महराजगंज|Mon, 04 May 2026: उत्तर प्रदेश की राजनीति में अक्सर सख्त प्रशासनिक फैसलों के लिए चर्चा में रहने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक संवेदनशील और मानवीय पक्ष सोमवार को महराजगंज में देखने को मिला। मुख्यमंत्री शोक संवेदना व्यक्त करने स्वयं सिसवा विधायक प्रेमसागर पटेल के घर पहुंचे और उनके परिवार के दुख में सहभागी बने।
पिपरा बाबू गांव की उस शाम में एक अलग ही माहौल था—जहां एक ओर शोक की गंभीरता थी, वहीं मुख्यमंत्री के आगमन से सुरक्षा और व्यवस्था का व्यापक घेरा भी दिखाई दे रहा था। लेकिन इन सबके बीच सबसे प्रमुख था एक नेता का मानवीय भाव, जो सीधे परिवार के बीच जाकर उनके दुख को बांटने की कोशिश कर रहा था।
परिवार से मिलकर बंधाया ढांढस
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसे ही सिसवा विधायक प्रेमसागर पटेल के पैतृक आवास पहुंचे, उन्होंने सबसे पहले दिवंगत विंद्रावती पटेल के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। कुछ क्षणों की मौन श्रद्धांजलि के बाद उन्होंने आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने विधायक और उनके परिजनों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। उनके पुत्र कर्मवीर पटेल और धर्मवीर पटेल सहित अन्य स्वजनों से बात करते हुए उन्होंने सांत्वना दी। मुख्यमंत्री का यह अंदाज औपचारिकता से कहीं आगे था—वह हर सदस्य की आंखों में झांककर उनकी पीड़ा को समझने की कोशिश करते नजर आए।
सुरक्षा के बीच उमड़ा जनसमर्थन, नारे से गूंजा गांव
मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क था। शाम करीब 5:35 बजे जैसे ही हेलीकॉप्टर पिपरा बाबू गांव स्थित हेलीपैड पर उतरा, वहां पहले से मौजूद समर्थकों में उत्साह की लहर दौड़ गई।
“जय श्रीराम”, “योगी आदित्यनाथ जिंदाबाद” और “भाजपा जिंदाबाद” के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। हालांकि माहौल राजनीतिक उत्साह से भरा था, लेकिन मुख्यमंत्री का फोकस पूरी तरह शोकाकुल परिवार पर ही केंद्रित रहा।
जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं से भी की मुलाकात
मुख्यमंत्री ने इस दौरान वहां मौजूद जनप्रतिनिधियों और भाजपा कार्यकर्ताओं से भी संक्षिप्त बातचीत की। पनियरा विधायक ज्ञानेंद्र सिंह, सदर विधायक जय मंगल कन्नौजिया, नौतनवा विधायक ऋषि त्रिपाठी समेत कई जनप्रतिनिधि इस मौके पर उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा और पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी सहित प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर तैनात रहे, ताकि पूरे कार्यक्रम को व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराया जा सके।
करीब 5:51 बजे मुख्यमंत्री महराजगंज से अपने अगले गंतव्य के लिए रवाना हो गए, लेकिन अपने पीछे वह एक ऐसा संदेश छोड़ गए—कि सत्ता के शीर्ष पर बैठा व्यक्ति भी संवेदनाओं से जुड़ा रह सकता है।
23 अप्रैल को मथुरा में हुआ था निधन
सिसवा विधायक प्रेमसागर पटेल की पत्नी विंद्रावती पटेल का निधन 23 अप्रैल 2026 की रात को हुआ था। वह नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए दिल्ली गई थीं और लौटते समय परिवार के साथ बांके बिहारी मंदिर में दर्शन के लिए मथुरा रुकी थीं।
इसी दौरान अचानक हृदय गति रुकने से उनका निधन हो गया। यह घटना परिवार के लिए पूरी तरह अप्रत्याशित थी। अगले दिन, 24 अप्रैल को महराजगंज में रोहिन नदी के त्रिमुहानी घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।
एक संवेदनशील संदेश
राजनीतिक व्यस्तताओं के बीच इस तरह का दौरा केवल एक औपचारिकता नहीं होता, बल्कि यह बताता है कि जनप्रतिनिधियों के बीच आपसी संबंध सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि व्यक्तिगत और भावनात्मक भी होते हैं।
संवेदना का यह दौरा इसी मानवीय जुड़ाव का उदाहरण बन गया—जहां एक मुख्यमंत्री ने सत्ता से ऊपर उठकर एक शोकग्रस्त परिवार के साथ खड़े होने का संदेश दिया।













