नई दिल्ली/28 सितंबर 2026: वाराणसी और नई दिल्ली के बीच रात में सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर के प्रस्तावित संचालन को रेलवे बोर्ड से मंजूरी मिलने की जानकारी सामने आई है। नई समय-सारिणी के अनुसार ट्रेन वाराणसी से रात 8:40 बजे रवाना होकर प्रयागराज और कानपुर के रास्ते सुबह करीब 4:50 बजे नई दिल्ली पहुंच सकती है। यानी दोनों शहरों के बीच यात्रा करीब 8 घंटे 10 मिनट में पूरी होने की संभावना है।
प्रस्तावित कार्यक्रम के मुताबिक ट्रेन का उद्घाटन 12 अक्टूबर 2026 को हो सकता है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इसे हरी झंडी दिखाने की संभावना है। हालांकि, नियमित संचालन के दिन, किराया और टिकट बुकिंग की तारीख को लेकर रेलवे की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है। इसलिए 12 अक्टूबर की तारीख को फिलहाल प्रस्तावित कार्यक्रम के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर का बदला टाइम टेबल
पहले सामने आए प्रस्ताव में ट्रेन को वाराणसी से रात 9:20 बजे रवाना करने और सुबह 5 बजे नई दिल्ली पहुंचाने की बात थी। अब संशोधित समय के अनुसार इसे 40 मिनट पहले, रात 8:40 बजे वाराणसी से चलाने का प्रस्ताव है। इसके बाद ट्रेन प्रयागराज और कानपुर में ठहरते हुए सुबह नई दिल्ली पहुंचेगी।
वाराणसी से नई दिल्ली का प्रस्तावित समय
| स्टेशन | समय |
|---|---|
| वाराणसी | रात 8:40 बजे प्रस्थान |
| प्रयागराज | रात 10:05 बजे |
| कानपुर सेंट्रल | रात 11:50 बजे |
| नई दिल्ली | सुबह 4:50 बजे आगमन |
इस समय-सारिणी के हिसाब से वाराणसी से नई दिल्ली तक का सफर करीब 8 घंटे 10 मिनट का होगा। रात में बर्थ पर आराम करते हुए यात्रा पूरी करने और सुबह जल्दी राजधानी पहुंचने का विकल्प यात्रियों के लिए इस सेवा की प्रमुख विशेषता होगी।
दिल्ली से वाराणसी वापसी का टाइम टेबल
वापसी में भी ट्रेन को रात के समय चलाने की योजना है। नई दिल्ली से यह ट्रेन रात 11:25 बजे रवाना होकर सुबह वाराणसी पहुंच सकती है।
| स्टेशन | समय |
|---|---|
| नई दिल्ली | रात 11:25 बजे प्रस्थान |
| कानपुर सेंट्रल | तड़के 3:30 बजे |
| प्रयागराज | सुबह 5:38 बजे |
| वाराणसी | सुबह 7:35 बजे आगमन |
इससे दिल्ली में दिनभर काम या कारोबार करने वाले यात्रियों को रात में वापस वाराणसी आने का विकल्प मिल सकेगा।
शुरुआत में 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार
प्रस्तावित वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर को शुरुआत में अधिकतम करीब 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाने की संभावना है। ट्रैक और सिग्नलिंग व्यवस्था में जरूरी सुधार के बाद इसकी गति को 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक बढ़ाने का लक्ष्य बताया गया है। वास्तविक परिचालन गति रेलवे के ट्रैक और परिचालन मानकों पर निर्भर करेगी।
16 कोच और करीब 823 यात्रियों की क्षमता
इस वंदे भारत स्लीपर में कुल 16 एसी कोच प्रस्तावित हैं। इनमें:
- 1 फर्स्ट एसी कोच
- 4 सेकंड एसी कोच
- 11 थर्ड एसी कोच
शामिल होंगे। ट्रेन में करीब 823 यात्रियों के सफर करने की क्षमता बताई गई है। यात्रियों के लिए चौड़ी बर्थ, व्यक्तिगत रीडिंग लाइट और मोबाइल-लैपटॉप चार्जिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहने की जानकारी सामने आई है।
प्रयागराज और कानपुर के यात्रियों को भी मिलेगा फायदा
इस ट्रेन का असर सिर्फ वाराणसी और दिल्ली के यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगा। प्रयागराज और कानपुर इसके रूट में महत्वपूर्ण पड़ाव होंगे। ऐसे में इन दोनों शहरों से दिल्ली जाने वाले यात्रियों को भी रात में सफर करके सुबह राजधानी पहुंचने का विकल्प मिलेगा।
खासकर कारोबार, नौकरी और ऐसे काम जिनमें सुबह दिल्ली पहुंचना जरूरी होता है, उनके लिए यह समय-सारिणी उपयोगी साबित हो सकती है। रात का सफर और सुबह गंतव्य—यात्रा का यही मॉडल इस स्लीपर ट्रेन की सबसे खास बात है।
किराया और टिकट बुकिंग पर अभी इंतजार
फिलहाल रेलवे की ओर से इस ट्रेन के नियमित संचालन के दिन, किराया और टिकट बुकिंग शुरू होने की तारीख की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। रेलवे की अंतिम घोषणा के बाद ही आईआरसीटीसी पर बुकिंग उपलब्ध होने की उम्मीद है। इसलिए यात्रियों को बुकिंग और किराए से संबंधित जानकारी के लिए आधिकारिक रेलवे सूचना का इंतजार करना होगा।
सुबह दिल्ली, रात में वाराणसी वापसी
कुल मिलाकर प्रस्तावित समय-सारिणी को देखें तो वाराणसी से रात 8:40 बजे चलकर सुबह 4:50 बजे दिल्ली पहुंचने वाली ट्रेन यात्रियों को दिन का अधिक हिस्सा अपने काम के लिए उपलब्ध करा सकती है। वहीं दिल्ली से रात 11:25 बजे रवाना होकर सुबह 7:35 बजे वाराणसी पहुंचने का समय उन यात्रियों के लिए सुविधाजनक हो सकता है, जिन्हें दिल्ली में दिनभर काम निपटाने के बाद लौटना हो।
ध्यान रहे: अभी संचालन की अंतिम तारीख, नियमित चलने वाले दिन, किराया और बुकिंग की आधिकारिक जानकारी रेलवे की ओर से जारी होना बाकी है।











