नई दिल्ली, 11 नवंबर 2025 (विशेष संवाददाता)। लाल किले के पास हुए Delhi Blast ने देश को गहराई से झकझोर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने इस आतंकी हमले पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि “मैं बहुत भारी मन से भूटान आया हूं। यह धमाका पूरे देश के लिए दर्दनाक क्षण है।”
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस हमले के साजिशकर्ताओं को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी।
पीएम मोदी इस समय भूटान (Bhutan Visit) की आधिकारिक यात्रा पर हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि उनका मन इस दर्दनाक घटना से व्यथित है और वे लगातार भारत में जांच एजेंसियों के संपर्क में हैं।
‘पूरे देश को झकझोर देने वाली घटना’ — पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने भूटान की राजधानी थिम्फू में अपने संबोधन के दौरान कहा —
“आज मैं बहुत दुखी मन से यहां आया हूं। कल शाम दिल्ली में जो भयावह घटना हुई, उसने पूरे देश को हिला दिया है। मैं उन परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। पूरा भारत उनके साथ खड़ा है।”
उन्होंने आगे कहा कि देश की जांच एजेंसियां रात-दिन इस मामले की तह तक जा रही हैं।
“जो भी इस साजिश के पीछे हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति से कभी पीछे नहीं हटेगा।”
रातभर एजेंसियों के संपर्क में रहे प्रधानमंत्री
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली ब्लास्ट के बाद प्रधानमंत्री मोदी रातभर एजेंसियों से संपर्क में रहे।
उन्होंने दिल्ली पुलिस, एनएसजी (National Security Guard) और खुफिया एजेंसियों से विस्तृत जानकारी ली।
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने बयान जारी कर कहा कि “प्रधानमंत्री लगातार घटना की निगरानी कर रहे हैं और उन्होंने गृहमंत्री से तत्काल रिपोर्ट मांगी है।”
भूटान में शांति सम्मेलन के दौरान भी जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूटान में आयोजित ग्लोबल पीस प्रेयर फेस्टिवल (Global Peace Prayer Festival) में भाग लेने पहुंचे हैं।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा —
“भारत में हमारे पूर्वजों ने ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना दी है, जिसका अर्थ है कि पूरी दुनिया एक परिवार है। आज जब दुनिया भर के संत विश्व शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं, तब 1.4 अरब भारतीयों की प्रार्थनाएं भी उनके साथ हैं।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि शांति की यह भावना तभी साकार हो सकती है जब आतंकवाद जैसे अमानवीय कार्यों को कठोरता से रोका जाए।
Delhi Blast: 9 की मौत, 20 से ज्यादा घायल
सोमवार शाम को दिल्ली के लाल किले मेट्रो स्टेशन के पास कार में हुए विस्फोट ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी।
9 लोगों की मौत और 20 से अधिक लोगों के घायल होने की पुष्टि की गई है।
विस्फोट इतना तेज था कि मेट्रो स्टेशन के बाहर की कांच की दीवारें टूट गईं, और कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।
फॉरेंसिक जांच में पाया गया है कि धमाका उच्च तीव्रता वाले विस्फोटक (high-intensity explosives) से किया गया था।
दिल्ली पुलिस ने इसे आतंकी हमला (terror attack) घोषित किया है, और जांच एजेंसियों ने कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
भारत की सख्त नीति: आतंक पर समझौता नहीं
पीएम मोदी ने स्पष्ट कहा कि भारत की नीति Zero Tolerance Against Terrorism की है और यह नीति आगे भी जारी रहेगी।
उन्होंने कहा —
“भारत शांति चाहता है, लेकिन आतंक के खिलाफ हमारी आवाज पहले की तरह बुलंद रहेगी। देश की सुरक्षा से कोई भी समझौता नहीं होगा।”
इस बयान के साथ प्रधानमंत्री ने यह संकेत दिया कि भारत सरकार इस आतंकी हमले के जवाब में सख्त कार्रवाई के मूड में है।
निष्कर्ष: प्रधानमंत्री का संदेश — “देश दुखी है, लेकिन दृढ़ भी”
भूटान से दिया गया प्रधानमंत्री मोदी का बयान केवल शोक-संवेदना नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प (strong resolve) का प्रतीक है।
उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि भारत आतंक के खिलाफ न तो झुकेगा, न रुकेगा।
Delhi Blast ने भले ही देश को दर्द दिया है, लेकिन यह घटना भारत के सुरक्षा तंत्र को और अधिक सशक्त बनाएगी।
जांच एजेंसियां सक्रिय हैं, और पूरे देश की निगाहें अब इस जांच के नतीजों पर टिकी हैं।











