लखनऊ, 14 मई 2026। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को आयोजित ‘UP को बदलने के 9वें वर्ष’ कॉन्क्लेव में राज्य की विकास यात्रा को लेकर विस्तार से अपनी बात रखी। मंच से बोलते हुए उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने केवल बुनियादी ढांचे में ही नहीं, बल्कि सुशासन, कानून-व्यवस्था, कृषि और कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय परिवर्तन देखा है।
मुख्यमंत्री का पूरा संबोधन विकास, निवेश और प्रशासनिक बदलावों के इर्द-गिर्द केंद्रित रहा। उन्होंने दावा किया कि जो उत्तर प्रदेश कभी पिछड़ेपन और अव्यवस्था की पहचान माना जाता था, वही आज देश की सबसे तेजी से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है।
‘7 शहरों में मेट्रो, दिल्ली-मेरठ के बीच नमो भारत’
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहरी परिवहन व्यवस्था को राज्य के बदलते चेहरे का बड़ा उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश के सात शहरों में मेट्रो सेवा संचालित हो रही है, जिससे लाखों लोगों की यात्रा आसान हुई है।
उन्होंने देश की पहली रैपिड रेल ‘नमो भारत’ का जिक्र करते हुए कहा कि दिल्ली से मेरठ के बीच इसकी शुरुआत केवल परिवहन परियोजना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की नई पहचान का प्रतीक है।
योगी ने कहा, “आज उत्तर प्रदेश केवल सड़क और एक्सप्रेसवे तक सीमित नहीं है। हाईस्पीड कनेक्टिविटी और आधुनिक शहरी ढांचा प्रदेश को नई दिशा दे रहा है।”
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सरकार लगातार इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल कर रही है, क्योंकि इनका सीधा असर शहरी विकास और निवेश पर पड़ता है।
किसानों के लिए मुफ्त पानी और सिंचाई नेटवर्क पर जोर
मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र में हुए बदलावों को भी विस्तार से गिनाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगभग 50 लाख हेक्टेयर भूमि को निशुल्क सिंचाई सुविधा उपलब्ध करा रही है। नहरों के आधुनिकीकरण और सरकारी ट्यूबवेल के विस्तार से किसानों को बड़ी राहत मिली है।
उन्होंने दावा किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई व्यवस्था मजबूत होने से खेती की लागत कम हुई है और उत्पादकता बढ़ी है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल शहरों का विकास नहीं, बल्कि गांवों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करना है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कृषि और ग्रामीण विकास पर विशेष ध्यान दिए बिना उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य का समग्र विकास संभव नहीं है।
कानून-व्यवस्था पर भी सरकार ने गिनाईं उपलब्धियां
सुशासन और कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने शुरुआत से ही अपराध नियंत्रण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने दावा किया कि बीते वर्षों में प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर जो सख्त लक्ष्य तय किए गए थे, उनके सकारात्मक परिणाम अब दिखाई दे रहे हैं।
योगी ने कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था का असर निवेश और रोजगार पर भी पड़ा है। उनके मुताबिक, जब सुरक्षा का माहौल मजबूत होता है तो उद्योग और व्यापार दोनों तेजी से आगे बढ़ते हैं।
हालांकि विपक्ष लगातार कानून-व्यवस्था और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरता रहा है, लेकिन मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में विकास और प्रशासनिक सुधारों को सरकार की सबसे बड़ी ताकत बताया।
‘वैश्विक स्तर पर बदली उत्तर प्रदेश की पहचान’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण के दौरान कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश की छवि राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बदली है। उन्होंने दावा किया कि आज राज्य निवेश, औद्योगिक विकास और बुनियादी ढांचे के मामले में नई पहचान बना रहा है।
उन्होंने कहा, “पहले उत्तर प्रदेश को समस्याओं के लिए जाना जाता था, लेकिन अब यह संभावनाओं और विकास मॉडल के रूप में देखा जा रहा है।”
सरकार के मुताबिक, एक्सप्रेसवे नेटवर्क, एयरपोर्ट विस्तार, डिजिटल सेवाओं और औद्योगिक निवेश ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति को नई गति दी है।
राजनीतिक संदेश भी साफ
विशेषज्ञ मानते हैं कि ‘UP को बदलने के 9वें वर्ष’ कॉन्क्लेव केवल सरकारी उपलब्धियों का मंच नहीं था, बल्कि यह आगामी राजनीतिक रणनीति का भी हिस्सा माना जा रहा है। विकास और सुशासन को केंद्र में रखकर भाजपा सरकार जनता के बीच अपने नौ वर्षों का रिपोर्ट कार्ड पेश करने में जुटी है।
मुख्यमंत्री का पूरा भाषण इस बात पर केंद्रित रहा कि उत्तर प्रदेश अब केवल आबादी के लिहाज से बड़ा राज्य नहीं, बल्कि विकास और प्रशासनिक क्षमता के मामले में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।










