गोरखपुर/29 अगस्त 2026: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गोरखपुर जनता दर्शन में लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनके त्वरित एवं संतोषजनक निस्तारण के निर्देश दिए। गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में अलग-अलग जिलों से पहुंचे करीब 200 लोगों ने अपनी शिकायतें मुख्यमंत्री के सामने रखीं। सीएम योगी खुद लोगों के बीच पहुंचे और एक-एक कर उनकी बात सुनी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि बिना भेदभाव हर पात्र व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए। जमीन पर अवैध कब्जे और दबंगई की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने भू-माफिया और दबंगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। राजस्व और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में भी उन्होंने अधिकारियों से तेजी बरतने को कहा।
गोरखपुर जनता दर्शन में करीब 200 लोगों से मिले सीएम योगी
शनिवार सुबह गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर जनता दर्शन का आयोजन हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कुर्सियों पर बैठे फरियादियों के पास खुद पहुंचे। उन्होंने लोगों की समस्याएं ध्यान से सुनीं और उनके प्रार्थना पत्र संबंधित अधिकारियों को सौंपते हुए जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए।
सीएम योगी ने अधिकारियों को यह भी कहा कि शिकायतों का समाधान केवल औपचारिकता के तौर पर नहीं, बल्कि पीड़ित को संतुष्टि मिले, इस भावना के साथ किया जाए। उनका जोर इस बात पर रहा कि आम लोगों को अपनी समस्या के समाधान के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
जनता दर्शन में जमीन से जुड़े मामलों में शिकायत लेकर पहुंचे लोगों की समस्याओं पर मुख्यमंत्री ने राजस्व अधिकारियों को शीघ्र कार्रवाई करने को कहा। अवैध कब्जा करने वाले भू-माफिया और प्रभावशाली दबंगों के खिलाफ कार्रवाई में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतने का भी संदेश दिया।
‘धन के अभाव में नहीं रुकेगा किसी का इलाज’
जनता दर्शन में गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों और उनके परिजनों ने उपचार के लिए आर्थिक सहायता की मांग भी रखी। मुख्यमंत्री ने ऐसे लोगों को भरोसा दिलाया कि पैसे की कमी के कारण किसी जरूरतमंद का इलाज नहीं रुकने दिया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन मरीजों को उच्च स्तरीय उपचार की आवश्यकता है, उनके इलाज का इस्टीमेट संबंधित अस्पताल से जल्द तैयार कराया जाए। इस्टीमेट उपलब्ध होते ही सरकार की ओर से आवश्यक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज करने को कहा गया।
यह निर्देश उन परिवारों के लिए खासा अहम है, जिनके सामने गंभीर बीमारी के साथ इलाज के खर्च का संकट भी खड़ा हो जाता है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से ऐसे मामलों में संवेदनशीलता के साथ काम करने की अपेक्षा जताई।
पारिवारिक विवादों में संवाद से समाधान पर जोर
जनता दर्शन में कुछ लोग पारिवारिक विवादों से जुड़ी शिकायतें लेकर भी पहुंचे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को ऐसे मामलों में सीधे कार्रवाई करने के बजाय पहले संबंधित पक्षों के बीच संवाद स्थापित कराने की पहल करने को कहा।
उन्होंने कहा कि कई पारिवारिक विवाद बातचीत और आपसी समझ से सुलझाए जा सकते हैं। ऐसे मामलों में प्रशासन को दोनों पक्षों की बात सुनकर समाधान की दिशा में प्रयास करना चाहिए।
इसके अलावा कानून-व्यवस्था और राजस्व से संबंधित शिकायतों के निस्तारण में भी मुख्यमंत्री ने तेजी बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि जनता की शिकायतों के प्रति संवेदनशील रवैया प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
हर पात्र व्यक्ति को मिले सरकारी योजनाओं का लाभ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ किसी पात्र व्यक्ति से न छूटे। योजनाओं के लाभार्थियों का चयन पारदर्शी तरीके से करने और जरूरतमंद लोगों तक सरकारी सहायता पहुंचाने पर उन्होंने जोर दिया।
जनता दर्शन में सीएम योगी ने लोगों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं का पारदर्शी तरीके से समाधान कराया जाएगा। सरकार की मंशा है कि किसी भी पीड़ित को न्याय के लिए अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।
सीएम योगी ने गोसेवा कर गोवंश को खिलाया गुड़-पूड़ी
गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सुबह की दिनचर्या परंपरागत गतिविधियों के साथ शुरू हुई। उन्होंने गुरु गोरखनाथ का दर्शन-पूजन किया और अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा के सामने शीश नवाया।
इसके बाद मुख्यमंत्री मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए गोशाला पहुंचे। यहां उन्होंने गोसेवा की और गायों व अन्य गोवंश को अपने हाथों से गुड़-पूड़ी खिलाई। गोशाला में कुछ समय बिताते हुए उन्होंने गोवंश के प्रति स्नेह भी जताया।
गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन और गोसेवा—दोनों गतिविधियों ने मुख्यमंत्री के शनिवार के प्रवास की तस्वीर को पूरा किया। एक तरफ उन्होंने जनसमस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए, तो दूसरी ओर मंदिर की परंपरागत दिनचर्या में भी हिस्सा लिया।









