नई दिल्ली (28 सितंबर 2026)। स्वर कोकिला लता मंगेशकर की जयंती पर सोमवार को देश उन्हें याद कर रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी महान गायिका को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय संगीत जगत में लता मंगेशकर का अप्रतिम योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए भी स्मरणीय रहेगा।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लता दीदी को याद करते हुए उनके संगीत और देश के प्रति योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अपनी गायन प्रतिभा के माध्यम से लता मंगेशकर ने दुनिया में भारत का नाम रोशन किया।
लता मंगेशकर जयंती पर पीएम मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में कहा कि लता दीदी ने अपनी मधुर आवाज से भारत को सजाया-संवारा और देश की समृद्धि से जुड़े प्रयासों को भी प्रोत्साहित किया। उन्होंने भारतीय संगीत के क्षेत्र में लता मंगेशकर के योगदान को युगों तक याद किए जाने वाला बताया।
लता मंगेशकर और नरेंद्र मोदी के बीच लंबे समय से आत्मीय संबंध की चर्चा भी होती रही है। प्रधानमंत्री पहले भी उनकी जयंती पर उन्हें याद करते रहे हैं। वर्ष 2022 में उन्होंने लता दीदी को याद करते हुए अयोध्या में उनके नाम पर चौक का नामकरण किए जाने का उल्लेख किया था।
लता मंगेशकर का संगीत से था गहरा रिश्ता
लता मंगेशकर का जन्म 28 सितंबर 1929 को इंदौर में हुआ था। उनका परिवार संगीत से गहराई से जुड़ा था। उनके पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर रंगमंच से जुड़े कलाकार और गायक थे। संगीत का माहौल उन्हें परिवार से ही मिला।
लता मंगेशकर ने कम उम्र में ही कला की दुनिया में कदम रख दिया था। उपलब्ध जीवनी संबंधी जानकारी के अनुसार, उन्होंने 13 वर्ष की उम्र में फिल्म उद्योग में काम करना शुरू किया। वर्ष 1942 में उन्होंने मराठी फिल्म किती हसाल के लिए अपना पहला गीत रिकॉर्ड किया था। बाद में 1947 की आप की सेवा में से हिंदी फिल्मों में उनकी प्लेबैक सिंगिंग की शुरुआत हुई।
इसके बाद उनकी आवाज हिंदी सिनेमा की पहचान का एक अहम हिस्सा बन गई। कई दशक तक उन्होंने अलग-अलग भाषाओं में गीत गाए और भारतीय संगीत की दुनिया में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई।
6 फरवरी 2022 को हुआ था निधन
लता मंगेशकर का निधन 6 फरवरी 2022 को हुआ था। उनके जाने के बाद भी उनके गीतों की लोकप्रियता कम नहीं हुई। उनकी आवाज आज भी संगीत प्रेमियों के लिए उसी अपनत्व का एहसास कराती है, जो दशकों पहले उनके गीतों को सुनते हुए महसूस होता था।
लता मंगेशकर को भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न सहित अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया गया था। उनके जीवन और संगीत की विरासत आज भी भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उनकी जयंती पर उन्हें याद करने का सबसे खूबसूरत तरीका शायद यही है कि उनके गीतों को फिर से सुना जाए। समय बदल गया, संगीत के तौर-तरीके बदल गए, लेकिन लता मंगेशकर की आवाज की मिठास आज भी वैसी ही महसूस होती है।













