वाराणसी (Wed, 06 May 2026)। उत्तर प्रदेश में मौसम के लगातार बदलते मिजाज और आंधी-बारिश से हो रही घटनाओं के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनहानि के मामलों में पीड़ित परिवारों को 24 घंटे के भीतर मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। बुधवार सुबह वाराणसी पहुंचे मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी और संबंधित अधिकारियों से कहा कि आंधी, वर्षा और बिजली गिरने जैसी घटनाओं को लेकर पूरी सतर्कता बरती जाए और राहत कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न हो।
मुख्यमंत्री का यह निर्देश ऐसे समय आया है जब प्रदेश के कई जिलों में बीते दिनों तेज आंधी और खराब मौसम की वजह से जानमाल के नुकसान की घटनाएं सामने आई हैं। योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और प्रभावित परिवारों तक तत्काल मदद पहुंचाने के लिए कहा।
शादी समारोह में पहुंचे सीएम योगी, परिवार को दी शुभकामनाएं
गोरखपुर से वाराणसी पहुंचे मुख्यमंत्री सुबह करीब 10 बजे पुलिस लाइन हेलीपैड पर उतरे। यहां से वह सीधे बड़ा लालपुर स्थित यूपी कॉलेज के प्रोफेसर राजीव कृष्ण सिंह के आवास पहुंचे, जहां उनके पुत्र रोहित के विवाह समारोह के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने वर-वधू पक्ष के परिवारजनों को शुभकामनाएं दीं और नवदंपति के सुखद भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने परिवार के सदस्यों से आत्मीय बातचीत भी की। प्रोफेसर राजीव कृष्ण सिंह ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनका परिवार लंबे समय से गोरक्षनाथ पीठ से जुड़ा रहा है। उनके पिता स्वर्गीय डॉ. उदय प्रताप सिंह महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष रहे थे और शिक्षा जगत में उनका विशेष योगदान रहा।
रोहित वर्तमान में खाद्य विभाग में वरिष्ठ विपणन अधिकारी हैं। उनका विवाह 7 मई को मऊ निवासी दिनेश बहादुर सिंह की पुत्री प्रिया के साथ होना तय है।
बाबा कालभैरव और काशी विश्वनाथ के किए दर्शन
विवाह समारोह से निकलने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीधे श्री कालभैरव मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधिवत दर्शन-पूजन किया। इसके बाद उन्होंने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद लिया।
मुख्यमंत्री के काफिले को देखने के लिए रास्ते में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। लौटते समय उन्होंने सड़क किनारे खड़े बच्चों को चॉकलेट भी बांटी, जिसकी चर्चा स्थानीय लोगों के बीच होती रही।
पौने दो घंटे के दौरे में प्रशासनिक संदेश भी
वाराणसी में मुख्यमंत्री का पूरा दौरा करीब पौने दो घंटे का रहा, लेकिन इस छोटे प्रवास में उन्होंने प्रशासनिक सक्रियता, धार्मिक आस्था और सामाजिक सहभागिता—तीनों का संदेश देने की कोशिश की। काशी से निकलने के बाद मुख्यमंत्री प्रयागराज के लिए रवाना हो गए, जहां उन्हें समीक्षा बैठक में शामिल होना था।
दौरे के दौरान श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, स्टांप एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री रवींद्र जायसवाल, आयुष राज्य मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा, धर्मेंद्र राय, विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, सौरभ श्रीवास्तव, डॉ. अवधेश सिंह और जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।











