लखनऊ (रविवार, 30 अगस्त 2026)। रक्षाबंधन के मौके पर उत्तर प्रदेश की महिलाओं को योगी सरकार की ओर से मिली रक्षाबंधन फ्री बस सेवा का इस बार रिकॉर्ड लाभ मिला। 27 से 29 अगस्त तक चली तीन दिवसीय निशुल्क बस यात्रा में प्रदेशभर में 88,94,730 यात्रियों ने सफर किया। इनमें 55.17 लाख महिलाएं और 33.76 लाख सहयात्री शामिल रहे। इस पूरी व्यवस्था पर प्रदेश सरकार ने 106.98 करोड़ रुपये का खर्च वहन किया।
इस बार यात्रियों की संख्या ने पिछले साल का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया। वर्ष 2025 में रक्षाबंधन के दौरान तीन दिनों में 78.26 लाख यात्रियों ने निशुल्क यात्रा की थी। इस लिहाज से इस वर्ष करीब 10.68 लाख अधिक यात्रियों ने सरकारी बसों में बिना किराया सफर किया।
रक्षाबंधन फ्री बस सेवा में 88.94 लाख यात्रियों ने किया सफर
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) के आंकड़ों के मुताबिक 27, 28 और 29 अगस्त को निशुल्क यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। इस दौरान सबसे ज्यादा भीड़ रक्षाबंधन के दिन यानी 28 अगस्त को रही।
उस दिन अकेले 49.96 लाख यात्रियों ने बसों से सफर किया। इनमें 32.47 लाख महिलाएं और 17.48 लाख सहयात्री थे। 27 अगस्त को 9.26 लाख और 29 अगस्त को 29.71 लाख यात्रियों ने निशुल्क यात्रा की।
तीनों दिनों का आंकड़ा देखें तो 27 अगस्त को 6.03 लाख महिलाओं और 3.23 लाख सहयात्रियों ने सफर किया। 28 अगस्त को महिलाओं की संख्या बढ़कर 32.47 लाख और सहयात्रियों की संख्या 17.48 लाख पहुंच गई। 29 अगस्त को 16.66 लाख महिलाओं और 13.05 लाख सहयात्रियों ने फ्री बस सेवा का लाभ उठाया।
पिछले साल से 10.68 लाख ज्यादा यात्रियों को मिला लाभ
रक्षाबंधन पर निशुल्क बस यात्रा का दायरा इस साल और बड़ा दिखाई दिया। वर्ष 2025 में तीन दिनों में 78.26 लाख यात्रियों ने इस सुविधा का इस्तेमाल किया था। इस बार यह संख्या बढ़कर 88.94 लाख हो गई।
यानी एक साल में करीब 10.68 लाख यात्रियों की बढ़ोतरी हुई। यह सिर्फ आंकड़ों की वृद्धि नहीं है। रक्षाबंधन जैसे पर्व पर बड़ी संख्या में महिलाओं का अपने मायके और परिवार तक पहुंचना उत्तर प्रदेश की सामाजिक-सांस्कृतिक परंपरा का भी हिस्सा है। ऐसे में मुफ्त बस यात्रा ने उन परिवारों के लिए भी राहत दी, जिनके लिए त्योहार के समय यात्रा का खर्च अतिरिक्त बोझ बन सकता था।
निशुल्क यात्रा पर सरकार ने खर्च किए 106.98 करोड़ रुपये
तीन दिन की इस सुविधा का पूरा आर्थिक भार राज्य सरकार ने उठाया। इस वर्ष निशुल्क यात्रा के लिए 106.98 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
वर्ष 2025 में सरकार ने इसी व्यवस्था पर 86.98 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए थे। इस तरह इस बार सरकारी खर्च में करीब 20 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ परिवहन निगम पर भी अतिरिक्त परिचालन भार आया, जिसे सरकार ने वहन किया।
परिवहन विभाग की अपर मुख्य सचिव अर्चना अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर महिलाओं और उनके सहयात्रियों के लिए निशुल्क यात्रा की व्यवस्था की गई थी। उन्होंने इस व्यवस्था को सफल बनाने में परिवहन निगम के अधिकारियों, कर्मचारियों, चालक और परिचालकों के योगदान की सराहना की।
28 अगस्त को सबसे ज्यादा रहा यात्रियों का दबाव
रक्षाबंधन के दिन बसों में यात्रियों की संख्या स्वाभाविक रूप से सबसे ज्यादा रही। 28 अगस्त का 49.96 लाख यात्रियों का आंकड़ा तीन दिनों के कुल यात्रियों का आधे से अधिक है।
इसे देखते हुए परिवहन निगम ने त्योहार से पहले अतिरिक्त बस संचालन और प्रमुख बस स्टेशनों पर व्यवस्थाओं को मजबूत करने की तैयारी की थी। सुबह 6 बजे से रात 12 बजे तक निशुल्क यात्रा की सुविधा उपलब्ध रही।
त्योहार के दिनों में बस अड्डों पर आम दिनों की तुलना में काफी ज्यादा भीड़ रहती है। ऐसे में समय रहते बसों की उपलब्धता और परिचालन व्यवस्था को मजबूत करना इस अभियान की सबसे बड़ी जरूरत थी।
2017 से रक्षाबंधन पर महिलाओं को मिल रही निशुल्क यात्रा
उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के गठन के बाद वर्ष 2017 से रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए निशुल्क बस यात्रा की व्यवस्था शुरू की गई थी। शुरुआती वर्षों में इसका लाभ लेने वाली महिला यात्रियों की संख्या अपेक्षाकृत कम थी, लेकिन समय के साथ यह आंकड़ा बढ़ता गया।
- 2017: 11.16 लाख महिला यात्री
- 2018: 11.69 लाख
- 2019: 12.04 लाख
- 2020: 7.36 लाख
- 2021: 9.63 लाख
- 2022: 22.32 लाख
- 2023: 29.29 लाख
- 2024: 19.78 लाख
वर्ष 2025 में सरकार ने महिला यात्रियों के साथ सहयात्री को भी निशुल्क यात्रा में शामिल किया। इसके बाद तीन दिनों में कुल निशुल्क टिकटों की संख्या 78.26 लाख पहुंच गई।
इस वर्ष यह आंकड़ा 88.94 लाख तक पहुंचना बताता है कि रक्षाबंधन पर निशुल्क बस यात्रा अब प्रदेश की एक बड़ी सार्वजनिक परिवहन सुविधा बन चुकी है। खासकर महिलाओं के लिए यह योजना त्योहार के दौरान मायके जाने और परिवार से मिलने की यात्रा को कुछ हद तक आसान बनाती है।










