आगरा, 07 मार्च 2026। उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत बनाने की दिशा में एक और कदम शनिवार को देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा में यथार्थ हॉस्पिटल का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि किसी भी विकसित समाज की पहचान उसकी स्वास्थ्य व्यवस्था से होती है, इसलिए यह जरूरी है कि स्वास्थ्य सुविधाएं सही, सस्ती और विश्वसनीय हों।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सरकार, समाज और संस्थाएं एक ही दिशा में सोचकर काम करती हैं, तो उसका परिणाम भरोसे के रूप में सामने आता है। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश उसी भरोसे का प्रतीक बन रहा है, जहां विकास और जनसेवा को प्राथमिकता दी जा रही है।
सीएम योगी ने उम्मीद जताई कि यथार्थ ग्रुप का यह अस्पताल आगरा और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगा और लोगों के जीवन को स्वस्थ बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
यथार्थ हॉस्पिटल आगरा उद्घाटन पर सीएम योगी का संबोधन
यथार्थ हॉस्पिटल आगरा उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वास्थ्य से बढ़कर कोई संपत्ति नहीं होती। इसलिए सरकार लगातार ऐसी नीतियां बना रही है जिससे आम नागरिकों को बेहतर और सुलभ चिकित्सा सुविधा मिल सके।
उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अच्छी स्वास्थ्य सेवाओं का अधिकार मिलना चाहिए और हर संप्रभु राष्ट्र की जिम्मेदारी है कि वह अपने नागरिकों को यह सुविधा उपलब्ध कराए।
सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 11 वर्षों में देश में हुए बदलावों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है और देश में विकास तथा विरासत का अद्भुत संतुलन देखने को मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि देश में हाईवे, एक्सप्रेसवे, मेट्रो, रेलवे नेटवर्क के विस्तार के साथ-साथ वंदे भारत, अमृत भारत और नमो भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों के माध्यम से नई तकनीक और बेहतर सुविधाओं का अनुभव लोगों को मिल रहा है।
सरकार और निजी क्षेत्र मिलकर मजबूत कर रहे स्वास्थ्य ढांचा
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार अपने स्तर पर लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन जब सरकार और समाज मिलकर काम करते हैं तो परिणाम कई गुना बेहतर होते हैं।
उन्होंने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निजी निवेश भी आज की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से सरकार सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के लिए नई नीतियां ला रही है, जिससे निजी क्षेत्र को भी इस क्षेत्र में निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।
सीएम योगी ने यथार्थ ग्रुप से भी आह्वान किया कि वे किसी जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए आगे आएं, ताकि उत्तर प्रदेश को मेडिकल शिक्षा का बड़ा केंद्र बनाया जा सके।
उन्होंने कहा कि मेडिकल काउंसिल द्वारा कई प्रक्रियाएं सरल की गई हैं, जिससे नए मेडिकल संस्थान स्थापित करने का यह सबसे उपयुक्त समय है।
यूपी में तेजी से बढ़ा मेडिकल शिक्षा का दायरा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में केवल 17 मेडिकल कॉलेज थे, लेकिन आज राज्य में 81 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश की राजनीति में ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’ की चर्चा होती थी, लेकिन आज डबल इंजन सरकार ने इसे बदलकर ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज’ का लक्ष्य सामने रखा है।
उन्होंने बताया कि आज उत्तर प्रदेश में दो एम्स—गोरखपुर और रायबरेली—संचालित हो रहे हैं, जो स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा दे रहे हैं।
आयुष्मान भारत से करोड़ों लोगों को मिला सुरक्षा कवच
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जब परिवार का कोई सदस्य गंभीर रूप से बीमार होता था, तो पूरा परिवार आर्थिक संकट में आ जाता था। लेकिन अब आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बड़ा सहारा मिला है।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में अब तक 5.60 करोड़ लोगों को आयुष्मान गोल्डन कार्ड जारी किए जा चुके हैं और यह संख्या जल्द ही 10 करोड़ तक पहुंचने वाली है।
इसके अलावा प्रदेश के शिक्षामित्र, शिक्षक, अनुदेशक, आंगनबाड़ी व आशा कार्यकर्ता और रसोइयों सहित 10 लाख से अधिक लोगों को भी 5 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री राहत कोष से 1300 करोड़ रुपये चिकित्सा सहायता के लिए उपलब्ध कराए हैं।
हर जिले में डायलिसिस और सीटी स्कैन की सुविधा
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश के हर जिले में फ्री डायलिसिस और सीटी स्कैन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके साथ ही टेलीमेडिसिन और आधुनिक चिकित्सा तकनीकों को भी स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जा रहा है।
उन्होंने बताया कि आईआईटी कानपुर और एसजीपीजीआई लखनऊ में मेडटेक के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जा रहे हैं। वहीं ललितपुर में 1500 एकड़ में फार्मा पार्क और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में 350 एकड़ में मेडिकल डिवाइस पार्क स्थापित किया जा रहा है, जिससे दवाओं और मेडिकल उपकरणों का उत्पादन प्रदेश में ही हो सके।
सामूहिक प्रयास से इंसेफेलाइटिस पर काबू
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के सामूहिक प्रयासों के कारण पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस जैसी गंभीर बीमारी पर काफी हद तक नियंत्रण पाया गया है।
उन्होंने बताया कि पिछले चार दशकों में इस बीमारी से 50 हजार से अधिक लोगों की मौत हुई थी, लेकिन सरकार के प्रयासों से अब यह बीमारी लगभग समाप्ति की ओर है।
इसके साथ ही डेंगू, मलेरिया, कालाजार और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों पर नियंत्रण के लिए भी राज्य और केंद्र सरकार मिलकर सर्विलांस कार्यक्रम को मजबूत कर रही हैं।
कार्यक्रम में कई प्रमुख लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर संत विजय कौशल जी महाराज, केंद्रीय मंत्री और आगरा के सांसद प्रो. एसपी सिंह बघेल, आरएसएस के संयुक्त प्रचार प्रमुख कृपाशंकर, भाजपा प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल, कैबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य और योगेंद्र उपाध्याय समेत कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इसके अलावा विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, छोटेलाल वर्मा, बाबूलाल चौधरी, धर्मपाल सिंह, जीएस धर्मेश, विधान परिषद सदस्य विजय शिवहरे और यथार्थ ग्रुप के चेयरमैन अजय त्यागी, प्रबंध निदेशक कपिल त्यागी व निदेशक यथार्थ त्यागी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।








