नई दिल्ली (रविवार, 1 नवंबर 2026)। चक्रवात अर्नब के गुजरने के बाद ओडिशा और आंध्र प्रदेश में जनजीवन पटरी पर लौटने लगा है, लेकिन तबाही के निशान अभी भी साफ दिखाई दे रहे हैं। ओडिशा के गंजाम और गजपति जिलों में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है। हालांकि, करीब 700 लोग अब भी जलभराव वाले इलाकों में फंसे हुए हैं। दूसरी तरफ आंध्र प्रदेश में चक्रवात से हुए नुकसान का शुरुआती अनुमान 4,764 करोड़ रुपये लगाया गया है। यहां हजारों मकान, सड़कें और बड़े पैमाने पर फसलें प्रभावित हुई हैं। दोनों राज्यों में राहत, बचाव और पुनर्निर्माण का काम तेज कर दिया गया है।
चक्रवात अर्नब: ओडिशा के गंजाम और गजपति में सुधर रहे हालात
चक्रवात अर्नब का सबसे ज्यादा असर ओडिशा के दक्षिणी हिस्सों में देखने को मिला। राज्य के नौ दक्षिणी जिले प्रभावित हुए, जिनमें गंजाम और गजपति में नुकसान का स्तर अधिक रहा। गंजाम में 1.5 लाख से ज्यादा और गजपति में 30 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।
गंजाम के कलेक्टर वी. कीर्ति वासन के मुताबिक, प्रशासन ने अब तक 56,051 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। इनके लिए जिले में 367 राहत शिविर बनाए गए हैं। इसके अलावा 370 स्थानों पर पका हुआ भोजन वितरित किया जा रहा है, ताकि प्रभावित परिवारों को खाने-पीने की परेशानी न हो।
प्रशासन के सामने अभी भी जलभराव वाले क्षेत्रों में फंसे लोगों तक राहत पहुंचाने की चुनौती है। करीब 700 लोग अब भी ऐसे इलाकों में फंसे हुए हैं। इन गांवों तक नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल के हेलीकॉप्टरों के जरिए खाने के पैकेट पहुंचाने का काम पूरा कर लिया गया है।
गंजाम में 70 से घटकर सिर्फ तीन रह गए जलभराव वाले गांव
गंजाम जिले में बाढ़ की स्थिति में सुधार का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पानी से घिरे गांवों की संख्या लगातार कम हुई है। गुरुवार को जिले में ऐसे 70 गांव थे। शुक्रवार को इनकी संख्या घटकर 21 रह गई और शनिवार तक केवल तीन गांव पानी से घिरे हुए थे।
प्रशासन का कहना है कि अगले 15 से 20 दिनों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त खाद्य सामग्री उपलब्ध करा दी गई है। वहीं, बाढ़ और जलभराव के मद्देनजर गंजाम जिले के स्कूल 3 नवंबर तक बंद रखने का फैसला किया गया है।
ओडिशा में सड़क और रेल सेवाएं बहाल, बिजली व्यवस्था में सुधार
चक्रवात के बाद ओडिशा में परिवहन और बिजली आपूर्ति बहाल करने का काम भी तेजी से चल रहा है। राज्य के परिवहन मंत्री बीबी जेना ने बताया कि बहुदा नदी का जलस्तर कम होने के बाद कोलकाता और चेन्नई को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग-16 फिर से यातायात के लिए खोल दिया गया है। इस मार्ग पर रेल सेवाएं भी सामान्य हो गई हैं।
जल संसाधन विभाग की सचिव शुभा शर्मा ने रुशिकुल्या नदी के गेज स्टेशन का निरीक्षण किया। उनके मुताबिक, नदी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है और फिलहाल बाढ़ का तत्काल खतरा नहीं है। हालांकि, निचले इलाकों में जमा पानी को पूरी तरह निकलने में अभी कुछ दिन लग सकते हैं।
प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, पुल, एनीकट और तटबंधों की मरम्मत शुरू कर दी गई है। राहत सामग्री की आवाजाही सुचारु रखने के लिए हिंजिली-भंजनगर, सोराडा-दरिंगबाड़ी और मोहना-ब्रह्मपुर जैसे प्रमुख मार्गों को प्राथमिकता दी जा रही है।
गंजाम और गजपति में एनडीआरएफ, ओडीआरएएफ, पुलिस और अग्निशमन विभाग के 100 से अधिक कर्मचारी राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे हैं।
आठ जिलों में 96.32 प्रतिशत बिजली आपूर्ति बहाल
चक्रवात के दौरान बिजली व्यवस्था को भी काफी नुकसान पहुंचा था। टीपी सदर्न ओडिशा डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (TPSODL) के मुताबिक, दक्षिणी ओडिशा में करीब 17 लाख उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है।
आठ जिलों में बिजली बहाली का काम 96.32 प्रतिशत पूरा हो चुका है। इसके साथ ही सभी 130 प्रभावित प्राथमिक सबस्टेशन भी दोबारा चालू कर दिए गए हैं। मलकानगिरी, बौध और रायगढ़ा में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल हो गई है, जबकि गंजाम में यह काम 93 प्रतिशत तक पूरा हुआ है।
आंध्र प्रदेश में चक्रवात से 4,764 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान
ओडिशा में हालात सुधरने के बीच आंध्र प्रदेश में चक्रवात से हुई तबाही का आकलन किया जा रहा है। राज्य सरकार ने केंद्र की सात सदस्यीय टीम को शुरुआती रिपोर्ट में बताया है कि चक्रवात से प्रदेश के 12 जिले प्रभावित हुए हैं। अब तक कम से कम 4,764 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है।
सरकार के प्रारंभिक आंकड़ों के मुताबिक, करीब 4.63 लाख किसानों की 3.52 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि पर लगी फसलें बर्बाद हुई हैं। इसके अलावा 23,383 हेक्टेयर क्षेत्र में बागवानी फसलों को नुकसान पहुंचा है।
चक्रवात का असर केवल खेती तक सीमित नहीं रहा। राज्य में करीब 2,500 किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं और 7,000 से अधिक मकानों को नुकसान पहुंचा है। बिजली क्षेत्र को भी भारी क्षति हुई है।
केंद्र की सात सदस्यीय टीम कर रही नुकसान का आकलन
आंध्र प्रदेश में चक्रवात से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्र सरकार की सात सदस्यीय टीम पहुंच चुकी है। यह टीम प्रभावित इलाकों का निरीक्षण कर नुकसान और राहत कार्यों की स्थिति का आकलन कर रही है।
प्रारंभिक रिपोर्ट में डॉ. बीआर आंबेडकर कोनसीमा और पश्चिम गोदावरी जिलों को सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में शामिल किया गया है। केंद्र की टीम के आकलन के बाद नुकसान की वास्तविक तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
वहीं, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने अधिकारियों को राहत और बहाली के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। दोनों राज्यों में फिलहाल प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित सहायता पहुंचाने, बिजली और सड़क संपर्क पूरी तरह बहाल करने तथा कृषि और आवासीय नुकसान से उबरने की है।













