लखनऊ, 07 नवंबर 2025 (शुक्रवार)। उत्तर प्रदेश में युवाओं को स्वरोज़गार की ओर प्रेरित करने के लिए चल रही मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान योजना (Yuva Udyami Yojana) एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो रही है। इस योजना के तहत जौनपुर जिला राज्य में सबसे आगे निकल गया है, जहाँ 2,256 युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए ऋण स्वीकृत किया गया है। इस उपलब्धि के साथ जौनपुर ने युवा उद्यमिता को बढ़ावा देने में अग्रणी भूमिका निभाई है।
इस बीच, ऋण वितरण के मामले में आजमगढ़ 2,085 युवाओं को ऋण प्रदान कर दूसरे स्थान पर, जबकि अंबेडकरनगर 1,485 युवाओं को लाभान्वित कर तीसरे स्थान पर रहा। इसके अलावा कौशांबी और हरदोई क्रमशः चौथे और पाँचवें स्थान पर रहे हैं, जो बताता है कि योजना का प्रभाव छोटे जिलों तक गहराई से पहुंच रहा है।
युवाओं में बढ़ रही व्यावसायिक स्वतंत्रता की लहर
सरकारी आँकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष की शुरुआत से अब तक राज्य के अलग-अलग जिलों के 2.76 लाख से अधिक युवा ‘Yuva Udyami Yojana’ के तहत ऋण के लिए आवेदन कर चुके हैं। वहीं, 71,918 से अधिक आवेदकों को अब तक ऋण मिल चुका है। सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में कुल 1.50 लाख युवाओं को ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य MSME विभाग को दिया है।
आजमगढ़ में जहाँ इस वर्ष 2,250 युवाओं को ऋण वितरित करने का लक्ष्य था, वहीं महज़ सात महीनों में 5,748 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से 2,085 को ऋण देकर ज़िला अपनी स्थिति पुख्ता कर चुका है। दूसरी ओर अंबेडकरनगर को 1,900 का लक्ष्य दिया गया था जिसमें से 1,485 को सफलता पूर्वक वित्तीय सहायता दी गई।
रोजगार नहीं, अब युवा खुद बन रहे नियोक्ता
‘Yuva Udyami Yojana’ के माध्यम से सरकार न केवल रोजगार सृजन पर काम कर रही है, बल्कि युवा वर्ग को आत्मनिर्भर और उद्यमी बनाने की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रही है। ऋण पाने वाले युवाओं में अधिकांश ने खुद का स्टार्टअप, स्थानीय उत्पाद आधारित उद्योग या सर्विस सेक्टर में व्यवसाय शुरू किया है।
योजना का उद्देश्य सिर्फ पूंजी उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि युवाओं में उद्यमिता को प्रोत्साहित करते हुए प्रदेश के आर्थिक विकास में उनकी सीधी भागीदारी सुनिश्चित करना भी है। राज्य के छोटे-छोटे जिलों में उभरते ये नए बिजनेस सेंटर अब विकास की नई कहानी लिखने को तैयार हैं।








