वाराणसी (Wed, 06 May 2026)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार सुबह एक दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे, जहां उनका कार्यक्रम धार्मिक आस्था, सामाजिक सहभागिता और राजनीतिक संवाद—तीनों का मिश्रण नजर आया। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले उदय प्रताप कॉलेज के अर्थशास्त्र विभाग के प्रोफेसर डॉ. राजीव कृष्ण के बड़ा लालपुर स्थित आवास पर आयोजित मांगलिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया और परिवार को शुभकामनाएं देते हुए आशीर्वाद प्रदान किया।
मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर सुबह से ही इलाके में हलचल बनी रही। भाजपा कार्यकर्ता चांदमारी स्थित नटिनिया दाई मंदिर के पास एकत्रित हुए और पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया। वाराणसी की पारंपरिक धार्मिक संस्कृति और राजनीतिक सक्रियता का संगम मुख्यमंत्री के इस दौरे में साफ दिखाई दिया।
Varanasi News: बाबा दरबार में हाजिरी, काशी विश्वनाथ और कालभैरव का किया दर्शन-पूजन
मांगलिक कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधिवत दर्शन-पूजन किया। इसके बाद उन्होंने बाबा कालभैरव मंदिर जाकर भी पूजा-अर्चना की। वाराणसी में मुख्यमंत्री के धार्मिक दौरे को लेकर मंदिर परिसर और आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में खास उत्साह देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में मौजूद लोगों का अभिवादन भी स्वीकार किया। वाराणसी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र होने के साथ-साथ हिंदू आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है, ऐसे में मुख्यमंत्री का यह दौरा राजनीतिक और सांस्कृतिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात, लोगों की समस्याएं भी सुनीं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चांदमारी स्थित नटिनिया दाई मंदिर के पास भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर उनका आभार व्यक्त किया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने भी उनसे बातचीत की और क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को उनके सामने रखा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनता के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और हर वर्ग के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने धार्मिक आयोजनों को भारतीय समाज की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम सामाजिक समरसता और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करते हैं।
दौरे के दौरान प्रदेश सरकार के कई मंत्री और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। इनमें श्रम एवं सेवायोजन समन्वय मंत्री अनिल राजभर, स्टाम्प एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, आयुष एवं खाद्य सुरक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा, एमएलसी धर्मेंद्र सिंह, पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, विधायक सौरभ श्रीवास्तव और विधायक डॉ. अवधेश सिंह प्रमुख रूप से शामिल रहे।
धार्मिक कार्यक्रमों और जनसंवाद के बाद मुख्यमंत्री पुलिस लाइन से प्रयागराज के लिए रवाना हो गए। वाराणसी में उनका यह दौरा राजनीतिक औपचारिकता से आगे बढ़कर सामाजिक और सांस्कृतिक जुड़ाव का संदेश देता नजर आया।












