लखनऊ/08 सितंबर 2026: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित दो दिवसीय यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने वस्त्र एवं परिधान उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं और पोर्टल की शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने कुटीर उद्योग से जुड़े लोगों और टेक्सटाइल क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने वालों को सम्मानित भी किया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए बदलते माहौल का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश अब नीति, बुनियादी ढांचे, प्रतिभा और बड़े बाजार के स्तर पर उद्योगों के लिए अनुकूल स्थिति में है। उन्होंने बताया कि टेक्सटाइल कॉन्क्लेव के दौरान 5,196 करोड़ रुपये के नए निवेश प्रस्तावों पर समझौते हुए हैं।
अपने संबोधन में सीएम योगी ने पिछली सरकारों के कार्यकाल की तुलना मौजूदा सरकार से करते हुए कानून-व्यवस्था और उद्योग के माहौल का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश दंगा, माफिया और कर्फ्यू से मुक्त प्रदेश के रूप में आगे बढ़ रहा है।
यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव में 5196 करोड़ के निवेश प्रस्ताव
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश की टेक्सटाइल नीति और निवेश के अनुकूल वातावरण का असर अब दिखाई दे रहा है। उन्होंने बताया कि सम्मेलन में 5,196 करोड़ रुपये के नए निवेश प्रस्तावों को लेकर समझौते किए गए हैं।
सीएम ने उद्योगपतियों और निवेशकों से उत्तर प्रदेश में निवेश करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के पास उद्योगों के लिए चार महत्वपूर्ण आधार मौजूद हैं—नीति, बुनियादी ढांचा, प्रतिभा और बाजार।
टेक्सटाइल क्षेत्र को लेकर सरकार का जोर केवल बड़े औद्योगिक निवेश तक सीमित नहीं है। इसमें हथकरघा, कुटीर उद्योग, बुनकर और परिधान क्षेत्र से जुड़े छोटे उद्यम भी शामिल हैं। ऐसे में निवेश बढ़ने का असर उत्पादन से लेकर रोजगार और स्थानीय कारोबार तक देखने को मिल सकता है।
सीएम योगी बोले- सपा सरकार में ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ था
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में समाजवादी पार्टी की पिछली सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उस समय प्रदेश में उद्योगों के अनुकूल नीतियां नहीं थीं और फैक्ट्री लगाने की कल्पना तक करना मुश्किल था।
सीएम योगी ने कहा कि पहले की सरकार में ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ की स्थिति थी, जबकि उनकी सरकार ने ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ की अवधारणा को आगे बढ़ाया है।
उन्होंने कहा कि पहले पेशेवर गुंडे अपनी व्यवस्था चलाते थे और लोगों के बीच पहचान का संकट था। मुख्यमंत्री के मुताबिक, कानून-व्यवस्था में सुधार के साथ अब उत्तर प्रदेश में निवेश का माहौल भी बदला है।
‘यूपी दंगा मुक्त, माफिया मुक्त और कर्फ्यू मुक्त’
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में आए दिन दंगे होते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन सपा सरकार में इंडस्ट्री फ्रेंडली पॉलिसी नहीं थी।
मुख्यमंत्री ने कहा, “आज यूपी दंगा मुक्त, माफिया मुक्त, कर्फ्यू मुक्त है।” उन्होंने आगे कहा कि अब कोई माफिया जीप में घूमकर पिस्तौल नहीं लहरा सकता।
सीएम योगी ने कानून-व्यवस्था को उद्योग और निवेश से जोड़ते हुए कहा कि जब व्यापारी ही सुरक्षित नहीं होगा तो उसकी फैक्ट्री कैसे सुरक्षित रह सकती है। उनके मुताबिक, निवेश के लिए सुरक्षा और भरोसे का माहौल उतना ही जरूरी है जितना बेहतर नीति और बुनियादी ढांचा।
‘यूपी टेक्स मित्र’ पोर्टल समेत कई योजनाओं की शुरुआत
टेक्सटाइल कॉन्क्लेव के उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘यूपी टेक्स मित्र’ पोर्टल, ‘हथकरघा बुनकर समृद्धि योजना’ और ‘उत्तर प्रदेश वस्त्र क्षेत्र प्रशिक्षण एवं कौशल विकास योजना’ का शुभारंभ किया।
इन पहलों का उद्देश्य वस्त्र क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों, बुनकरों और कामगारों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने तथा उद्योग के लिए जरूरी कौशल विकसित करने पर केंद्रित है।
मुख्यमंत्री ने वस्त्र एवं परिधान उद्योग से संबंधित प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया। प्रदर्शनी में क्षेत्र की विभिन्न गतिविधियों और उत्पादों को प्रदर्शित किया गया।
पीएम मित्र पार्क और संत कबीर पार्क में निवेश को लेकर समझौते
कॉन्क्लेव के पहले दिन आयोजित गोलमेज सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने वस्त्र उद्योग के विशेषज्ञों के साथ संवाद किया। इस दौरान उद्योग के विस्तार, निवेश बढ़ाने और उत्तर प्रदेश को टेक्सटाइल हब के रूप में विकसित करने को लेकर सुझाव लिए गए।
पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क और संत कबीर वस्त्र एवं परिधान पार्क में इकाइयों की स्थापना के लिए विभिन्न कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान भी हुआ।
कार्यक्रम के पहले दिन चार विशेष सत्र आयोजित किए गए। इनमें वस्त्रोद्योग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), आधुनिक मशीनों के इस्तेमाल और निर्यात जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
टेक्सटाइल क्षेत्र में तकनीक का बढ़ता इस्तेमाल आने वाले समय में उत्पादन की गुणवत्ता, लागत और गति—तीनों को प्रभावित कर सकता है। उत्तर प्रदेश के लिए यह क्षेत्र इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां पारंपरिक बुनकरी और हस्तशिल्प से लेकर आधुनिक वस्त्र एवं परिधान उद्योग तक की लंबी श्रृंखला मौजूद है।
निवेश और रोजगार के लिहाज से अहम है टेक्सटाइल सेक्टर
उत्तर प्रदेश में वस्त्र उद्योग का विस्तार सरकार के औद्योगिक विकास एजेंडे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। बड़े निवेश के साथ हथकरघा और कुटीर उद्योगों को जोड़ने की कोशिश से ग्रामीण और छोटे शहरों की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की उम्मीद है।
दो दिवसीय यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव में निवेश, तकनीक, कौशल विकास और निर्यात को एक साथ चर्चा के केंद्र में रखा गया है। ऐसे में सम्मेलन से हुए निवेश समझौते और शुरू की गई योजनाएं आने वाले समय में प्रदेश के टेक्सटाइल सेक्टर की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।









