कानपुर, गुरुवार (05 फरवरी 2026)। Yogi Adityanath ने कानपुर मास्टर प्लान 2031 को सैद्धांतिक सहमति देकर शहर के दीर्घकालिक विकास की दिशा तय कर दी है। सात वर्षों की तैयारी, GIS आधारित मैपिंग और विस्तृत भू-उपयोग पुनर्वर्गीकरण के बाद अब आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक परियोजनाओं का रास्ता साफ हो गया है।
कानपुर मास्टर प्लान 2031: GIS आधारित योजना से शहर का नया नक्शा
पहली बार GIS (Geographic Information System) तकनीक से तैयार यह प्लान 51 लाख अनुमानित आबादी की जरूरतों को ध्यान में रखता है। अब तक विकास मास्टर प्लान 2021 के तहत हो रहा था; नए प्लान के लागू होते ही केडीए की लंबित और प्रस्तावित योजनाएं तेज़ी से जमीन पर उतर सकेंगी।
बैठक में केडीए उपाध्यक्ष मदन सिंह गर्ब्याल और मुख्य नगर नियोजक मनोज कुमार मौजूद रहे, जबकि मंडलायुक्त के. विजयेन्द्र पांडियन ऑनलाइन जुड़े। योजना निर्माण में परामर्शदाता के रूप में रुद्र अभिषेक एंटरप्राइजेज की तकनीकी भूमिका भी रही।
कृषि भूमि से आवासीय/व्यावसायिक: अटकी योजनाओं को मिली रफ्तार
चकेरी, रूमा, कुल गांव, उचटी (अटल), सनिगवां जैसे इलाकों में बड़े हिस्से कृषि श्रेणी में होने से योजनाएं अटकी थीं। कानपुर मास्टर प्लान 2031 में इन भू-खंडों का पुनर्वर्गीकरण कर आवासीय व व्यावसायिक उपयोग की अनुमति दी गई है। इससे:
- ग्रेटर कानपुर (करीब 5000 एकड़)
- चकेरी क्षेत्र की एरो सिटी परिकल्पना
- न्यू कानपुर सिटी की चरणबद्ध अड़चनें
अब बिना लंबी भू-परिवर्तन प्रक्रिया के आगे बढ़ सकेंगी।
58,078 हेक्टेयर में विस्तार, 386 गांव शामिल
नए प्लान में कुल 58,078 हेक्टेयर क्षेत्र शामिल है—जो पिछले प्लान (32,080 हेक्टेयर) से लगभग 25,998 हेक्टेयर अधिक है। दायरे में कानपुर नगर के साथ शुक्लागंज, बिठूर और अकबरपुर क्षेत्र भी आए हैं। केडीए सीमा के 85 गांव, अकबरपुर के 58 गांव समेत कुल 386 गांवों की जमीन को नियोजित ढांचे में समाहित किया गया है। बाद में सीमा में जुड़े 80 गांवों के लिए अलग मास्टर प्लान प्रक्रिया भी जारी है।
ट्रैफिक जाम पर प्रहार: 12.75% भूमि परिवहन के लिए
ट्रैफिक और ट्रांसपोर्ट के लिए 12.75% (7406.59 हेक्टेयर) भूमि आरक्षित है। चौड़ी सड़कों के साथ हैवी, फोर-व्हीलर, टू-व्हीलर और साइकिल के लिए अलग लेन की परिकल्पना की गई है—ताकि जाम की पुरानी समस्या को संरचनात्मक समाधान मिले।
हरित क्षेत्र पर जोर: 18.89% ग्रीनरी
आवासीय के बाद सबसे अधिक 18.89% (10,970.92 हेक्टेयर) क्षेत्र ग्रीन बेल्ट, पार्क और खुले स्थलों के लिए रखा गया है। प्रदूषण नियंत्रण और शहरी जीवन-गुणवत्ता सुधारने में यह बड़ा कदम माना जा रहा है।
जोनवार विकास: पर्यटन, आवास और उद्योग
- बिठूर को पर्यटन जोन
- न्यू कानपुर सिटी को आवासीय विस्तार
- डिफेंस कॉरिडोर के आसपास ग्रेटर कानपुर
- नारामऊ में औद्योगिक क्षेत्र व नॉलेज पार्क
- केडीए क्षेत्र में मेडिसिन सिटी (100 एकड़), नॉलेज पार्क (359 एकड़), ईवी पार्क (500 एकड़), मेगा एसएसएसई पार्क (100 एकड़)
भू-उपयोग स्पष्ट होते ही औद्योगिक निवेश लाना आसान होगा।
“मुख्यमंत्री ने मास्टर प्लान 2031 को सैद्धांतिक सहमति दे दी है। अब आवासीय और औद्योगिक योजनाएं तेजी से धरातल पर आएंगी।” — के. विजयेन्द्र पांडियन, मंडलायुक्त










