कोलकाता, 09 फरवरी 2026 (सोमवार): नाम सुनते ही दिमाग फुटबॉल की ओर दौड़ता है—लेकिन आज कहानी क्रिकेट की है। इटली-स्कॉटलैंड ईडन गार्डेंस में आमने-सामने होंगे, जहां गोल पोस्ट की जगह विकेट होंगे और पैरों के जादू की जगह हाथों का हुनर दिखेगा। यही T20 World Cup 2026 की खूबसूरती है—पहचान भले फुटबॉल की हो, परीक्षा क्रिकेट की है।
T20 World Cup 2026 में इटली पहली बार उतरी है, और वार्मअप में कनाडा, यूएई व आयरलैंड पर जीत ने उसे चर्चा में ला दिया। दूसरी ओर स्कॉटलैंड की तैयारी लड़खड़ाई—अफगानिस्तान और नामीबिया से हार, फिर मुख्य दौर में वेस्टइंडीज से 35 रन की शिकस्त। ऐसे में आज का मैच दोनों के लिए ‘रिद्म’ पाने की जंग भी है।
फुटबॉल इतिहास में इटली 18 फीफा विश्व कप खेल चुका है और चार बार चैंपियन रहा है, जबकि स्कॉटलैंड नौ बार विश्व मंच पर दिखा। मगर क्रिकेट की इस पटकथा में पुराने अध्याय मायने नहीं रखते। दोनों के बीच दो अंतरराष्ट्रीय टी20 हो चुके हैं—हिसाब बराबर है, 1-1। पिछली भिड़ंत इटली ने 12 रन से जीती थी, जो उसे मनोवैज्ञानिक बढ़त देती है।
मंच है Eden Gardens—इतिहास, शोर और उम्मीदों का संगम। यहां छोटी बढ़त भी बड़े अंतर में बदल जाती है।
दक्षिण अफ्रीका बनाम कनाडा: संतुलन बनाम अभ्यास की कमी
दूसरे मुकाबले में South Africa national cricket team का सामना Canada national cricket team से है। दक्षिण अफ्रीका के लिए यह सिर्फ शुरुआत नहीं, लय साधने का अवसर है। स्पिन की कमान केशव महाराज के हाथ में होगी, जबकि बल्लेबाजी में क्विंटन डिकॉक और डेवाल्ड ब्रेविस पर निगाहें टिकेंगी।
चोटों के कारण संयोजन बदला है—रेयान रिकेल्टन और ट्रिस्टन स्टब्स को मौका मिला। कनाडा के पास शीर्ष स्तर के मैच अभ्यास की कमी जरूर है, पर युवा कप्तान दिलप्रीत बाजवा के नेतृत्व में टीम छाप छोड़ना चाहती है। तैयारी बनाम ताजगी—यह मुकाबला इसी संतुलन पर टिका है।
जिंबाब्वे बनाम ओमान: वापसी की कहानी, पहचान की जिद
कोलंबो में Zimbabwe national cricket team की भिड़ंत Oman national cricket team से होगी। पिछला संस्करण चूकने के बाद जिंबाब्वे के पास खुद को साबित करने का मौका है। कप्तान सिकंदर रजा, विकेटकीपर ब्रेंडन टेलर जैसे अनुभवी नाम और 22 वर्षीय ब्रायन बेनेट का ताजा फॉर्म—टीम का संतुलन मजबूत दिखता है।
ओमान चौथी बार टी20 मंच पर है। 2016 में आयरलैंड पर ऐतिहासिक जीत उसकी यादों में है। कप्तान जतिंदर सिंह पारी की शुरुआत करेंगे और विनायक शुक्ला का साथ टीम को स्थिरता देता है। यह मैच बताता है कि एसोसिएट क्रिकेट अब ‘सरप्राइज’ नहीं, ‘प्रतिस्पर्धा’ है।
मैच क्यों खास हैं?
- इटली-स्कॉटलैंड: फुटबॉल विरासत, क्रिकेट का वर्तमान—बराबरी का इतिहास, बड़ा मंच।
- दक्षिण अफ्रीका-कनाडा: अनुभव बनाम सीमित अभ्यास।
- जिंबाब्वे-ओमान: वापसी की भूख बनाम पहचान की जिद।
ईडन गार्डेंस की रोशनी में आज सिर्फ रन नहीं बनेंगे, धारणाएं भी बदलेंगी। क्रिकेट का यह विश्व कप बता रहा है कि खेल सीमाएं नहीं मानता—पहचान बदल सकती है, जज्बा नहीं।












