लखनऊ, सोमवार, 21 सितंबर 2026। उत्तर प्रदेश की मेधावी छात्राओं के लिए बड़ी खबर है। योगी आदित्यनाथ सरकार की रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना अब जमीन पर उतरने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। उच्च शिक्षा विभाग ने 40 हजार स्कूटियों की खरीद के लिए करीब 320 करोड़ रुपये की निविदा जेम (GeM) पोर्टल पर जारी कर दी है। इच्छुक कंपनियां 26 सितंबर तक बोली जमा कर सकेंगी, जबकि निविदा 27 सितंबर को खोली जाएगी।
यानी योजना का वह चरण शुरू हो चुका है, जिसका इंतजार प्रदेश की हजारों मेधावी छात्राओं को था। खरीद पूरी होने के बाद पात्र छात्राओं तक स्कूटी पहुंचाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार चयनित कंपनी को स्कूटियों की आपूर्ति के लिए 100 दिनों की समयसीमा रखी गई है। इसी आधार पर वितरण जनवरी तक होने की तैयारी बताई गई है।
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना में 40 हजार छात्राओं को मिलेगा लाभ
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत शैक्षणिक सत्र 2025-26 में स्नातक की पढ़ाई पूरी करने वाली उच्च शिक्षण संस्थानों की मेधावी छात्राओं में से शीर्ष पांच प्रतिशत को मेरिट के आधार पर स्कूटी देने का प्रावधान है। योजना के दायरे में राज्य विश्वविद्यालयों के साथ उनसे संबद्ध सरकारी, अनुदान प्राप्त और स्ववित्तपोषित महाविद्यालय तथा निजी विश्वविद्यालय भी शामिल हैं।
योजना में कुछ विशेष श्रेणियों की छात्राओं को निर्धारित मेरिट में अतिरिक्त राहत का प्रावधान भी रखा गया है। शहीद सैनिकों के आश्रित परिवारों की बेटियों, दिव्यांग और निराश्रित छात्राओं को इसका लाभ निर्धारित नियमों के तहत मिल सकेगा।
स्कूटी के साथ मिलेंगी ये सुविधाएं
सरकार की योजना सिर्फ वाहन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। पात्र छात्राओं को स्कूटी के साथ आरटीओ पंजीकरण, बीमा, हेलमेट और चार लीटर पेट्रोल देने का प्रावधान है। निविदा से जुड़ी जानकारी में स्कूटी के साथ आवश्यक अन्य एक्सेसरीज का भी उल्लेख किया गया है।
इसका सीधा उद्देश्य कॉलेज और विश्वविद्यालय तक छात्राओं की आवाजाही को आसान बनाना है। खासकर उन छात्राओं के लिए, जिनके लिए रोजाना आने-जाने की सुविधा उच्च शिक्षा जारी रखने में बड़ी चुनौती बन जाती है।
50 हजार छात्राओं को स्कूटी देने की घोषणा के बाद पहला चरण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अगस्त में लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अक्टूबर-नवंबर में 50 हजार छात्राओं को स्कूटी देने की घोषणा की थी। इसके बाद उच्च शिक्षा विभाग ने पहले चरण में 40 हजार स्कूटियों की खरीद की प्रक्रिया शुरू की है।
योजना की शुरुआत से पहले सरकार ने जुलाई 2026 में इसके दिशा-निर्देशों को मंजूरी दी थी। इसका घोषित उद्देश्य उच्च शिक्षा में छात्राओं की भागीदारी बढ़ाना और पढ़ाई बीच में छोड़ने की समस्या को कम करना है।
कौन छात्राएं पात्र होंगी?
योजना से जुड़ी उपलब्ध जानकारी के मुताबिक पात्रता का आधार मुख्य रूप से मेरिट और निर्धारित शर्तों पर रखा गया है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में स्नातक उत्तीर्ण करने वाली शीर्ष पांच प्रतिशत छात्राओं को चयन प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। उपलब्ध ताजा रिपोर्टों में परिवार की वार्षिक आय 12 लाख रुपये से कम होने की शर्त भी बताई गई है। साथ ही पात्रता से जुड़े दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया विश्वविद्यालय और महाविद्यालय स्तर पर चल रही है।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि 26 सितंबर की तारीख छात्राओं के आवेदन की अंतिम तिथि नहीं, बल्कि स्कूटी खरीदने के लिए वाहन निर्माता कंपनियों की निविदा से संबंधित है। छात्राओं के चयन और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया संस्थागत स्तर पर अलग से चल रही है।
विभागीय नेतृत्व में भी हुआ बदलाव
इसी बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के विभागों में फेरबदल किया है। अमित कुमार घोष को उच्च शिक्षा विभाग का अपर मुख्य सचिव बनाया गया है। इससे पहले विभाग की जिम्मेदारी एमपी अग्रवाल के पास थी।
ऐसे समय में जब रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना की खरीद प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, उच्च शिक्षा विभाग में यह प्रशासनिक बदलाव भी महत्वपूर्ण है। अब निगाहें निविदा प्रक्रिया पूरी होने और स्कूटियों की आपूर्ति पर रहेंगी।
योजना का उद्देश्य क्या है?
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना को सरकार ने छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने की पहल के तौर पर पेश किया है। परिवहन की सुविधा मिलने से कॉलेज आने-जाने में होने वाली परेशानी कम हो सकती है और दूरदराज के क्षेत्रों की छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा तक पहुंच आसान हो सकती है।
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव 26 और 27 सितंबर है। 26 सितंबर को कंपनियों की बोली जमा होगी और 27 सितंबर को निविदा खोली जाएगी। इसके बाद चयनित आपूर्तिकर्ता के जरिए स्कूटियों की आपूर्ति का रास्ता साफ होगा।
योजना का अंतिम लाभ उन्हीं छात्राओं को मिलेगा, जो सरकार द्वारा तय पात्रता, मेरिट और दस्तावेज सत्यापन की शर्तें पूरी करेंगी।









