नई दिल्ली/08 सितंबर 2026: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और मध्य भारत के कई इलाकों में बारिश का दौर जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों के लिए कई राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।
मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के आसपास बने कम दबाव के क्षेत्र और बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रही नई मौसमी प्रणाली के कारण बारिश का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है। खास बात यह है कि 11 सितंबर के आसपास बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जिसके प्रभाव से देश के मध्य और पूर्वी हिस्सों में बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है।
दिल्ली-UP में बारिश का अलर्ट, कई राज्यों में बदलेगा मौसम
IMD के अनुसार पिछले 24 घंटों में पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और मिजोरम के कुछ हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की गई। उत्तर प्रदेश के आसपास बने कम दबाव के क्षेत्र के चलते अगले चार दिनों तक आसपास के राज्यों में मध्यम से भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।
मौसम का यह बदलाव खासतौर पर मध्य और पूर्वी भारत के लिए महत्वपूर्ण है। लगातार सक्रिय हो रही मौसमी प्रणालियों के कारण कई इलाकों में बारिश का दौर रुक-रुककर जारी रहने के आसार हैं।
अंडमान से असम तक हुई तेज बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हुई। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के लॉन्ग आइलैंड तथा असम के आम्रघ में सबसे अधिक 12 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।
इसके अलावा पश्चिम बंगाल के हल्दिया में 10 सेंटीमीटर, उत्तर प्रदेश के मुहम्मदी और मिजोरम के कोलासिब में 9 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। ओडिशा के नवरंगपुर में 8 सेंटीमीटर और पश्चिमी मध्य प्रदेश के निवाली में 7 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।
बारिश के इन आंकड़ों से साफ है कि मानसूनी गतिविधियां इस समय पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में मजबूत बनी हुई हैं।
11 सितंबर से फिर सक्रिय होगा नया मानसूनी सिस्टम
मौसम विभाग के मुताबिक चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ लाइन जैसी मौसमी प्रणालियों के बीच बंगाल की खाड़ी में एक नया लो प्रेशर एरिया बनने की संभावना है। यह सिस्टम करीब 11 सितंबर के आसपास उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटों के पास विकसित हो सकता है।
इसके प्रभाव से देश के कई हिस्सों में बारिश का एक और दौर शुरू होने की संभावना है। IMD ने 10 सितंबर को ओडिशा और 12 सितंबर को अरुणाचल प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
वहीं, 11 से 14 सितंबर के दौरान छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भारी बारिश की संभावना है। मध्य प्रदेश में 13 और 14 सितंबर को भी कई इलाकों में भारी बारिश और गरज-चमक देखने को मिल सकती है।
मध्य भारत में आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी
मध्य भारत में भी अगले कुछ दिन मौसम के लिहाज से सक्रिय रहने वाले हैं। मौसम विभाग के अनुसार 12 से 14 सितंबर के दौरान पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश का दौर जारी रह सकता है।
इसके अलावा 10 से 14 सितंबर के बीच छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। 8 से 14 सितंबर के दौरान विदर्भ, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग इलाकों में गरज-चमक के साथ आंधी और बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है।
ऐसे मौसम में खुले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी। गरज-चमक के दौरान पेड़ या खुले बिजली के ढांचे के नीचे खड़े होने से बचना बेहतर रहेगा।
दिल्ली-NCR में उमस के बाद बारिश देगी राहत
दिल्ली-NCR में पिछले 24 घंटों के दौरान तापमान में करीब 5 से 6 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ा। हालांकि, मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कुछ राहत के संकेत दिए हैं।
8 से 10 सितंबर के बीच दिल्ली-NCR में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। इस दौरान बारिश बहुत व्यापक नहीं होगी, लेकिन बादलों की मौजूदगी से गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।
दिल्लीवासियों के लिए बड़ी राहत 11 सितंबर के आसपास मिलने की उम्मीद है। इस दिन आसमान में घने बादल छाए रह सकते हैं और सुबह से रात के बीच हल्की से मध्यम बारिश के दो दौर देखने को मिल सकते हैं।
बारिश के बाद दिल्ली-NCR में तापमान में भी गिरावट आने की संभावना है। अधिकतम तापमान करीब 31 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। उमस भरी गर्मी के बीच यह बदलाव राजधानी के लोगों के लिए राहत लेकर आ सकता है।
कई राज्यों में अगले कुछ दिन बारिश के लिहाज से अहम
फिलहाल मौसम का रुख बताता है कि मानसून की सक्रियता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। एक के बाद एक बन रही मौसमी प्रणालियां बारिश को आगे बढ़ा रही हैं। खासकर उत्तर प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर के राज्यों में आने वाले दिनों में मौसम पर नजर रखना जरूरी होगा।













