प्रयागराज। (Fri, 08 May 2026): उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने प्रयागराज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) मेजा के अधीक्षक डॉ. शमीम अख्तर के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रशासनिक लापरवाही और अधीनस्थ कर्मचारियों पर नियंत्रण न रखने के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए डिप्टी सीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी नाराजगी जाहिर की और विभागीय कार्यवाही के साथ स्थानांतरण के आदेश देने की बात कही।
मामले ने स्वास्थ्य विभाग में हलचल बढ़ा दी है। हालांकि अभी तक स्वास्थ्य विभाग को शासन स्तर से लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुआ है, जिसके बाद औपचारिक कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
CHC मेजा विवाद पर डिप्टी CM ब्रजेश पाठक का सख्त रुख
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक द्वारा शुक्रवार को किए गए पोस्ट में कहा गया कि अस्पताल प्रशासन में गंभीर लापरवाही सामने आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधीक्षक अपने प्रशासनिक दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन नहीं कर पा रहे हैं और अस्पताल के कर्मचारियों पर उनका नियंत्रण भी कमजोर है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि एक्स पर जारी निर्देशों की जानकारी मिल चुकी है, लेकिन अंतिम कार्रवाई के लिए शासन से आधिकारिक पत्र आने का इंतजार किया जा रहा है।
समाजसेवी की शिकायत के बाद बढ़ा मामला
मेजा खास निवासी समाजसेवी अजयकांत ओझा ने शासन को पत्र भेजकर CHC मेजा में तैनात अधीक्षक डॉ. शमीम अख्तर और आयुष चिकित्सक डॉ. रेशमा खान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि डॉ. रेशमा खान नियमित रूप से अस्पताल नहीं आती थीं और सप्ताह में केवल दो या तीन दिन ही उपस्थित रहती थीं।
यह भी आरोप लगाया गया कि ओपीडी रजिस्टर अपने साथ ले जाया जाता था और उपस्थिति पंजिका में पहले से हस्ताक्षर कर दिए जाते थे। शिकायतकर्ता के मुताबिक, अस्पताल प्रशासन इन अनियमितताओं पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहा था।
जांच समिति की रिपोर्ट के बाद आयुष चिकित्सक का तबादला
मामले को गंभीर मानते हुए सीएमओ कार्यालय की ओर से तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद आयुष चिकित्सक डॉ. रेशमा खान का स्थानांतरण फूलपुर CHC कर दिया गया।
हालांकि शिकायतकर्ता अजयकांत ओझा का आरोप है कि अधीक्षक डॉ. शमीम अख्तर के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि उनके विरोध में अस्पताल कर्मचारियों को उकसाकर तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन तक कराया गया।
लिखित आदेश का इंतजार कर रहा स्वास्थ्य विभाग
इस पूरे मामले पर Dr. A.K. Tiwari ने कहा कि शासन स्तर से अभी तक कोई आधिकारिक पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से उप मुख्यमंत्री के निर्देशों की जानकारी मिली है और जैसे ही लिखित आदेश प्राप्त होगा, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रयागराज के स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा यह मामला अब प्रशासनिक जवाबदेही और सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रहा है। वहीं, डिप्टी सीएम के सीधे हस्तक्षेप के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में सतर्कता बढ़ गई है।










