लखनऊ/19 सितंबर 2026: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने नियुक्ति पत्र पाने वाले नवचयनित अभ्यर्थियों ने अपनी सफलता की कहानी साझा की और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता व निष्पक्षता के लिए सरकार का आभार जताया। किसी ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों के आशीर्वाद को दिया तो किसी ने इसे सरकार की पारदर्शी नीतियों का परिणाम बताया। इस दौरान युवाओं ने जनसेवा को प्राथमिकता देने और अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करने का संकल्प भी लिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवचयनित अभ्यर्थियों से अपेक्षा की कि सरकारी सेवा में शामिल होने के बाद वे पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे और प्रदेश के करीब 25 करोड़ लोगों तक अपनी सेवा और प्रतिभा का लाभ पहुंचाएंगे। अभ्यर्थियों ने भी मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया कि वे अपने पद की गरिमा बनाए रखते हुए जनता की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे।
निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया ने बढ़ाया अभ्यर्थियों का उत्साह
नवचयनित फार्मासिस्ट अंशु गुप्ता ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी खुशी साझा करते हुए कहा कि यह उनके लिए बेहद खुशी का अवसर है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरा कराने से अभ्यर्थियों का भरोसा मजबूत हुआ है। अंशु के मुताबिक, वर्ष 2022 से 2026 के बीच 800 से अधिक होम्योपैथिक फार्मासिस्टों का चयन इसी प्रक्रिया के तहत हुआ है।
वहीं, प्रोफेसर डॉ. रेखा पलावत ने आवेदन से लेकर चयन और नियुक्ति तक की प्रक्रिया को कम समय में पूरा कराने के लिए मुख्यमंत्री और आयुष मंत्री का आभार जताया। उन्होंने बताया कि उनके पिता किसान हैं और वह एक मध्यमवर्गीय परिवार से आती हैं। माता-पिता के परिश्रम और सहयोग से वह इस मुकाम तक पहुंच सकीं। उन्होंने कहा कि योग्यता के आधार पर परिणाम आने से अभ्यर्थियों में नई ऊर्जा और उत्साह पैदा हुआ है।
बेटियों को रोजगार का अवसर मिलने पर जताया आभार
एक्स-रे टेक्नीशियन सरिता सोनी ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बेटियों को सुरक्षा, सम्मान के साथ आगे बढ़ने और रोजगार पाने के अवसर मिले हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि वह अपने कर्तव्य का पालन पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ करेंगी।
इसी क्रम में एक्स-रे टेक्नीशियन अनुराग गौतम ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि वह पूर्ण निष्ठा के साथ अपने कार्यों का निर्वहन करते हुए जनसेवा के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहेंगे।
अनुदेशक वायरमैन सचिन कुमार सिंह ने भी भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता के लिए सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से जो भी जिम्मेदारी मिली है, उसका निर्वहन निष्पक्षता और ईमानदारी से करेंगे।
मेहनत, माता-पिता के आशीर्वाद और पारदर्शी प्रक्रिया का परिणाम
सहायक सांख्यिकी अधिकारी दिलीप कुमार पांडेय ने कहा कि उनकी सफलता सिर्फ उनकी मेहनत का परिणाम नहीं है। इसमें माता-पिता और शिक्षकों के आशीर्वाद के साथ उत्तर प्रदेश सरकार की पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया की भी भूमिका है। उन्होंने अपने लिए इस दिन को गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक बताते हुए मुख्यमंत्री का आभार जताया।
दिलीप कुमार पांडेय ने कहा कि विभाग की ओर से उन्हें जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी, उसे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ पूरा करेंगे।
महेश कुमार यादव, जिनका चयन गोंडा में प्लंबर अनुदेशक के पद पर हुआ है, ने भी अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा और आस्था के साथ निभाने की बात कही। वहीं, सहायक सांख्यिकी अधिकारी यशवंत सिंह ने अपने निष्पक्ष चयन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार का आभार जताया।
नवचयनित अभ्यर्थियों की प्रतिक्रियाओं में एक बात समान दिखाई दी—सरकारी सेवा में नियुक्ति उनके लिए केवल रोजगार का अवसर नहीं, बल्कि जनता के प्रति जिम्मेदारी निभाने का नया अध्याय भी है। मुख्यमंत्री के सामने दिए गए उनके वक्तव्यों में परिवार और शिक्षकों के योगदान के साथ अपने पद के प्रति ईमानदारी और जनसेवा की प्रतिबद्धता प्रमुख रूप से सामने आई।









