कानपुर नगर/26 अक्टूबर 2026: उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में बांग्लादेशी और पाकिस्तानी घुसपैठियों का मुद्दा उठाते हुए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि घुसपैठियों के प्रति नरम रुख अपनाने से गरीबों और जरूरतमंदों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचना चाहिए।
अखिलेश यादव पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए योगी ने कहा कि राजनीतिक विरासत के आधार पर सत्ता तो मिल सकती है, लेकिन नेतृत्व के लिए अपनी समझ और कार्यक्षमता भी साबित करनी पड़ती है। ये टिप्पणियां मुख्यमंत्री के राजनीतिक संबोधन का हिस्सा थीं।
सपा सरकार के कार्यकाल और कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
सीएम योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2012 में सत्ता में आई समाजवादी पार्टी की सरकार के कामकाज पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन सरकार के दौरान महापुरुषों से जुड़े संस्थानों और नामों के मामले में उचित सम्मान नहीं दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक पहचान को फिर से प्रमुखता देने के लिए काम कर रही है।
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री ने विपक्ष को घेरा। उन्होंने मुजफ्फरनगर की घटनाओं, मथुरा के जवाहर बाग प्रकरण और पुलिस अधिकारियों की हत्या का उल्लेख करते हुए तत्कालीन सरकार पर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में ढिलाई बरतने का आरोप लगाया।
योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में व्यापारी, किसान और आम नागरिक सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते थे। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने अपराध और अराजकता पर अंकुश लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं।
राम मंदिर और धार्मिक विरासत के मुद्दे पर कांग्रेस-सपा को घेरा
मुख्यमंत्री ने अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम और प्रदेश के दूसरे धार्मिक स्थलों के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण भी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने पिछली सरकारों पर धार्मिक स्थलों के विकास और उनसे जुड़ी जनभावनाओं की उपेक्षा करने का आरोप लगाया।
बिठूर के संदर्भ में उन्होंने महर्षि वाल्मीकि के योगदान को याद किया। रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि ने भगवान श्रीराम के जीवन और आदर्शों को जिस तरह जनमानस तक पहुंचाया, वह भारतीय सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, महर्षि वाल्मीकि आश्रम, ब्रह्मावर्त घाट और दूसरे ऐतिहासिक-धार्मिक स्थलों का विकास बिठूर की पहचान को मजबूत करने के साथ पर्यटन की संभावनाओं को भी बढ़ा सकता है।
परिवारवाद और तुष्टीकरण पर भी किया प्रहार
योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर परिवारवाद तथा तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता विकास, रोजगार, महिला सुरक्षा और गरीबों का कल्याण होना चाहिए।
उन्होंने राशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत और उज्ज्वला योजना जैसी कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पात्र लाभार्थियों तक सरकारी सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव आंबेडकर और सरदार वल्लभभाई पटेल सहित स्वतंत्रता संग्राम के नायकों के योगदान को याद रखने की जरूरत भी बताई। उनके संबोधन में सामाजिक सौहार्द, राष्ट्रीय एकता और ऐतिहासिक विरासत के सम्मान पर जोर रहा।
बिठूर और बिल्हौर को 411.77 करोड़ रुपये की 48 विकास परियोजनाओं की सौगात
महर्षि वाल्मीकि जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में बिठूर और बिल्हौर विधानसभा क्षेत्रों के लिए कुल 411.77 करोड़ रुपये की 48 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। उपलब्ध परियोजना विवरण के अनुसार, इनमें 29 परियोजनाओं का लोकार्पण और 19 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
इन परियोजनाओं का उद्देश्य सड़क संपर्क, सार्वजनिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाना है। क्षेत्र में धार्मिक स्थलों के विकास से पर्यटन को बढ़ावा मिलने और स्थानीय लोगों के लिए सुविधाएं बढ़ने की उम्मीद है।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित करने का भी कार्यक्रम रखा गया था। मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों को जनता के जीवन में सुधार और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने से जोड़कर प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
बिठूर में आयोजित कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला, सांसद रमेश अवस्थी, बिठूर विधायक अभिजीत सिंह सांगा सहित कई जनप्रतिनिधि और भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहे।
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने विकास, सुरक्षा और सांस्कृतिक विरासत के सम्मान को प्रदेश की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने में सहयोग की अपील की।
राजनीतिक संदेश स्पष्ट था: महर्षि वाल्मीकि जयंती के धार्मिक और सांस्कृतिक मंच से मुख्यमंत्री ने विकास परियोजनाओं के साथ विपक्ष की नीतियों को भी निशाने पर रखा। हालांकि, घुसपैठ, कानून-व्यवस्था और पिछली सरकारों से जुड़े आरोप मुख्यमंत्री के राजनीतिक दावे हैं; उनका स्वतंत्र मूल्यांकन संबंधित तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर किया जाना चाहिए।













