गोरखपुर|15 मई 2026: वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, बढ़ती महंगाई और ऊर्जा संकट के दौर में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को गोरखपुर में आयोजित ‘प्रबुद्धजन संवाद’ कार्यक्रम में कहा कि आज पूरी दुनिया कई तरह की चुनौतियों से जूझ रही है, लेकिन भारत ने इन परिस्थितियों में भी समाधान का रास्ता खोज लिया है। उन्होंने लोगों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील को गंभीरता से लेने और आत्म अनुशासन के साथ राष्ट्रीय जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का आग्रह किया।
राप्तीनगर स्थित विट्टू मैरेज हाल में भाजपा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि समय केवल आलोचना करने का नहीं, बल्कि सजग और जिम्मेदार नागरिक बनने का है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब-जब दुनिया संकट में फंसी, भारत ने समाधान देने का काम किया। आज भी भारत उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है।
CM योगी आदित्यनाथ ने ऊर्जा संकट और वैश्विक हालात पर जताई चिंता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, विशेषकर अमेरिका और ईरान के बीच बने युद्ध जैसे हालात का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका असर पूरी दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि कई देशों में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं, जबकि यूरोप और अरब देशों में भी हालात सामान्य नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईंधन बचाने, अनावश्यक विदेश यात्राओं से बचने और सोने की खरीद सीमित रखने की अपील दूरदर्शी नेतृत्व का उदाहरण है। योगी ने कहा कि आने वाले समय में ऊर्जा संरक्षण केवल विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता बनने जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने लोगों से सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रिक वाहनों, सार्वजनिक परिवहन और कार पूलिंग जैसे उपायों को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज की पारंपरिक जीवनशैली हमेशा संतुलन और सीमित संसाधनों में बेहतर जीवन जीने की प्रेरणा देती रही है। जरूरत इस बात की है कि आधुनिक जीवन में भी उसी सोच को अपनाया जाए।
कोरोना प्रबंधन से लेकर विकास मॉडल तक, भारत की उपलब्धियां गिनाईं
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 11-12 वर्षों में भारत ने वैश्विक स्तर पर नई पहचान बनाई है। उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान भारत के प्रबंधन को दुनिया के लिए उदाहरण बताया। योगी ने कहा कि अमेरिका जैसे विकसित देश में भारत की तुलना में कहीं अधिक मौतें हुईं, जबकि भारत ने सीमित संसाधनों के बावजूद प्रभावी प्रबंधन किया।
उन्होंने प्रबुद्ध वर्ग से अपील की कि वे युवाओं को यह बताएं कि एक दशक पहले देश और प्रदेश की स्थिति क्या थी और आज किस तरह बदलाव आया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई पीढ़ी को यह समझाना जरूरी है कि पहले उत्तर प्रदेश किन समस्याओं से जूझता था।
‘पहले दंगा और डर था, अब विकास और सुरक्षा है’
CM योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था, बिजली, सड़क, रोजगार और सुरक्षा जैसी बुनियादी समस्याएं आम थीं। उन्होंने कहा कि व्यापारी गुंडा टैक्स देने को मजबूर थे, डॉक्टर भय में काम करते थे और बेटियों की सुरक्षा चिंता का विषय बनी रहती थी।
उन्होंने कहा कि आज प्रदेश की तस्वीर बदली है। अब उत्तर प्रदेश विकास, निवेश, सुरक्षा और रोजगार के नए मॉडल के रूप में सामने आ रहा है। गोरखपुर का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने इंसेफेलाइटिस की समस्या का जिक्र किया और कहा कि पहले माता-पिता बच्चों के जीवन को लेकर डरे रहते थे, जबकि अब हालात बदल चुके हैं।
बंगाल चुनाव परिणाम पर भी बोले मुख्यमंत्री
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बंगाल में “कमल खिलने” से पूरे देश में खुशी का माहौल है और वहां सुरक्षा का नया वातावरण बनने की उम्मीद जगी है। योगी ने कहा कि भले ही लोग अलग-अलग राज्यों में रहते हों, लेकिन देश सर्वोपरि की भावना हर भारतीय के जीवन का हिस्सा होनी चाहिए।
कार्यक्रम में भाजपा महानगर संयोजक राजेश गुप्ता ने स्वागत भाषण दिया, जबकि राप्तीनगर मंडल अध्यक्ष प्रशांत विश्वकर्मा ने आभार व्यक्त किया। इस दौरान महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय, विधायक विपिन सिंह, पार्षद पूनम सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता वशिष्ठ मिश्रा और अन्य कई प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।










