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SIP Calculation: 5000 रुपये की SIP से 20 साल में बन सकता है करीब 50 लाख का फंड, समझें पूरा कैलकुलेशन

On: February 8, 2026
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SIP Calculation- 5000 रुपये की SIP से 20 साल में बन सकता है करीब 50 लाख का फंड
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नई दिल्ली (08 फरवरी 2026)। म्यूचुअल फंड में निवेश की दुनिया में एक शब्द सबसे ज्यादा सुना जाता है—SIP। यानी Systematic Investment Plan। छोटी-छोटी किस्तों में नियमित निवेश, जो समय के साथ बड़ी रकम में बदल सकता है। यही वजह है कि आज नौकरीपेशा लोग हों या छोटे व्यवसायी, हर कोई SIP के जरिए भविष्य के लिए फंड तैयार करना चाहता है।

लेकिन असली सवाल यही रहता है—अगर कोई हर महीने 5000 रुपये निवेश करे, तो 20 साल बाद उसके पास कितनी रकम होगी? आइए, इसे सरल गणित के जरिए समझते हैं।

कैलकुलेशन के आधार

  • मासिक निवेश: ₹5000
  • अनुमानित औसत रिटर्न: 12% सालाना
  • निवेश अवधि: 20 वर्ष (240 महीने)

SIP में रिटर्न कंपाउंडिंग (Compounding) के आधार पर बढ़ता है। यानी हर महीने निवेश की गई रकम पर मिलने वाला रिटर्न भी आगे रिटर्न कमाता है।

SIP के भविष्य मूल्य (Future Value) के मानक फॉर्मूले से गणना करने पर:

20 साल बाद अनुमानित फंड ≈ ₹49,90,000 से ₹50,00,000 के बीच

कुल निवेश (Principal)

₹5000 × 12 महीने × 20 साल = ₹12,00,000

कुल अनुमानित रिटर्न (Wealth Gain)

लगभग ₹38,00,000

यानी आपकी मूल रकम से तीन गुना से भी ज्यादा पैसा केवल कंपाउंडिंग की ताकत से बन सकता है।

किन फंड्स में निवेश की सलाह?

इस विषय पर आशियाना फाइनेंशियल सर्विसेज के सीईओ अनिरुद्ध गुप्ता से बातचीत में उन्होंने कुछ श्रेणियों के मजबूत फंड्स पर ध्यान देने की सलाह दी:

  • HDFC Mutual Fund का HDFC Flexi Cap Fund
  • Kotak Mahindra Mutual Fund का Kotak Flexi Cap Fund
  • ICICI Prudential Mutual Fund का ICICI Pru Large Cap Fund
  • SBI Mutual Fund का SBI Large & Mid Cap Fund
  • Aditya Birla Sun Life Mutual Fund का Nifty India Defence Index Fund

इन फंड्स का ट्रैक रिकॉर्ड, विविध सेक्टर एक्सपोजर और लंबी अवधि का प्रदर्शन निवेशकों को स्थिरता दे सकता है।

SIP में निवेश से पहले इन बातों को समझना जरूरी

1. जल्दी रिटर्न की उम्मीद न रखें

SIP कोई शॉर्ट टर्म स्कीम नहीं है। 6 महीने या 1 साल में उम्मीद के मुताबिक रिटर्न न मिले तो फंड बदल देना समझदारी नहीं। असली कमाई समय देता है।

2. बाजार में गिरावट = अवसर

जब मार्केट गिरता है, तब SIP निवेशकों को ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं। यही ‘रुपी कॉस्ट एवरेजिंग’ (Rupee Cost Averaging) का फायदा है। घबराकर SIP रोकना लंबी अवधि में नुकसानदेह हो सकता है।

3. लंबी अवधि ही असली ताकत

10, 15 और 20 साल की अवधि में कंपाउंडिंग अपना जादू दिखाती है। जितना लंबा धैर्य, उतना बड़ा फंड।

4. Step-Up SIP का विकल्प चुनें

हर साल निवेश राशि 5–10% बढ़ाने (Step-Up) से अंतिम फंड वैल्यू में बड़ा अंतर आता है। सैलरी बढ़े तो SIP भी बढ़नी चाहिए।

निष्कर्ष

SIP Calculation साफ बताता है कि अनुशासन, समय और धैर्य—ये तीन बातें अगर निवेश में शामिल हों, तो छोटी रकम भी बड़ी संपत्ति बना सकती है। हर महीने 5000 रुपये की SIP, जो आज मामूली लगती है, 20 साल बाद करीब 50 लाख रुपये का फंड तैयार कर सकती है।

यही SIP की असली ताकत है—धीरे चलो, लंबा चलो, और कंपाउंडिंग को काम करने दो।

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