लखनऊ (Fri, 06 Nov 2026)। त्योहारों पर अपने घर पहुंचने की जल्दबाजी में यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाली बसों पर अब शिकंजा कसने की तैयारी है। उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने एक्सप्रेस-वे पर ओवरलोड बसों के संचालन को गंभीरता से लेते हुए विशेष अभियान चलाने का फैसला किया है।
परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने मेरठ, हापुड़, गाजियाबाद, लखनऊ और गाजीपुर के प्रवर्तन अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को अपनी टीमों के साथ मौके पर मौजूद रहकर जांच और कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी।
इन एक्सप्रेस-वे के प्रवेश और निकास बिंदुओं पर रहेगी नजर
दीपावली, छठ पूजा और भाई दूज के कारण पश्चिमी उत्तर प्रदेश से पूर्वांचल की ओर यात्रियों की आवाजाही बढ़ गई है। इसी को देखते हुए परिवहन विभाग ने प्रमुख एक्सप्रेस-वे के संवेदनशील बिंदुओं पर निगरानी बढ़ाने का निर्णय लिया है।
विशेष अभियान के तहत इन स्थानों पर जांच की जाएगी:
- गंगा एक्सप्रेस-वे: मेरठ और हापुड़ के प्रवेश बिंदु।
- लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे: लखनऊ निकास बिंदु।
- पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे: लखनऊ और गाजीपुर के प्रवेश एवं निकास बिंदु।
इन स्थानों पर प्रवर्तन अधिकारी अपनी टीमों के साथ बसों की जांच करेंगे। संबंधित संभागीय परिवहन अधिकारी भी मौके पर निगरानी रखेंगे।
बसों की छत पर सवारी बैठाना भी पड़ेगा भारी
परिवहन विभाग के संज्ञान में आया है कि त्योहारों के दौरान कई बसों में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाया जा रहा है। कुछ बसों में यात्रियों को छत पर भी ले जाया जा रहा है। यह न केवल मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं के लिहाज से भी बेहद खतरनाक है।
ओवरलोड बसों में सफर करने वाले यात्रियों की जान पर खतरा बना रहता है। अचानक ब्रेक लगने, वाहन के असंतुलित होने या दुर्घटना की स्थिति में ऐसे यात्रियों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में परिवहन विभाग का यह अभियान सड़क सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यात्रियों को रास्ते में नहीं होगी परेशानी, वैकल्पिक बसों की व्यवस्था
ओवरलोड बसों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान यात्रियों को बीच रास्ते में उतारने से होने वाली परेशानी को भी परिवहन विभाग ने ध्यान में रखा है।
परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक से वैकल्पिक बसों की व्यवस्था कराने को कहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जांच के दौरान बस से उतारे गए यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाया जा सके।
त्योहारों के दौरान सड़क पर बढ़ते यातायात के बीच यह अभियान यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम है। अब देखना होगा कि 7 नवंबर को होने वाली कार्रवाई के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाली बसों पर कितनी सख्ती दिखाई जाती है।











