वाराणसी/सोमवार,28 सितंबर 2026: वाराणसी में गंगा का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग की सोमवार सुबह 8 बजे की रिपोर्ट के मुताबिक काशी में गंगा का जलस्तर 67.18 मीटर दर्ज किया गया है। जलस्तर बढ़ने की रफ्तार 60 मिलीमीटर प्रति घंटे बताई गई है। बढ़ते पानी को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर नौका संचालन पर अगले आदेश तक रोक जारी रखी है।
गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि ने नदी किनारे रहने वाले लोगों और पितृपक्ष में तर्पण के लिए घाटों पर पहुंच रहे श्रद्धालुओं की चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन की ओर से लोगों से विशेष सावधानी बरतने और गहरे पानी में जाने से बचने की अपील की गई है।
वाराणसी में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 4 मीटर नीचे
केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार, वाराणसी में गंगा के लिए चेतावनी बिंदु 70.26 मीटर निर्धारित है, जबकि खतरे का निशान 71.26 मीटर है। सोमवार सुबह गंगा का जलस्तर 67.18 मीटर दर्ज किया गया। इस लिहाज से नदी का पानी अभी खतरे के निशान से करीब 4 मीटर नीचे है।
हालांकि, जलस्तर बढ़ने की गति 60 मिलीमीटर प्रति घंटे होने के कारण प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। पानी बढ़ने का क्रम जारी रहने पर घाटों और नदी से सटे इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा किया जा सकता है।
1978 में दर्ज हुआ था गंगा का अब तक का सर्वोच्च बाढ़ स्तर
वाराणसी में गंगा के बाढ़ इतिहास में 9 सितंबर 1978 का दिन महत्वपूर्ण माना जाता है। उस दिन नदी का जलस्तर 73.901 मीटर तक पहुंच गया था, जो अब तक का सर्वोच्च बाढ़ स्तर दर्ज किया गया है।
वर्तमान जलस्तर उस रिकॉर्ड से काफी नीचे है, लेकिन लगातार बढ़ते पानी को देखते हुए प्रशासन एहतियात बरत रहा है।
नौका संचालन पर रोक, घाटों पर बढ़ाई गई निगरानी
बढ़ते जलस्तर और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वाराणसी जिला प्रशासन ने नौका संचालन पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। इसका उद्देश्य नदी में किसी संभावित दुर्घटना को रोकना है।
पितृपक्ष के चलते इन दिनों बड़ी संख्या में श्रद्धालु तर्पण और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के लिए गंगा घाटों पर पहुंच रहे हैं। ऐसे में नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और जल पुलिस की निगरानी भी बढ़ाई गई है। दोनों टीमें लगातार पेट्रोलिंग कर रही हैं।
घाटों पर धार्मिक आस्था और सुरक्षा, दोनों के बीच संतुलन बनाए रखना प्रशासन के लिए चुनौती है। यही वजह है कि लोगों से अपील की जा रही है कि वे प्रशासन के निर्देशों की अनदेखी न करें।
गहरे पानी में जाने से बचें, प्रशासन ने की अपील
प्रशासन ने नागरिकों और श्रद्धालुओं से गहरे पानी में स्नान नहीं करने की अपील की है। नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ घाटों पर पानी का फैलाव और बहाव प्रभावित हो सकता है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी जोखिम बढ़ा सकती है।
गंगा किनारे रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने और परिस्थितियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है। किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
जलस्तर पर प्रशासन की लगातार नजर
वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने के बीच जिला प्रशासन और संबंधित विभाग स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों ने आवश्यक सुरक्षा उपायों के लिए संबंधित विभागों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
फिलहाल प्रशासन का जोर लोगों को सुरक्षित रखने और नदी में होने वाली किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकने पर है। आने वाले समय में गंगा के जलस्तर में होने वाला बदलाव स्थिति की दिशा तय करेगा।










