लखनऊ, 26 फरवरी 2026 (गुरुवार)। कभी निवेश के मामले में पिछड़े राज्यों की सूची में गिना जाने वाला उत्तर प्रदेश अब वैश्विक निवेश मानचित्र पर मजबूती से उभर रहा है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के हालिया सिंगापुर और जापान दौरे ने इस बदलाव को ठोस आंकड़ों में बदल दिया है। चार दिवसीय इस विदेशी दौरे के दौरान प्रदेश को 1.5 लाख करोड़ रुपये के एमओयू (MoU) मिले, जबकि 2.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए।
सरकार का दावा है कि यह पहल वर्ष 2029-30 तक उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में निर्णायक मोड़ साबित होगी।
सीएम योगी 1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी मिशन: जापान में निवेश का भरोसा
जापान में आयोजित निवेश संवादों के दौरान कई अग्रणी कंपनियों ने उत्तर प्रदेश में निवेश की प्रतिबद्धता जताई। जिन प्रमुख कंपनियों के साथ एमओयू हुए, उनमें Kubota Corporation, Spark Minda (टोयो डेन्सो के सहयोग से), Japan Aviation Electronics Industry Ltd. और Nagase & Co., Ltd. शामिल हैं।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने FANUC Corporation के औद्योगिक रोबोट और फैक्ट्री ऑटोमेशन संयंत्र का निरीक्षण किया। कंपनी ने उत्तर प्रदेश के एमएसएमई सेक्टर के तकनीकी उन्नयन और संभावित निवेश में रुचि दिखाई।
जापान के यामानाशी प्रांत के साथ ग्रीन एनर्जी और तकनीकी सहयोग पर विशेष चर्चा हुई।
ग्रीन हाइड्रोजन उत्कृष्टता केंद्र: ऊर्जा क्षेत्र में नई पहल
हरित ऊर्जा को बढ़ावा देते हुए ग्रीन हाइड्रोजन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की घोषणा की गई। इसमें University of Yamanashi, IIT Kanpur, IIT BHU, Harcourt Butler Technical University और Madan Mohan Malaviya University of Technology जैसे संस्थानों का सहयोग रहेगा।
यह केंद्र न केवल अनुसंधान (Research) को गति देगा, बल्कि ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन और उपयोग में प्रदेश को अग्रणी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
‘जापान सिटी’ और ऑटो क्लस्टर: औद्योगिक ढांचे का विस्तार
सीएम योगी 1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी मिशन के तहत यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में 500 एकड़ में ‘जापान सिटी’ विकसित की जाएगी। यहां जापानी कंपनियों के लिए समर्पित औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र (Industrial Ecosystem) तैयार होगा।
ओईएम और कंपोनेंट निर्माताओं के लिए डेडिकेटेड ऑटो क्लस्टर, आरएंडडी सुविधाएं और सप्लाई चेन इंटीग्रेशन की व्यवस्था की जाएगी। ‘इन्वेस्ट यूपी’ में जापान डेस्क को सशक्त किया जाएगा, जिसकी मॉनिटरिंग सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय करेगा।
मुख्यमंत्री ने एल0 सीरीज मैग्लेव ट्रेन का अवलोकन कर हाई-स्पीड परिवहन तकनीक में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।
पर्यटन, संस्कृति और कौशल साझेदारी
उत्तर प्रदेश और जापान के बीच बौद्ध सर्किट और रामायण सर्किट को जोड़ते हुए आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने पर सहमति बनी। इससे आतिथ्य (Hospitality), परिवहन और सेवा क्षेत्रों में नए अवसर खुलेंगे।
साथ ही जापानी उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप भाषा प्रशिक्षण और तकनीकी कौशल कार्यक्रम शुरू करने पर भी सहमति बनी, ताकि प्रदेश के युवाओं को वैश्विक रोजगार बाजार के लिए तैयार किया जा सके।
सिंगापुर में भी मजबूत निवेश संकेत
सिंगापुर में आयोजित निवेश रोड शो के दौरान एमआरओ, कार्गो हब, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स, स्किलिंग और फिनटेक क्षेत्रों में व्यापक सहयोग पर चर्चा हुई।
विशेष रूप से Noida International Airport को एमआरओ और कार्गो हब के रूप में विकसित करने पर सकारात्मक वार्ता हुई। मुख्यमंत्री ने सिंगापुर के शीर्ष नेतृत्व — राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और उपप्रधानमंत्री — से मुलाकात कर औद्योगिक व तकनीकी सहयोग को नई दिशा दी।
यूपी की वैश्विक पहचान और आगे की राह
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में भारत की वैश्विक साख मजबूत हुई है। उत्तर प्रदेश में सुधरी कानून-व्यवस्था, पारदर्शी नीतियां और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर ने निवेशकों का भरोसा जीता है।
कुल मिलाकर 1.5 लाख करोड़ रुपये के एमओयू और 2.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव यह संकेत देते हैं कि उत्तर प्रदेश अब केवल संभावनाओं की बात नहीं कर रहा, बल्कि उसे ठोस आर्थिक दिशा मिल रही है।
सीएम योगी 1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी मिशन अब कागज से निकलकर क्रियान्वयन के चरण में प्रवेश कर चुका है। यदि प्रस्तावित निवेश समयबद्ध तरीके से जमीन पर उतरते हैं, तो आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश की औद्योगिक और आर्थिक संरचना में व्यापक बदलाव देखने को मिल सकता है।









