श्री सत्य साईं(Fri, 15 May 2026): भारत की रक्षा क्षमता को नई ऊंचाई देने की दिशा में शुक्रवार को एक बड़ा कदम उठाया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने श्री सत्य साईं जिले में करीब 16,000 करोड़ रुपये की उन्नत लड़ाकू विमान परियोजना की आधारशिला रखी। यह परियोजना देश के महत्वाकांक्षी पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान कार्यक्रम AMCA (Advanced Medium Combat Aircraft) से जुड़ी है।
रक्षा मंत्री ने इस मौके को “भारत के रक्षा इतिहास का ऐतिहासिक अध्याय” बताते हुए कहा कि आंध्र प्रदेश अब केवल औद्योगिक राज्य नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले वर्षों में देश के प्रमुख सैन्य-तकनीकी केंद्र के रूप में उभरेगा।
AMCA Project Andhra Pradesh से रक्षा क्षेत्र को मिलेगी नई ताकत
श्री सत्य साईं जिले के पुट्टापर्थी में स्थापित की जा रही यह परियोजना एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) के नेतृत्व में विकसित होगी, जो डीआरडीओ का हिस्सा है। यहां अत्याधुनिक विमान एकीकरण (Aircraft Integration) और एडवांस फ्लाइट टेस्टिंग सेंटर तैयार किया जाएगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ऐसी सुविधाएं दुनिया के बहुत कम देशों के पास हैं। यह केंद्र भारत को स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान विकसित करने की दिशा में आत्मनिर्भर बनाएगा।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत ने रक्षा निर्माण के क्षेत्र में जिस तेजी से प्रगति की है, यह परियोजना उसी परिवर्तन का अगला चरण है। उनके मुताबिक, देश का रक्षा उत्पादन 2014 के 46,000 करोड़ रुपये से बढ़कर अब 1.54 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है।
कर्नूल बनेगा देश का नया ड्रोन हब
कार्यक्रम के दौरान यह भी घोषणा की गई कि आठ निजी ड्रोन कंपनियां मिलकर कर्नूल में “ड्रोन सिटी” विकसित करेंगी। यह परियोजना ‘मेक इन इंडिया’ और रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा देने की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि जिस तरह सूरत डायमंड इंडस्ट्री और बेंगलुरु आईटी सेक्टर के लिए पहचान रखते हैं, उसी तरह आने वाले समय में कर्नूल वैश्विक ड्रोन निर्माण केंद्र के रूप में जाना जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक युद्ध में ड्रोन तकनीक की भूमिका तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में कर्नूल का यह प्रोजेक्ट भारत को रक्षा तकनीक के नए दौर में मजबूत स्थिति दिला सकता है।
तारपीडो से लेकर एडवांस हथियार प्रणाली तक होगा निर्माण
इस रक्षा कॉरिडोर के तहत कई अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं की भी शुरुआत हुई। भारत डायनामिक्स लिमिटेड (BDL) उन्नत स्वायत्त अंडरवॉटर सिस्टम, तारपीडो और काउंटरमेजर सिस्टम विकसित करेगा। इस परियोजना में करीब 480 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।
वहीं, भारत फोर्ज की सहायक कंपनी ‘अग्न्यास्त्र’ भविष्य की युद्ध तकनीकों के अनुरूप एडवांस हथियार प्रणालियों का निर्माण करेगी, जिसमें लगभग 1,500 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।
इसके अलावा HFCL द्वारा विद्युत फ्यूज निर्माण सुविधा स्थापित की जाएगी, जिस पर लगभग 1,294 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इन परियोजनाओं को भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना की भविष्य की जरूरतों से जोड़कर देखा जा रहा है।
“आंध्र प्रदेश रक्षा और रोजगार दोनों का केंद्र बनेगा” — नायडू
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि AMCA परियोजना केवल रक्षा क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य में बड़े पैमाने पर रोजगार और औद्योगिक विकास को भी गति देगी।
उन्होंने बताया कि पुट्टापर्थी में 650 एकड़ भूमि पर विकसित हो रही इस परियोजना के साथ एक समर्पित टाउनशिप भी तैयार की जाएगी, जिससे लगभग 7,500 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।
नायडू ने यह भी कहा कि आंध्र प्रदेश आने वाले वर्षों में सोने के उत्पादन का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि कर्नूल जिले के जन्नागिरी गोल्ड फील्ड से इस वर्ष खनन शुरू होगा। पहले वर्ष में 600 किलोग्राम और दूसरे वर्ष में 1,500 किलोग्राम सोने के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।
रक्षा निर्यात में भारत की बड़ी छलांग
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि भारत अब रक्षा क्षेत्र में केवल आयातक देश बनकर नहीं रहना चाहता। उन्होंने बताया कि भारत का रक्षा निर्यात 2014 में करीब 600 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 40,000 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आत्मनिर्भरता बेहद जरूरी है और आज शुरू हुई परियोजनाएं भारत को उसी दिशा में आगे बढ़ाएंगी।
विशेषज्ञों के मुताबिक, आंध्र प्रदेश में शुरू हुई ये परियोजनाएं केवल औद्योगिक निवेश नहीं हैं, बल्कि भारत के रक्षा इकोसिस्टम को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की रणनीति का हिस्सा हैं।











