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स्मार्टफोन का नशा ‘डिप्रेशन’ की जड़: जालोर में सीएम योगी की चेतावनी, युवाओं से बोले—परिवार के लिए समय निकालें

On: March 16, 2026
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स्मार्टफोन का नशा ‘डिप्रेशन’ की जड़- जालोर में सीएम योगी की चेतावनी
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जालोर/लखनऊ (Mon, 16 Mar 2026)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं में बढ़ती स्मार्टफोन की लत को गंभीर सामाजिक समस्या बताते हुए कहा कि स्मार्टफोन का नशा आज की पीढ़ी को धीरे-धीरे डिप्रेशन, मानसिक तनाव और बौद्धिक कमजोरी की ओर धकेल रहा है। उन्होंने माता-पिता से विशेष रूप से अपील की कि छोटे बच्चों को रोने या नाराज होने पर शांत करने के लिए उन्हें स्मार्टफोन न दें, क्योंकि यह आदत भविष्य में खतरनाक साबित हो सकती है।

सोमवार को राजस्थान के जालोर जिले में स्थित श्री रत्नेश्वर महादेव (सिरे मंदिर) के 375 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय महायज्ञ और विशाल धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि आज के दौर में स्मार्टफोन का अत्यधिक उपयोग केवल समय की बर्बादी ही नहीं, बल्कि आंखों की सेहत और सोचने-समझने की क्षमता पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है।

सीएम योगी ने कहा कि यदि बच्चे और युवा वही समय अच्छी पुस्तकों, योग, व्यायाम और सकारात्मक गतिविधियों में लगाएं तो उनका जीवन अधिक संतुलित और व्यवस्थित हो सकता है।

युवा पीढ़ी से अपील: सीमित उपयोग करें स्मार्टफोन, परिवार को दें समय

धर्मसभा में युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्मार्टफोन का उपयोग पूरी तरह गलत नहीं है, लेकिन अत्यधिक प्रयोग धीरे-धीरे नशे की तरह प्रभाव डालता है। उन्होंने सलाह दी कि मोबाइल का इस्तेमाल केवल आवश्यक कार्यों के लिए ही किया जाना चाहिए।

उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि परिवार के साथ समय बिताना, आपस में संवाद करना और सामूहिक भोजन या पूजा जैसे पारिवारिक क्षणों को महत्व देना बेहद जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा,
“भोजन और पूजा के समय फोन न उठाएं। यदि कॉल आए तो बाद में वापस कर सकते हैं। परिवार के साथ बिताया गया समय मानसिक संतुलन और रिश्तों की मजबूती के लिए बहुत जरूरी है।”

उन्होंने यह भी कहा कि छोटी-छोटी असफलताओं से निराश होकर आत्महत्या जैसे कदम उठाना समाधान नहीं है। जीवन में यदि विफलता मिलती है तो उसका कारण खोजकर उसे सफलता में बदलने का प्रयास करना चाहिए।

नशे के कारोबारियों से सतर्क रहने का आह्वान

सीएम योगी ने अपने संबोधन में युवाओं को नशे के जाल से दूर रहने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि देश के दुश्मन और नशे के कारोबारी युवाओं को कमजोर करने के लिए उन्हें नशे की लत में फंसाने की कोशिश करते हैं।

उन्होंने समाज से अपील करते हुए कहा कि गांव, कस्बे और शहर—कहीं भी नशे के सौदागरों को जगह नहीं मिलनी चाहिए

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी देश का भविष्य उसकी युवा पीढ़ी पर निर्भर करता है। यदि युवा सही दिशा में आगे बढ़ते हैं तो देश नई ऊंचाइयों को छूता है।

भारत की सांस्कृतिक विरासत पर भी बोले सीएम योगी

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दुनिया में 200 से अधिक देश हैं, लेकिन भारत अपनी संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों के कारण विशिष्ट स्थान रखता है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि संत-महात्माओं की साधना का प्रभाव इतना गहरा होता था कि शेर और गाय भी एक ही घाट पर पानी पीते थे। शिव परिवार का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि विभिन्न स्वभाव और प्रतीकों के बावजूद एकता और संतुलन का संदेश भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी शक्ति है।

देश के निर्माण में सभी वर्गों का योगदान

सीएम योगी ने कहा कि भारत का निर्माण ऋषि-मुनियों की साधना, वीर-वीरांगनाओं के बलिदान, किसानों की मेहनत और श्रमिकों के पसीने से हुआ है। उन्होंने चित्तौड़गढ़ की रानी पद्मिनी और जालोर के वीरों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह देश त्याग और बलिदान की परंपरा से बना है।

उन्होंने कहा कि जब समाज का हर वर्ग मिलकर योगदान देता है, तभी “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” का सपना साकार होता है।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व का उल्लेख

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारें समाज को जाति, क्षेत्र और भाषा के आधार पर बांटने की राजनीति करती थीं, जबकि वर्तमान नेतृत्व ने देश को एकजुट करने का प्रयास किया है।

उन्होंने कहा कि आज भारत में सड़क, रेल, मेडिकल कॉलेज, एयरपोर्ट, मेट्रो और उच्च शिक्षण संस्थानों का तेजी से विस्तार हुआ है और देश वैश्विक स्तर पर मजबूत शक्ति के रूप में उभर रहा है।

कार्यक्रम में कई संत-महंत रहे उपस्थित

इस अवसर पर आयोजित धर्मसभा में कई संत-महंत और धार्मिक हस्तियां उपस्थित रहीं। इनमें महंत पीर गंगानाथ, महंत बालकनाथ (तिजारा विधायक), महंत नरहरि नाथ, महंत संध्यानाथ, महंत गिरिवर नाथ, महंत काशीनाथ, महंत रूपनाथ, महंत पंचमनाथ, महंत सुंदराई नाथ, महंत नारायण नाथ, महंत मंगलाई नाथ, महंत विक्रमनाथ, महंत अतराई नाथ और महंत योगी कमलनाथ प्रमुख रूप से शामिल रहे।

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