कुशीनगर|02 जून 2026: पूर्वी उत्तर प्रदेश की कृषि व्यवस्था को नई दिशा देने की महत्वाकांक्षी योजना के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कुशीनगर कृषि विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि लगभग 450 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रहा यह विश्वविद्यालय किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक कृषि तकनीकों को गांव-गांव तक पहुंचाने और क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं होगा, बल्कि पूर्वांचल के किसानों के लिए शोध, नवाचार और आधुनिक खेती का प्रमुख केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना किसानों के जीवन में खुशहाली लाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
कुशीनगर कृषि विश्वविद्यालय में इसी सत्र से शुरू होंगे प्रवेश
निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि सरकार की प्राथमिकता विश्वविद्यालय को जल्द से जल्द संचालित करने की है। उन्होंने कहा कि नए शैक्षणिक सत्र से ही प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी चल रही है।
स्थायी परिसर का निर्माण पूरा होने तक छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए अस्थायी व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दो से तीन महीने के लिए किराये के भवन अथवा जिला प्रशासन के सहयोग से वैकल्पिक परिसर में शैक्षणिक गतिविधियां शुरू की जाएंगी।
उन्होंने बताया कि कृषि मंत्री जल्द ही यहां आकर सत्र प्रारंभ कराने से जुड़ी आवश्यक औपचारिकताओं को अंतिम रूप देंगे। सरकार की कोशिश है कि सितंबर या अक्टूबर तक विश्वविद्यालय का औपचारिक उद्घाटन भी कर दिया जाए।
आधुनिक तकनीक से किसानों की आय बढ़ाने पर रहेगा फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुशीनगर कृषि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं है, बल्कि किसानों को आधुनिक खेती की तकनीकों से जोड़ना भी है। विश्वविद्यालय में ऐसे शोध और प्रशिक्षण कार्यक्रम विकसित किए जाएंगे, जिनसे किसानों की लागत कम हो और उत्पादन में वृद्धि हो सके।
उन्होंने कहा कि आज कृषि क्षेत्र में तकनीक का महत्व तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में विश्वविद्यालय किसानों को नई फसल किस्मों, उन्नत बीजों, जल प्रबंधन, प्राकृतिक खेती और कृषि आधारित उद्यमों की जानकारी उपलब्ध कराएगा। इससे किसानों की आमदनी बढ़ाने के लक्ष्य को गति मिलेगी।
कुशीनगर अब पिछड़ेपन की पहचान नहीं, विकास का नया केंद्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कुशीनगर की पहचान अब पिछड़े जिले के रूप में नहीं रही। बीते वर्षों में यहां कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव हुए हैं।
उन्होंने कहा कि कभी इंसेफेलाइटिस जैसी गंभीर बीमारी के लिए चर्चा में रहने वाला यह क्षेत्र अब विकास की नई कहानी लिख रहा है। अपराध और माफियागिरी पर प्रभावी नियंत्रण के साथ जिले में निवेश और विकास परियोजनाओं का विस्तार हुआ है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, आज कुशीनगर में विकास और उत्सव का माहौल दिखाई देता है और यह जिला पूर्वी उत्तर प्रदेश के विकास मॉडल के रूप में उभर रहा है।
सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य परियोजनाओं से बदल रही तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले में मेडिकल कॉलेज, तकनीकी शिक्षण संस्थानों और सड़क परियोजनाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। गोरखपुर-सिलीगुड़ी कॉरिडोर समेत कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाएं क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई मजबूती देंगी।
उन्होंने बताया कि देवरिया-कुशीनगर फोरलेन परियोजना को पहले ही स्वीकृति मिल चुकी है। इसके अलावा नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर के तहत क्षेत्र को प्रयागराज और अन्य प्रमुख शहरों से जोड़ने की योजनाओं पर भी कार्य चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर सड़क नेटवर्क से व्यापार, कृषि विपणन और पर्यटन को भी बड़ा लाभ मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से बढ़ेंगी संभावनाएं
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कुशीनगर को पहले ही अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की सौगात मिल चुकी है, जिससे क्षेत्र के विकास की संभावनाएं और बढ़ गई हैं। आने वाले समय में नए विमान संचालन शुरू होने के साथ हवाई संपर्क और मजबूत होगा।
उन्होंने कहा कि सड़क, रेल और हवाई संपर्क के बेहतर होने से कृषि उत्पादों के विपणन, पर्यटन गतिविधियों और निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि कुशीनगर कृषि विश्वविद्यालय और अन्य विकास परियोजनाएं मिलकर पूर्वी उत्तर प्रदेश को कृषि, शिक्षा और आर्थिक विकास के नए केंद्र के रूप में स्थापित करेंगी।
पत्रकार वार्ता के दौरान कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, कुशीनगर सांसद विजय दुबे, गोरखपुर सांसद रवि किशन, विधायक मोहन वर्मा तथा विवेकानंद पांडेय सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।









