लखनऊ, 4 अक्टूबर 2026: भदोही उत्तर प्रदेश के यूपी निर्यात को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को भदोही के हस्तनिर्मित कालीन उद्योग की भूमिका को रेखांकित किया। मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर कहा कि प्रदेश का निर्यात पिछले 10 वर्षों में करीब 2.27 गुना बढ़कर ₹2 लाख करोड़ के पार पहुंच गया है। उनके मुताबिक उत्तर प्रदेश देश का पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक राज्य बन चुका है। इस निर्यात वृद्धि में भदोही के कालीन उद्योग की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है।
यूपी निर्यात में भदोही के कालीन की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भदोही का हुनर कभी अपनी राह खुद तलाशता था, लेकिन अब सरकार विकास, बाजार और नए अवसरों से उसे जोड़ने पर जोर दे रही है। उन्होंने हाथ से बने भदोही के कालीनों की अंतरराष्ट्रीय मांग का उल्लेख करते हुए कहा कि इन उत्पादों के जरिए उत्तर प्रदेश के पारंपरिक कौशल को वैश्विक बाजार में पहचान मिल रही है।
भदोही लंबे समय से हस्तनिर्मित कालीनों के प्रमुख केंद्र के रूप में जाना जाता है। उत्तर प्रदेश सरकार के निवेश पोर्टल के अनुसार राज्य में देश के करीब 90 प्रतिशत कालीन उत्पादन से जुड़ा आधार है और भदोही प्रमुख हस्तनिर्मित कालीन क्लस्टरों में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में 2017 से पहले की स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जिन कारीगरों के हाथों ने भदोही के कालीन को दुनिया तक पहुंचाया, उन्हें पहले बुनियादी सुविधाओं और अवसरों के लिए इंतजार करना पड़ता था। अब सरकार के प्रयासों से इस पारंपरिक हुनर को विकास और वैश्विक बाजार से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
इंडिया कारपेट एक्सपो के स्वर्ण जयंती संस्करण का शुभारंभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि वह रविवार को एशिया के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय हस्तनिर्मित कालीन व्यापार मेलों में शामिल इंडिया कारपेट एक्सपो के 50वें यानी स्वर्ण जयंती संस्करण का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम में कालीन उद्योग से जुड़े निर्यातकों, विक्रेताओं और उद्यमियों के साथ संवाद भी प्रस्तावित था। The News Mill
भारत के हस्तनिर्मित कालीन कारोबार के लिए ऐसे आयोजन विदेशी खरीदारों और भारतीय निर्यातकों को एक मंच उपलब्ध कराते हैं। मंत्रालय के एक आधिकारिक दस्तावेज के मुताबिक 2025 के इंडिया कारपेट एक्सपो में 42 देशों से 215 विदेशी खरीदार पहुंचे थे और आयोजन के दौरान 1,400 से 1,600 तक कारोबारी पूछताछ दर्ज हुई थी। अनुमानित निर्यात ऑर्डर की संभावित कारोबारी कीमत ₹200-240 करोड़ बताई गई थी।
भदोही, औराई और ज्ञानपुर में 1,340 करोड़ से अधिक की परियोजनाएं
भदोही दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने जिले के तीन विधानसभा क्षेत्रों—भदोही, औराई और ज्ञानपुर—के लिए 1,340 करोड़ रुपये से अधिक की 112 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसके साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को हितलाभ भी प्रदान किए गए।
इन परियोजनाओं को कालीन कारोबार के साथ-साथ स्थानीय बुनियादी ढांचे और विकास से जोड़कर देखा जा रहा है। भदोही में कालीन केवल एक उत्पाद नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में परिवारों की आजीविका और जिले की कारोबारी पहचान का हिस्सा है। ऐसे में निर्यात बाजार का विस्तार होने का सीधा असर कारीगरों, छोटे उद्यमियों और कारोबार से जुड़े दूसरे वर्गों पर पड़ सकता है।
कारीगर, कारोबार और रोजगार पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता कारीगर के हुनर को सम्मान देने, उद्यम को विस्तार देने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की है। भदोही के संदर्भ में यह बात खास मायने रखती है, क्योंकि यहां पारंपरिक कौशल और निर्यात आधारित कारोबार एक-दूसरे से सीधे जुड़े हैं।
इस पूरी पहल का केंद्र यही है कि स्थानीय हुनर को केवल देश के बाजार तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उसे वैश्विक मांग, आधुनिक कारोबारी व्यवस्था और बेहतर अवसरों के साथ जोड़ा जाए। यूपी सरकार की ओर से भदोही में विकास परियोजनाओं और अंतरराष्ट्रीय कालीन कारोबार को एक ही अवसर पर सामने लाना इसी दिशा का संकेत है।











