लखनऊ (रविवार, 1 नवंबर 2026)। उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। अर्णब चक्रवात और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पिछले तीन दिनों से प्रदेश के कई जिलों में बारिश, तेज हवाओं और बादलों की आवाजाही ने ठंड का एहसास बढ़ा दिया है। शनिवार को भी सुबह से शुरू हुआ बूंदाबांदी और हल्की बारिश का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। पूर्वी उत्तर प्रदेश में पश्चिमी जिलों के मुकाबले अधिक बारिश दर्ज की गई। गोरखपुर में सबसे ज्यादा बादल बरसे, जबकि मुजफ्फरनगर 14.9 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा।
मौसम में आए इस बदलाव का असर दिन और रात, दोनों के तापमान पर दिखाई दिया। कई जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, रविवार को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना है। इसके बाद मौसम में धीरे-धीरे सुधार होने और सोमवार से आसमान साफ होने के आसार हैं।
गोरखपुर में सबसे ज्यादा बारिश, लखनऊ में भी बरसे बादल
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार से शनिवार के बीच गोरखपुर के बर्डघाट में सबसे अधिक 63.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इस बारिश के साथ गोरखपुर प्रदेश में वर्षा के मामले में सबसे आगे रहा।
राजधानी लखनऊ में भी बादलों ने जमकर असर दिखाया। यहां 23.9 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश के कारण सड़कों पर आवाजाही और सामान्य जनजीवन पर भी मौसम का असर दिखाई दिया।
पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत अधिक सक्रिय रहीं। वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में भी बादलों और ठंडी हवाओं ने तापमान नीचे पहुंचा दिया।
बस्ती और बांदा में सामान्य से 10 डिग्री तक नीचे पहुंचा तापमान
बारिश और बादलों की वजह से प्रदेश के कई जिलों में दिन का तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया। शनिवार को बस्ती में अधिकतम तापमान 23.0 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 10.3 डिग्री कम था।
इसी तरह बांदा में अधिकतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह सामान्य से 9.2 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा। दिन के तापमान में इतनी गिरावट से लोगों को नवंबर की शुरुआत में ही ठंड का अहसास होने लगा है।
मौसम में आए इस बदलाव के चलते सुबह और शाम के समय हल्की ठंडक के साथ दिन में भी गर्मी का असर काफी कम रहा।
मुजफ्फरनगर सबसे ठंडा, इन जिलों में भी गिरा न्यूनतम तापमान
न्यूनतम तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो शनिवार को मुजफ्फरनगर प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा। यहां पारा गिरकर 14.9 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। इसके अलावा कई अन्य जिलों में भी न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस के आसपास या उससे नीचे दर्ज किया गया।
प्रमुख जिलों का तापमान इस प्रकार रहा:
| जिला | न्यूनतम तापमान | अधिकतम तापमान |
|---|---|---|
| मुजफ्फरनगर | 14.9°C | उपलब्ध नहीं |
| नजीबाबाद | 15.0°C | 26.5°C |
| उरई | 15.6°C | 25.8°C |
| मेरठ | 15.7°C | 28.0°C |
| इटावा | 17.7°C | 27.0°C |
इन आंकड़ों से साफ है कि बारिश का असर केवल दिन के तापमान पर ही नहीं, बल्कि रात के मौसम पर भी पड़ा है।
अक्टूबर में सामान्य से 14 प्रतिशत अधिक हुई बारिश
उत्तर प्रदेश में अक्टूबर महीने के दौरान भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से ऊपर रहा। मौसम विभाग के अनुसार, 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 के बीच प्रदेश में कुल 32.1 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। यह सामान्य बारिश से 14 प्रतिशत अधिक है।
क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो पूर्वांचल में सामान्य से तीन प्रतिशत अधिक बारिश हुई, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में वर्षा का आंकड़ा सामान्य से 37 प्रतिशत अधिक दर्ज किया गया।
इस तरह अक्टूबर में प्रदेश के दोनों प्रमुख क्षेत्रों में बारिश का असर देखने को मिला, हालांकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सामान्य के मुकाबले वर्षा की अधिकता ज्यादा रही।
आज पूर्वी यूपी में बारिश के आसार, सोमवार से साफ होगा मौसम
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, रविवार को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है। हालांकि, प्रदेश में पिछले दिनों की तरह व्यापक बारिश होने की संभावना कम होती दिख रही है।
रविवार से मौसम में बदलाव शुरू होने और सोमवार से आसमान साफ रहने के आसार हैं। बारिश थमने के बाद दिन के तापमान में फिर बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि सुबह और रात के समय ठंडक बनी रहने की संभावना है।
कुल मिलाकर, अर्णब चक्रवात और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव ने नवंबर की शुरुआत में ही उत्तर प्रदेश के मौसम का मिजाज बदल दिया है। अब लोगों को बारिश से राहत मिलने का इंतजार है, लेकिन ठंड की दस्तक के साथ मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।









