लखनऊ (Sun, 19 Oct 2025): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 21 अक्टूबर को Police Memorial Day के अवसर पर शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों को सम्मानित करेंगे। यह कार्यक्रम पुलिस लाइन में आयोजित किया जाएगा, जहाँ मुख्यमंत्री शहीदों के परिवारों को श्रृद्धासुमन भेंट कर उनके बलिदान को याद करेंगे।
इस मौके पर राज्य सरकार पुलिस कल्याण के लिए भी कुछ बड़ी घोषणाएँ कर सकती है। पुलिस स्मृति दिवस हर साल उन बहादुर पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देने का दिन है, जिन्होंने समाज और देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर किए।
शहीद पुलिसकर्मियों की वीरगाथा
इस वर्ष के सम्मान में तीन पुलिसकर्मी शामिल हैं, जिन्होंने 1 सितंबर 2024 से 31 अगस्त 2025 के बीच अपने कर्तव्य निभाते हुए वीरगति प्राप्त की। इनमें शामिल हैं:
- एसटीएफ निरीक्षक सुनील कुमार
- मुख्य आरक्षी दुर्गेश कुमार सिंह
- आरक्षी सौरभ कुमार
सुनील कुमार की वीरता
एसटीएफ के निरीक्षक सुनील कुमार, जिन्हें दलनायक भी कहा जाता था, 21 जनवरी 2025 को एक लाख रुपये के इनामी बदमाश अरशद की तलाश में नाकाबंदी कर रहे थे। जैसे ही उन्होंने सफेद ब्रेजा कार रोकने का इशारा किया, बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद सुनील ने अपनी टीम का नेतृत्व जारी रखा और चार बदमाशों को ढेर कर दिया। इलाज के दौरान गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई।
दुर्गेश कुमार सिंह का बलिदान
जौनपुर में तैनात मुख्य आरक्षी दुर्गेश कुमार सिंह 12 मई 2025 को गो-तस्करों के खिलाफ अभियान में एक पिकअप को रोक रहे थे। ड्राइवर ने उनके ऊपर गाड़ी चढ़ा दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में तीन अभियुक्तों को घायल किया, लेकिन दुर्गेश गंभीर रूप से घायल हो गए। वाराणसी के बीएचयू अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने वीरगति प्राप्त की।
सौरभ कुमार की शहादत
गौतमबुद्ध नगर में तैनात आरक्षी सौरभ कुमार 25 मई 2025 को कादिर नामक बदमाश को पकड़ने गाजियाबाद के नहाल गांव गए थे। जैसे ही गिरफ्तारी पूरी हुई, बदमाश का भाई पुलिस पर गोली चलाने लगा। सौरभ कुमार सिर में लगी गोली से मौके पर गिर गए और अस्पताल में उन्हें मृत घोषित किया गया।
मुख्यमंत्री की संभावित घोषणाएँ
पुलिस स्मृति दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ न केवल शहीदों के परिवारों को सम्मानित करेंगे, बल्कि पुलिस कल्याण और सुरक्षा से जुड़े नए योजनाओं या लाभों की भी घोषणा कर सकते हैं। इस प्रकार का कार्यक्रम पुलिसकर्मियों के मनोबल को बढ़ाने और उनके परिवारों को सशक्त करने में अहम भूमिका निभाता है।








