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गोरखपुर को मिलेगा वर्ल्ड क्लास स्पोर्ट्स हब, CM योगी शनिवार को करेंगे अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का शिलान्यास

On: May 15, 2026
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CM योगी शनिवार को करेंगे अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का शिलान्यास
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गोरखपुर|15 मई 2026: पूर्वांचल की खेल दुनिया के लिए शनिवार का दिन बेहद खास होने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में बहुप्रतीक्षित अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का भूमि पूजन और शिलान्यास करेंगे। करीब 393 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह अत्याधुनिक स्टेडियम न सिर्फ गोरखपुर, बल्कि पूरे पूर्वी उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की तैयारी में है।

कार्यक्रम में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri और प्रदेश के खेल मंत्री Giriraj Singh Yadav भी मौजूद रहेंगे। सरकार इसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में शामिल कर रही है।

पूर्वांचल को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय खेल मंच

गोरखपुर लंबे समय से शिक्षा, स्वास्थ्य और धार्मिक पर्यटन के लिए पहचाना जाता रहा है, लेकिन अब शहर खेल इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में भी नई छलांग लगाने जा रहा है। ताल नदोर क्षेत्र में बनने वाला यह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम विश्व स्तरीय सुविधाओं से लैस होगा, जहां भविष्य में बड़े क्रिकेट मुकाबलों के साथ अन्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजन भी कराए जा सकेंगे।

सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद 24 दिसंबर 2025 से प्रारंभिक निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया था। औपचारिक शिलान्यास से पहले ही परियोजना की पहली किश्त के रूप में 63.39 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं और लगभग 7 प्रतिशत काम पूरा भी हो चुका है।

लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड-1 (भवन) को परियोजना की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभाग का दावा है कि स्टेडियम का पूरा निर्माण 23 दिसंबर 2027 तक कर लिया जाएगा।

46 एकड़ में फैलेगा आधुनिक क्रिकेट स्टेडियम

गोरखपुर का यह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम करीब 46 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी विशाल दर्शक क्षमता और आधुनिक डिजाइन होगी।

स्टेडियम में एक साथ 30 हजार दर्शक मैच का आनंद ले सकेंगे। पूर्वी और पश्चिमी स्टैंड में लगभग 14,490-14,490 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। इसके अलावा नॉर्थ पवेलियन मीडिया और वीआईपी मेहमानों के लिए तैयार किया जाएगा, जहां 382 मीडियाकर्मी और 208 वीआईपी बैठ सकेंगे। वहीं साउथ पवेलियन में 1708 वीवीआईपी और वीआईपी के लिए विशेष व्यवस्था रहेगी।

मैदान पर खिलाड़ियों के लिए 7 मुख्य प्लेइंग पिच और 4 प्रैक्टिस पिच बनाई जाएंगी। रात्रिकालीन मैचों के आयोजन के लिए इंटरनेशनल स्टैंडर्ड की चार हाई मास्ट लाइट्स भी लगाई जाएंगी।

खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्टेडियम के तैयार होने के बाद पूर्वांचल के खिलाड़ियों को बड़े मंच के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर ही उन्हें बेहतर सुविधाएं और प्रतिस्पर्धी माहौल मिल सकेगा।

कनेक्टिविटी भी बनेगी बड़ी ताकत

स्टेडियम का स्थान भी रणनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ताल नदोर स्थित यह परियोजना गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन हाईवे से जुड़ी हुई है। गोरखपुर एयरपोर्ट यहां से लगभग 24 किलोमीटर और रेलवे स्टेशन करीब 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

यानी बाहर से आने वाले खिलाड़ियों, टीमों और दर्शकों के लिए यहां पहुंचना अपेक्षाकृत आसान रहेगा। यही वजह है कि भविष्य में यहां बड़े क्रिकेट टूर्नामेंट और स्पोर्ट्स इवेंट आयोजित होने की संभावनाएं काफी मजबूत मानी जा रही हैं।

CSR फंड से भी मिलेगा बड़ा सहयोग

इस महत्वाकांक्षी परियोजना में सरकारी बजट के साथ-साथ देश की प्रमुख पेट्रोलियम कंपनियां भी योगदान दे रही हैं। स्टेडियम निर्माण के लिए CSR फंड के तहत कुल 100 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।

जानकारी के मुताबिक, Indian Oil Corporation 60 करोड़ रुपये, Bharat Petroleum 30 करोड़ रुपये और Hindustan Petroleum 10 करोड़ रुपये की सहायता देंगी। इसके लिए एमओयू की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और धनराशि आवंटन की प्रक्रिया जारी है।

गोरखपुर के लिए क्यों खास है यह प्रोजेक्ट?

गोरखपुर ग्रामीण से विधायक विपिन सिंह का कहना है कि यह स्टेडियम सिर्फ एक खेल परिसर नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की नई पहचान बनने वाला है। उनका मानना है कि इससे गोरखपुर में रोजगार, पर्यटन और स्थानीय व्यापार को भी बड़ा फायदा मिलेगा।

दरअसल, पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश सरकार खेल सुविधाओं के विस्तार पर लगातार जोर दे रही है। लखनऊ, वाराणसी और नोएडा के बाद अब गोरखपुर में इतने बड़े स्तर पर स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास यह संकेत देता है कि सरकार पूर्वांचल को भी खेल के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करना चाहती है।

अगर परियोजना तय समय पर पूरी होती है, तो आने वाले वर्षों में गोरखपुर सिर्फ धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के लिए भी जाना जाएगा।

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