लखनऊ,19 सितंबर 2026 (शनिवार)। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी पाने का इंतजार कर रहे 818 युवाओं के लिए शनिवार का दिन खास रहा। लखनऊ के लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) के माध्यम से विभिन्न विभागों में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र मिलते ही अभ्यर्थियों और उनके परिजनों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
नियुक्ति पत्र पाने वाले युवाओं ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बताते हुए अपने अनुभव साझा किए। कई अभ्यर्थियों ने कहा कि लंबे समय तक की गई मेहनत आखिरकार रंग लाई और बिना किसी भेदभाव के उन्हें सरकारी सेवा में आने का अवसर मिला।
818 अभ्यर्थियों को मिला नियुक्ति पत्र
लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में आयुष, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य समेत अलग-अलग विभागों के पदों पर चयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद युवाओं ने इसे अपने करियर के साथ-साथ परिवार के लिए भी यादगार पल बताया।
अभ्यर्थियों का कहना था कि चयन प्रक्रिया में उन्हें अपनी योग्यता और मेहनत के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर मिला। कुछ चयनित युवाओं ने यह भी बताया कि आवेदन से लेकर चयन तक उन्हें किसी तरह के लेनदेन का सामना नहीं करना पड़ा।
फॉर्म भरने में सिर्फ 150 रुपये खर्च हुए: प्रिंस सिंह
अयोध्या निवासी प्रिंस सिंह, जिनका चयन एक्सरे टेक्नीशियन के पद पर हुआ है, ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति पत्र मिलने को अपने और परिवार के लिए गौरव का क्षण बताया।
प्रिंस सिंह ने कहा कि पूरी चयन प्रक्रिया निष्पक्ष रही और उन्हें किसी तरह के भेदभाव या लेनदेन का सामना नहीं करना पड़ा। उनके मुताबिक, फॉर्म भरने में करीब 150 रुपये खर्च हुए और इसके अलावा कोई अतिरिक्त पैसा नहीं लगा।
उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी का सपना पूरा होना उनके लिए बेहद खुशी की बात है।
‘मेहनत करने वालों को मिल रहा उनका हक’
होम्योपैथिक फार्मासिस्ट पद पर चयनित आकाश शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र मिलना उनके लिए बेहद खुशी का क्षण है। उन्होंने भर्ती में रिक्त पदों और युवाओं को समय पर जानकारी मिलने का भी जिक्र किया।
उनका कहना था कि भर्ती की जानकारी समय से मिलने पर अभ्यर्थी आवेदन करने के साथ परीक्षा की तैयारी भी बेहतर तरीके से कर पाते हैं। उन्होंने इसे मेहनत करने वाले युवाओं के लिए अवसर बताया।
वाराणसी निवासी होम्योपैथिक फार्मासिस्ट साक्षी सिंह ने भी भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बताया। उन्होंने कहा कि जिन अभ्यर्थियों ने मेहनत की, उन्हें नौकरी मिली और मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र मिलना उनके लिए सपने के पूरा होने जैसा है।
दूसरी बार नियुक्ति पत्र मिलने का जिक्र
बलरामपुर निवासी एक्सरे टेक्नीशियन पद पर चयनित शिव शंकर ने बताया कि उन्हें योगी सरकार के कार्यकाल में दूसरी बार नियुक्ति पत्र मिलने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि मौजूदा भर्ती प्रक्रिया में किसी तरह का पैसा नहीं लगा।
शिव शंकर ने अपने पुराने अनुभव का जिक्र करते हुए दावा किया कि वर्ष 2015 में उनका चयन हुआ था, लेकिन इंटरव्यू में वे बाहर हो गए थे। उन्होंने उस समय चयन प्रक्रिया में पैसे के लेनदेन का आरोप भी लगाया। हालांकि यह उनका व्यक्तिगत आरोप और अनुभव है।
उन्होंने कहा कि इंटरव्यू व्यवस्था समाप्त होने के बाद चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा और योग्यता को अधिक महत्व मिल रहा है। उनके मुताबिक, इससे पढ़ाई और तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को अवसर मिल रहा है।
परिवार के लिए भी खास रहा नियुक्ति पत्र का पल
सहारनपुर निवासी होम्योपैथिक फार्मासिस्ट आराधना चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र मिलने से उनका पूरा परिवार गौरवान्वित महसूस कर रहा है। उन्होंने चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष बताया।
चयनित अभ्यर्थी प्रिंसी गुप्ता ने कहा कि उन्हें अपनी मेहनत के आधार पर नौकरी मिली है। उनके लिए मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र प्राप्त करना बेहद खास अनुभव रहा।
वहीं होम्योपैथिक फार्मासिस्ट पल्लवी देवी ने बताया कि वह पिछले दो वर्षों से परीक्षा की तैयारी कर रही थीं। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद उन्हें लगा कि उनकी मेहनत आखिरकार सफल हुई है। उन्होंने भी चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष बताया।
15 महीने में पूरी हुई भर्ती प्रक्रिया: डॉ. सफिया बानो
गोरखपुर निवासी डॉ. सफिया बानो का चयन प्रवक्ता यूनानी के पद पर हुआ है। उन्होंने बताया कि भर्ती प्रक्रिया करीब 15 महीने में पूरी हुई।
डॉ. सफिया बानो ने कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर उन्हें काफी खुशी हुई। उन्होंने चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता की बात कही और कहा कि सरकारी नौकरी का उनका सपना अब पूरा हो गया है।
युवाओं के लिए नियुक्ति पत्र बना यादगार पल
लोकभवन में आयोजित समारोह में नियुक्ति पत्र पाने वाले अभ्यर्थियों की प्रतिक्रियाओं में एक बात समान रही—लंबी तैयारी के बाद सरकारी सेवा में प्रवेश का उत्साह। किसी के लिए यह परिवार के सपने के पूरे होने का दिन था तो किसी के लिए वर्षों की तैयारी के बाद मिली सफलता का प्रमाण।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और योग्यता आधारित चयन पर जोर दिया। वहीं चयनित अभ्यर्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए नियुक्ति को अपने जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया।









