नई दिल्ली, 31 मार्च 2026। भारत में डिजिटल उपयोग की रफ्तार लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारत में डेटा खपत 31GB प्रति यूजर प्रति माह तक पहुंच गई है, जो एक साल पहले 27.5GB थी। यह आंकड़ा न केवल इंटरनेट उपयोग की बढ़ती आदत को दिखाता है, बल्कि देश में तेजी से हो रहे डिजिटल विस्तार का भी संकेत देता है।
दूरसंचार क्षेत्र की प्रमुख कंपनी Nokia की वार्षिक मोबाइल ब्रॉडबैंड इंडेक्स (MBiT) रिपोर्ट के 13वें संस्करण में यह जानकारी सामने आई है।
5G का दबदबा: 70% की छलांग, 12.9 एक्साबाइट तक पहुंचा उपयोग
रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2025 में भारत में 5G नेटवर्क पर डेटा उपयोग में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। कुल 5G डेटा खपत 70% बढ़कर 12.9 एक्साबाइट (EB) तक पहुंच गई।
सरल शब्दों में कहें तो एक एक्साबाइट लगभग एक अरब जीबी के बराबर होता है—यानी डेटा की खपत अब अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच चुकी है।
इस समय देश के कुल मोबाइल ब्रॉडबैंड ट्रैफिक में 5G की हिस्सेदारी करीब 47% हो चुकी है, जो आने वाले वर्षों में और बढ़ने के संकेत दे रही है।
भारत बना दूसरा सबसे बड़ा 5G यूजर बेस
रिपोर्ट में एक और अहम बात सामने आई है—भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा 5G यूजर बेस बन चुका है।
सिर्फ यूजर संख्या ही नहीं, बल्कि 5G डेटा खपत और फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (FWA) उपयोग के मामले में भी भारत वैश्विक स्तर पर दूसरे स्थान पर है।
FWA तकनीक के जरिए बिना केबल के हाई-स्पीड इंटरनेट उपलब्ध कराया जाता है, जिससे घरों और ऑफिसों में इंटरनेट कनेक्टिविटी और आसान हो गई है।
AI, 4K वीडियो और क्लाउड गेमिंग बढ़ा रहे डेटा इस्तेमाल
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में डेटा खपत 31GB तक पहुंचने के पीछे कई अहम कारण हैं:
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित एप्लिकेशन का बढ़ता उपयोग
- 4K और हाई-क्वालिटी वीडियो स्ट्रीमिंग
- क्लाउड गेमिंग की लोकप्रियता
- सस्ते डेटा प्लान और बेहतर नेटवर्क
इन्हीं कारणों से पिछले पांच वर्षों में डेटा खपत में औसतन 18% सालाना वृद्धि दर्ज की गई है।
FWA और 5G डिवाइसेज में तेज उछाल
रिपोर्ट के मुताबिक, कुल 5G डेटा में FWA की हिस्सेदारी 25% से ज्यादा हो गई है और इसके यूजर्स की संख्या पिछले साल के मुकाबले दोगुनी हो गई है।
वहीं, 4G डिवाइस अभी भी बड़ी संख्या में मौजूद हैं—साल 2025 में सक्रिय 4G उपकरणों की संख्या 89.2 करोड़ रही।
हालांकि, इनमें से 38.3 करोड़ से अधिक डिवाइस अब 5G-सक्षम हो चुके हैं, जो आने वाले समय में 5G विस्तार को और तेज करेंगे।
महानगरों में 5G का सबसे ज्यादा असर
रिपोर्ट बताती है कि मेट्रो शहरों में 5G का इस्तेमाल सबसे अधिक है। यहां कुल मोबाइल डेटा खपत में 5G की हिस्सेदारी 58% तक पहुंच चुकी है।
यह साफ संकेत है कि शहरी भारत तेजी से अगली पीढ़ी की तकनीक को अपना रहा है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसकी पहुंच धीरे-धीरे बढ़ रही है।
2031 तक 1 अरब 5G यूजर का अनुमान
विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2031 तक भारत में 5G यूजर्स की संख्या 1 अरब (100 करोड़) से अधिक हो सकती है।
इसका मतलब है कि आने वाले वर्षों में भारत न केवल डेटा उपयोग में, बल्कि डिजिटल अर्थव्यवस्था में भी वैश्विक लीडर के रूप में उभर सकता है।
निष्कर्ष: डेटा ही नया ईंधन
आज के दौर में डेटा सिर्फ इंटरनेट चलाने का माध्यम नहीं, बल्कि डिजिटल अर्थव्यवस्था का “नया ईंधन” बन चुका है।
भारत में डेटा खपत 31GB का आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि देश तेजी से डिजिटल भविष्य की ओर बढ़ रहा है—जहां हर क्लिक, हर वीडियो और हर ऐप उपयोग नई संभावनाएं पैदा कर रहा है।













