लखनऊ (Sat, 09 May 2026)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को राज्य में खेल व्यवस्था में हुए बदलावों को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में खेल प्रतिभाएं सुविधाओं के अभाव और सरकारी उपेक्षा के कारण “प्रतीक्षा सूची में दम तोड़ने” को मजबूर थीं, लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि आज उत्तर प्रदेश में खिलाड़ियों को पारदर्शी भर्ती, पुरस्कार और बेहतर खेल सुविधाएं मिल रही हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोमतीनगर स्थित बाबू बनारसी दास यूपी बैडमिंटन एकेडमी में आयोजित द्वितीय अखिल भारतीय पुलिस बैडमिंटन क्लस्टर (बैडमिंटन-टेबल टेनिस) प्रतियोगिता 2025-26 के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने खेल, अनुशासन और युवा शक्ति को लेकर विस्तार से अपने विचार रखे।
“टूटे ट्रैक और सूखे स्वीमिंग पूल थे यूपी की पहचान”
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की खेल व्यवस्था पर निशाना साधते हुए कहा कि उस समय प्रदेश में नाममात्र के स्टेडियम थे और उनमें भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव था।
उन्होंने कहा,
“ट्रैक टूटे हुए थे, स्वीमिंग पूल सूखे पड़े रहते थे। खिलाड़ी उपेक्षित थे और प्रतिभाशाली युवा दफ्तर-दफ्तर भटकने को मजबूर होते थे। खेल प्रतिभाएं प्रतीक्षा सूची में दम तोड़ती थीं।”
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार ने खेल क्षेत्र में पारदर्शी व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत खिलाड़ियों को सीधी भर्ती, पदोन्नति और नकद पुरस्कार दिए जा रहे हैं। उनका कहना था कि इससे युवाओं में खेल के प्रति भरोसा और उत्साह दोनों बढ़ा है।
खेल सिर्फ प्रतियोगिता नहीं, जीवन का प्रशिक्षण भी: CM योगी
मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए खेल को जीवन प्रबंधन का सबसे बड़ा माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि बैडमिंटन और टेबल टेनिस जैसे खेल खिलाड़ियों को त्वरित निर्णय लेने और एकाग्रता बनाए रखने की क्षमता देते हैं।
उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि हर पदक के पीछे संघर्ष और लगातार मेहनत की कहानी होती है।
“टैलेंट शुरुआत देता है, लेकिन मंजिल तक पहुंचाने का काम मेहनत करती है,” योगी ने कहा।
मुख्यमंत्री ने बेहद भावनात्मक अंदाज में कहा कि जैसे बैडमिंटन खिलाड़ी शटल कॉक को जमीन पर नहीं गिरने देता, वैसे ही जीवन में इंसान को अपने सपनों और हौसलों को टूटने नहीं देना चाहिए। उनके इस बयान पर खिलाड़ियों और मौजूद अधिकारियों ने तालियां बजाईं।
‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में बने नए स्पोर्ट्स इकोसिस्टम की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में खेलों को लेकर भारत का नजरिया बदला है और अब गांवों से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक खिलाड़ियों को अवसर मिल रहे हैं।
उन्होंने ‘खेलो इंडिया’, ‘फिट इंडिया मूवमेंट’, सांसद एवं विधायक खेल प्रतियोगिताओं और उत्तर प्रदेश ग्रामीण लीग का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों ने छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों की प्रतिभाओं को मंच दिया है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, इसी का परिणाम है कि भारत अब ओलंपिक, एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स और विश्व चैंपियनशिप में पहले से ज्यादा मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
“खेल के मैदान में मिलते हैं जीवन के सबसे बड़े पाठ”
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 25 करोड़ की आबादी वाले उत्तर प्रदेश में 56 प्रतिशत युवा हैं और खेल उनके व्यक्तित्व निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकते हैं।
उन्होंने कहा कि खेल के मैदान पर मिलने वाली सीख किताबों में नहीं मिलती। मैदान खिलाड़ियों को अनुशासन, समर्पण, धैर्य और नेतृत्व की भावना सिखाता है। यही गुण आगे चलकर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
बैडमिंटन कोर्ट पर भी नजर आए मुख्यमंत्री
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैडमिंटन कोर्ट पर रैकेट भी थामा और खिलाड़ियों के साथ कुछ शॉट खेलकर उत्साह बढ़ाया। इस दौरान प्रतियोगिता की स्मारिका का विमोचन भी किया गया।
कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण, अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद, अवनीश अवस्थी, डॉ. आरके स्वर्णकार, डॉ. प्रीतिंदर सिंह और यूपी बैडमिंटन संघ के चेयरमैन विराज सागर दास समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।









