लखनऊ (Sat, 09 May 2026)- उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज एक बार फिर तेजी से बदलता दिखाई दे रहा है। पिछले कुछ दिनों से पश्चिमी विक्षोभ की वजह से चली ठंडी हवाओं और हल्की बारिश ने लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत जरूर दी थी, लेकिन अब यह राहत खत्म होती नजर आ रही है। पश्चिमी विक्षोभ का असर कमजोर पड़ते ही प्रदेश में तापमान फिर चढ़ने लगा है और आने वाले दिनों में तेज गर्मी का दौर लौटने के संकेत मिल रहे हैं।
शनिवार को बुंदेलखंड क्षेत्र का झांसी जिला प्रदेश में सबसे गर्म दर्ज किया गया, जहां अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग का कहना है कि अब पूर्वी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ पश्चिमी हिस्सों में भी मौसम तेजी से शुष्क होगा और तापमान लगातार बढ़ेगा।
UP Weather Update: पश्चिमी यूपी में थमेगी बारिश, बढ़ेगी तपिश
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रविवार से बूंदाबांदी और हल्की बारिश की गतिविधियां लगभग पूरी तरह खत्म हो जाएंगी। इसके बाद मौसम साफ रहेगा और तेज धूप के चलते दिन का तापमान तेजी से ऊपर जाएगा।
वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि फिलहाल प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान में मिश्रित बदलाव देखने को मिला है। कुछ जिलों में हल्की गिरावट दर्ज की गई, जबकि कई क्षेत्रों में पारा ऊपर चढ़ा। हालांकि अब मौसम स्थिर होने के साथ तापमान में लगातार वृद्धि होने की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले एक सप्ताह के भीतर प्रदेश के कई जिलों में तापमान 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। यदि यही स्थिति बनी रही तो कई शहरों में अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
बुंदेलखंड में सबसे ज्यादा गर्मी का असर
शनिवार को झांसी सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा प्रयागराज और बांदा में तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
अन्य प्रमुख जिलों की बात करें तो:
- हमीरपुर में अधिकतम तापमान 38.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
- उरई में तापमान 37.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
बुंदेलखंड और दक्षिणी यूपी के इलाकों में तेज धूप और सूखी हवाओं की वजह से दिन के समय लोगों को ज्यादा परेशानी महसूस होने लगी है। दोपहर के वक्त सड़कों पर आवाजाही भी कम दिखाई दी।
फिलहाल लू के आसार नहीं, लेकिन सतर्क रहने की जरूरत
मौसम विभाग ने फिलहाल प्रदेश में लू चलने की संभावना से इनकार किया है, लेकिन तापमान में तेज बढ़ोतरी को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मई के दूसरे सप्ताह में तापमान सामान्य से ऊपर जा सकता है। ऐसे में दोपहर के समय बाहर निकलने से बचना, पर्याप्त पानी पीना और बच्चों व बुजुर्गों का खास ध्यान रखना जरूरी होगा।
गर्मी बढ़ने के साथ बिजली की मांग और जल संकट जैसी चुनौतियां भी बढ़ सकती हैं। खासकर ग्रामीण और अर्धशहरी इलाकों में इसका असर ज्यादा देखने को मिल सकता है।
खेती और जनजीवन पर भी दिखेगा असर
मौसम के शुष्क होने का असर खेती-किसानी पर भी पड़ सकता है। खेतों में नमी तेजी से कम होगी, जिससे सिंचाई की जरूरत बढ़ेगी। वहीं शहरों में दोपहर के समय गर्म हवाओं और तेज धूप के कारण आम जनजीवन प्रभावित होने की संभावना है।
मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर अगले कुछ दिनों में नया अपडेट जारी किया जा सकता है।











