपूर्ण है।

शिक्षकों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज का दावा

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों और उनके परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के साथ विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेजों तथा स्ववित्तपोषित संस्थानों की विभिन्न श्रेणियों के शिक्षकों और उनके परिवारों को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

उन्होंने कहा कि सरकारी एवं सहायता प्राप्त संस्थानों से जुड़े शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के साथ किसी दुर्घटना या अनहोनी की स्थिति में परिवार को बीमा कवर के माध्यम से 40 लाख रुपये से लेकर 1.5 करोड़ रुपये तक की आर्थिक सहायता देने की व्यवस्था है। मुख्यमंत्री ने रसोइयों के लिए दो लाख रुपये के सुरक्षा बीमा कवर का भी उल्लेख किया।

ऑपरेशन कायाकल्प से स्कूलों में सुविधाएं बढ़ाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और विद्यालयों का बुनियादी ढांचा मजबूत करने के लिए ऑपरेशन कायाकल्प तथा निपुण भारत अभियान के तहत काम किया गया है।

उन्होंने बताया कि स्कूलों में बेहतर कक्षाओं, बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय, पेयजल, स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी और कंप्यूटर कक्ष जैसी सुविधाओं का विस्तार किया गया है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश में बेसिक शिक्षा की ड्रॉपआउट दर 20 प्रतिशत से घटकर तीन प्रतिशत रह गई है, जबकि सैचुरेशन का स्तर 36 प्रतिशत से बढ़कर 96 प्रतिशत हो गया है।

माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने प्रोजेक्ट अलंकार का उल्लेख किया। इसके तहत राजकीय इंटर कॉलेजों, राजकीय बालिका इंटर कॉलेजों, सहायता प्राप्त कॉलेजों और संस्कृत महाविद्यालयों के भवनों के निर्माण तथा सुदृढ़ीकरण की जानकारी दी गई। इन संस्थानों में प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों, स्मार्ट क्लास और अटल टिंकरिंग लैब जैसी सुविधाओं के विस्तार की बात भी कही गई।

मुख्यमंत्री ने अटल आवासीय विद्यालयों, कस्तूरबा गांधी विद्यालयों और आश्रम पद्धति के विद्यालयों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है।

अधिवक्ताओं के लिए पांच लाख रुपये तक स्वास्थ्य बीमा

मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं के हित में उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए कहा कि किसी अधिवक्ता की मृत्यु होने पर उसके परिवार को मिलने वाली सहायता राशि डेढ़ लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये की गई है। उन्होंने बताया कि इस सहायता का लाभ पाने के लिए पहले निर्धारित आयु सीमा 60 वर्ष से कम थी, जिसे बढ़ाकर 70 वर्ष तक किया गया है।

उन्होंने अधिवक्ताओं के लिए पांच लाख रुपये तक कैशलेस स्वास्थ्य बीमा की सुविधा का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों और अधिवक्ताओं समेत विभिन्न वर्गों को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का दावा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रोजगार के मुद्दे पर कहा कि प्रदेश सरकार ने पिछले साढ़े नौ वर्षों में 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र दिए हैं। उन्होंने एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी देने की तैयारी का भी उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता का दावा करते हुए कहा कि युवाओं को योग्यता के आधार पर अवसर देना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने निजी क्षेत्र में निवेश के माध्यम से 65 लाख युवाओं को रोजगार मिलने और प्रदेश में स्टार्टअप की संख्या 24 हजार से अधिक होने की बात भी कही।

उनके अनुसार, प्रदेश में बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और निवेश के अनुकूल माहौल से रोजगार के अवसर बढ़े हैं।

अवनीश सिंह और उमेश द्विवेदी ने भी रखी अपनी बात

सम्मेलन में स्नातक प्रत्याशी इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों के लिए कैशलेस चिकित्सा सहित विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। उन्होंने प्रोजेक्ट अलंकार के जरिए माध्यमिक विद्यालयों के भवनों और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने का भी उल्लेख किया। आउटसोर्सिंग आयोग के गठन को उन्होंने युवाओं के हित में उठाया गया कदम बताया।

वहीं, शिक्षक प्रत्याशी उमेश द्विवेदी ने तदर्थ शिक्षकों के विनियमन और वेतन से जुड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2000 से पहले नियुक्त तदर्थ शिक्षकों के विनियमन के साथ उन्हें वेतन देने का काम किया गया। उनके अनुसार, वर्ष 2000 के बाद नियुक्त शिक्षकों में भी एक वर्ग को वेतन मिल रहा है, जबकि शेष शिक्षकों से संबंधित प्रक्रिया जारी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के दौरान शिक्षकों का सम्मान प्रभावित हुआ था। उमेश द्विवेदी ने कहा कि भाजपा सरकार ने शिक्षकों की प्रतिष्ठा बहाल करने के लिए काम किया है।

क्षेत्रीय अध्यक्ष अवधेश द्विवेदी ने भी स्नातक प्रत्याशी अवनीश सिंह और शिक्षक प्रत्याशी उमेश द्विवेदी के समर्थन में मतदान की अपील की।

सम्मेलन में कई मंत्री और भाजपा नेता रहे मौजूद

कार्यक्रम में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, मनोज पांडे, दिनेश प्रताप सिंह, नितिन अग्रवाल, रजनी तिवारी, राकेश राठौर ‘गुरु’, सुरेश राही और सतीश चंद्र शर्मा सहित कई नेता मौजूद रहे।

इसके अलावा भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष अवधेश द्विवेदी, प्रदेश महामंत्री दिलीप पटेल और संजय राय, प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज सिंह, प्रदेश महामंत्री उपेंद्र रावत, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, स्नातक प्रत्याशी इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह और शिक्षक प्रत्याशी उमेश द्विवेदी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। सम्मेलन में पार्टी पदाधिकारियों, शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में शिक्षक एवं स्नातक मतदाताओं ने भाग लिया।

निष्कर्ष: लखनऊ में आयोजित शिक्षक-स्नातक सम्मेलन के जरिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े सरकारी प्रयासों को सामने रखते हुए भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में मतदान की अपील की। साथ ही उन्होंने समाजवादी पार्टी की नीतियों पर सवाल उठाए और मतदाताओं से योग्य प्रतिनिधि चुनने का आग्रह किया। सम्मेलन का मुख्य संदेश शिक्षक एवं स्नातक मतदाताओं को चुनाव में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना रहा।

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