लखनऊ (बुधवार, 9 सितंबर 2026)। उत्तर प्रदेश में नई पीढ़ी को अपनी कला, संस्कृति और विरासत से जोड़ने के लिए पर्यटन एवं संस्कृति विभाग नई पहल करने जा रहा है। प्रदेश के सभी जिलों में संस्कृति उत्सव आयोजित किए जाएंगे, जिनके जरिए जेन-जी और जेन-अल्फा के युवाओं को नृत्य, नाटक और संगीत जैसी सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने इसके लिए अधिकारियों को जरूरी तैयारियां शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
बुधवार को पर्यटन भवन में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की बैठक में मंत्री ने कहा कि स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों, खासकर युवा पीढ़ी को सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ने के लिए युवा पर्यटन क्लब और सांस्कृतिक क्लबों की भूमिका बढ़ाई जाए। इसके साथ ही प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद उभरती प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ने के नए अवसर उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
संस्कृति उत्सव में युवाओं को मिलेंगे मंच
संस्कृति उत्सव के माध्यम से युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। नृत्य, नाटक और संगीत जैसी विधाओं को इसमें प्रमुखता दी जाएगी। विभाग का फोकस केवल आयोजन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इन कार्यक्रमों के जरिए नई प्रतिभाओं को तलाशने और उन्हें बड़े मंच तक पहुंचाने की कार्ययोजना भी तैयार की जाएगी।
अपर मुख्य सचिव पर्यटन अमृत अभिजात ने अधिकारियों को नई प्रतिभाओं की पहचान के लिए व्यापक कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। माना जा रहा है कि जिला स्तर पर होने वाले ऐसे आयोजन स्थानीय कलाकारों और विद्यार्थियों को अपनी कला सामने रखने का बेहतर मंच दे सकते हैं।
17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलेगा सेवा संकल्प अभियान
बैठक में मंत्री जयवीर सिंह ने 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान चलाने के भी निर्देश दिए। अभियान के तहत ‘नमो सेवा गाथा’ विषय पर नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया जाएगा।
इसके अलावा चयनित स्मारकों और पर्यटन स्थलों पर लेजर शो भी आयोजित किए जाएंगे। विभाग की योजना सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ पर्यटन स्थलों को जोड़कर लोगों की भागीदारी बढ़ाने की है।
यूपी में आए सबसे ज्यादा घरेलू पर्यटक
बैठक में मंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 में देश में सबसे अधिक घरेलू पर्यटक उत्तर प्रदेश आए। पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अब पर्यटन स्थलों पर उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति को व्यवस्थित तरीके से दर्ज करने की कवायद की जा रही है।
इसके लिए प्रमुख पर्यटन स्थलों की सुविधाओं की मैपिंग कराई जा रही है। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारियों को सड़क संपर्क, परिवहन सुविधाओं, प्रकाश व्यवस्था, यात्री शेल्टर, रैंप, हिंदी और अंग्रेजी में साइनेज, पर्यटक सुविधा केंद्र और पर्यटन कार्यालय सहित अन्य सुविधाओं की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए गए हैं।
यह जानकारी जिलेवार ‘टूरिज्म मैट्रिक्स’ के रूप में एक समर्पित डैशबोर्ड पर दर्ज की जाएगी। इससे अधिकारियों को किसी भी पर्यटन स्थल पर मौजूद सुविधाओं और कमियों की तस्वीर एक जगह मिल सकेगी। इसके आधार पर पर्यटन विकास की योजनाएं अधिक व्यावहारिक और प्रभावी तरीके से तैयार की जा सकेंगी।
575 पर्यटन परियोजनाओं में शिलालेख और बारकोड का प्रावधान
बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत 575 परियोजनाओं में शिलालेख और बारकोड की व्यवस्था का प्रावधान किया गया है। इनमें से ज्यादातर कार्य पूरे हो चुके हैं। मंत्री ने बाकी कामों को भी जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए।
बारकोड की व्यवस्था से संबंधित परियोजनाओं और स्थलों की जानकारी को तकनीक के माध्यम से पर्यटकों तक पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
वासुदेव वाटिका का 72 प्रतिशत काम पूरा
ब्रज तीर्थ विकास परिषद की परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि गोकुल बैराज के पास विकसित की जा रही ‘वासुदेव वाटिका’ का लगभग 72 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।
मंत्री जयवीर सिंह ने मथुरा, गोकुल और बरसाना से जुड़ी सभी परियोजनाओं को निर्धारित गति से पूरा कराने के निर्देश दिए। ब्रज क्षेत्र में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए इन परियोजनाओं को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बैठक में जिला महोत्सवों के आयोजन, पुरातत्व विभाग के संरक्षण कार्य, प्रस्तावित संग्रहालय विकास योजना, सांस्कृतिक केंद्रों, पांडुलिपि संरक्षण परियोजनाओं और संस्कृति विभाग के अधीनस्थ अकादमियों में रिक्त पदों पर भर्ती की तैयारियों की भी समीक्षा की गई।










