लखनऊ/रविवार, 1 नवंबर 2026: उत्तर प्रदेश में घर के छोटे हिस्से में दुकान चलाकर परिवार का खर्च उठाने वाले लाखों लोगों को बिजली बिल और कनेक्शन संबंधी नियमों में राहत मिल सकती है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने एक किलोवाट तक के घरेलू बिजली कनेक्शन पर दुकान में भी बिजली इस्तेमाल करने की छूट देने की मांग उठाई है। परिषद का कहना है कि इस फैसले से प्रदेश के करीब 30 लाख निम्न आय वर्ग के उपभोक्ताओं को फायदा मिल सकता है। यह मांग वित्तीय वर्ष 2027-28 की प्रस्तावित बिजली दरों के संदर्भ में की गई है।
एक किलोवाट तक घरेलू कनेक्शन पर मिले व्यावसायिक इस्तेमाल की छूट
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा के मुताबिक, प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे परिवार हैं, जो अपने घर के एक छोटे हिस्से में किराना, सिलाई, मरम्मत या अन्य छोटी दुकानें चलाकर आजीविका कमाते हैं। इन उपभोक्ताओं के पास सीमित संसाधन हैं और वे अलग से व्यावसायिक बिजली कनेक्शन लेने की स्थिति में नहीं होते।
परिषद का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था के तहत ऐसे उपभोक्ताओं के यहां विजिलेंस की जांच होने पर बिजली के व्यावसायिक इस्तेमाल को लेकर आपत्ति दर्ज की जाती है। इसके बाद राजस्व निर्धारण के साथ बिजली चोरी का मुकदमा भी दर्ज करा दिया जाता है। इससे पहले से आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे छोटे दुकानदारों की परेशानी बढ़ जाती है।
अवधेश वर्मा का कहना है कि एक किलोवाट तक के घरेलू कनेक्शन पर घर के छोटे हिस्से में दुकान चलाने की अनुमति मिलनी चाहिए। इससे गरीब और निम्न आय वर्ग के परिवारों को अनावश्यक कानूनी और आर्थिक परेशानियों से राहत मिल सकेगी।
बिजली कंपनियों ने अब तक नहीं दाखिल किया प्रस्ताव
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अनुसार, इस मामले में राज्य सरकार और पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन के सामने लगातार मांग रखी जा रही है। विद्युत नियामक आयोग ने भी बिजली वितरण कंपनियों को इस संबंध में तीन महीने के भीतर प्रस्ताव दाखिल करने के निर्देश दिए थे। हालांकि, परिषद का दावा है कि अब तक बिजली कंपनियों की ओर से प्रस्ताव दाखिल नहीं किया गया है।
परिषद चाहती है कि आगामी बिजली दरों के निर्धारण में इस मांग को शामिल किया जाए, ताकि छोटे घरेलू दुकानदारों को राहत देने के लिए स्पष्ट व्यवस्था बन सके।
30 नवंबर तक दाखिल होने हैं बिजली दरों के प्रस्ताव
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2027-28 के लिए बिजली दरों से जुड़े प्रस्ताव सभी बिजली वितरण कंपनियों को 30 नवंबर तक विद्युत नियामक आयोग में दाखिल करने हैं। इसके बाद आयोग प्रस्तावों पर विचार करते हुए आगे की प्रक्रिया पूरी करेगा।
ऐसे में राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद की नजर आगामी टैरिफ प्रक्रिया पर है। यदि उसकी मांग पर विचार होता है तो घर से छोटी दुकान चलाने वाले लाखों परिवारों को राहत मिलने का रास्ता खुल सकता है। हालांकि, फिलहाल यह केवल मांग है। घरेलू कनेक्शन से दुकान में बिजली इस्तेमाल करने की छूट पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।









